एक्सप्लोरर

विधानसभा चुनाव 2026

(Source:  Poll of Polls)

यूक्रेन पर हमला करने के लिए रूस कर सकता है 'फॉल्स फ्लैग' का इस्तेमाल, जानें क्या है ‘फॉल्स फ्लैग हमला’

रूस और यूक्रेन के बीच विवाद काफी गर्माता दिख रहा है. इस बीच अमेरिकी अधिकारियों ने आगाह किया है कि रूस ‘‘फॉल्स फ्लैग’’ अभियान के जरिए यूक्रेन पर हमला करने की तैयारी कर रहा है.

अमेरिकी अधिकारी पिछले कुछ हफ्तों से कई बार आगाह कर चुके हैं कि रूस ऐसी योजना बना रहा है कि उसकी सेना पर हमला होता दिखे और वह इसकी तस्वीरें दुनिया को दिखा सके. अमेरिकी अधिकारियों का आरोप है कि इस तरह का ‘‘फॉल्स फ्लैग’’ अभियान रूस को यूक्रेन पर हमला करने का बहाना प्रदान करेगा.

‘‘फॉल्स फ्लैग’’ एक ऐसी सैन्य कार्रवाई होती है जहां पर एक देश छिपकर, जानबूझकर स्वयं की संपत्ति, इंसानी जान को नुकसान पहुंचाता है जबकि दुनिया के सामने वह यह बताता है कि उसके दुश्मन देश ने ऐसा किया है. इसकी आड़ में ऐसा करने वाला देश अपने शत्रु देश पर हमला कर देता है.

सैटेलाइट के कारण नहीं हो सकते ‘‘फॉल्स फ्लैग’’ हमले

इस योजना का भंडाफोड़ करते हुए बाइडन प्रशासन क्रेमलिन को युद्ध को जायज ठहराने वाले इस तरह का आधार बनाने से रोकना चाहता है. लेकिन इस तरह के ‘‘फॉल्स फ्लैग’’ हमले अब नहीं हो सकते, क्योंकि उपग्रह से ली गई तस्वीरें और मैदान के सजीव वीडियो व्यापक रूप से और तुरंत इंटरनेट पर साझा किए जाते हैं. ऐसे में आज फॉल्स फ्लैग हमले की जिम्मेदारी से बचना एक मश्किल काम है.

‘‘फॉल्स फ्लैग’’ हमला और इसमें शामिल आरोपी देशों का एक लंबा इतिहास रहा है. इस शब्द की उत्पत्ति समुद्री लुटेरों के लिए हुई जो मैत्रीपूर्ण (और झूठे) झंडों को लगाकर व्यापारी जहाजों को पर्याप्त रूप से नजदीक आने के लिए आकर्षित करते थे ताकि उन पर हमला किया जा सके.

बीसवीं शताब्दी में हुआ ‘‘फॉल्स फ्लैग’’ का इस्तेमाल

बीसवीं शताब्दी में ‘‘फॉल्स फ्लैग’’ से जुड़े कई मामले हैं. वर्ष 1939 में नाजी जर्मनी के एजेंटों ने पोलैंड की सीमा के निकट एक जर्मन रेडियो स्टेशन से जर्मन-विरोधी संदेश प्रसारित किए. उन्होंने कई नागरिकों की भी हत्या कर दी, जिन्हें उन्होंने पोलैंड पर जर्मनी के नियोजित आक्रमण का बहाना बनाने के लिए पोलिश सैन्य वर्दी पहनाई थी. उसी वर्ष सोवियत संघ ने फिनलैंड की सीमा के पास से सोवियत क्षेत्र में गोले दागे और फिनलैंड को दोषी ठहराया.

अमेरिका को भी इसी तरह की साजिशों में फंसाया गया है. ‘ऑपरेशन नॉर्थवुड्स’ का प्रस्ताव अमेरिकियों को मारने और कास्त्रो पर हमला करने का आरोप लगाने के लिए था, ताकि सेना को क्यूबा पर आक्रमण करने का बहाना मिल जाए. हालांकि कैनेडी प्रशासन ने अंततः योजना को खारिज कर दिया.

वर्ष 1898 में जहाज ‘यूएसएस मेन’ का डूबना और 1964 में टोंकिन की खाड़ी की घटना- जिनमें से प्रत्येक को युद्ध को जायज ठहराने का एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया था - को संभावित ‘फॉल्स फ्लैग’ हमलों में शामिल किया जाता है, लेकिन इन आरोपों का समर्थन करने वाले सबूत कमजोर हैं.

वैश्विक मौजूदगी और दुष्प्रचार

हाल में आरोप लगाया गया था कि बुश प्रशासन ने नागरिक स्वतंत्रता पर प्रतिबंधों को सही ठहराने और इराक पर हमला करने की नींव रखने के लिए ट्विन टावरों को नष्ट करने की योजना बनाई थी. अगर लोग मानते हैं कि फॉल्स फ्लैग हमले होते हैं, तो इसका कारण यह नहीं कि ऐसा होना आम बात है. बल्कि लोग समझते हैं कि राजनेता भ्रष्ट होते हैं और संकटों का लाभ उठाते हैं. उदाहरण के लिए बुश प्रशासन ने 9/11 के हमलों का इस्तेमाल इराक पर अपने आक्रमण के लिए समर्थन जुटाने में किया था.

विश्वसनीयता की चुनौती

यह मानने की इच्छा कि नेता इस तरह के अत्याचार करने में सक्षम हैं, दुनियाभर में सरकारों के प्रति बढ़ते अविश्वास को दर्शाता है. संयोगवश यह ‘फॉल्स फ्लैग’’ हमलों को अंजाम देने का इरादा रखने वाले नेताओं के लिए मामलों को जटिल बनाता है. इसके अलावा स्वतंत्र जांचकर्ता के कारण सरकारों के लिए कानूनों और अंतरराष्ट्रीय मानदंडों के गंभीर उल्लंघन से बचना मुश्किल हो जाता है.

‘‘फॉल्स फ्लैग’’ का विकल्प

रूस के पास आक्रमण के लिए अन्य विकल्प हैं. वर्ष 2014 में क्रीमिया में अपनी घुसपैठ की शुरुआत में क्रेमलिन ने यूक्रेन के प्रतिरोध को रोकने और घरेलू सहमति हासिल करने के लिए जिस उपाय का इस्तेमाल किया उसमें दुष्प्रचार और धोखा शामिल था. इसके विपरीत फॉल्स फ्लैग अभियान जटिल है और शायद अधिक नाटकीय है, जो अवांछित जांच को आमंत्रित करता है. फॉल्स फ्लैग हमले जोखिम भरे होते हैं, जबकि जायज आधार बनाने के इच्छुक नेताओं के पास सूक्ष्म और कम खर्चीले वाले विकल्पों की भरमार है जिसमें से वह किसी का भी चयन कर सकते हैं.

इसे भी पढ़ेंः
चांदी का चम्मच लेकर पैदा हुए राहुल, प्रियंका और अखिलेश, यही लोग उड़ाते थे जन धन खाते का मजाक : जेपी नड्डा

बर्फ से ढके पहाड़ी इलाकों में वैक्सीन पहुंचाने के लिए सेना का जुगाड़, ड्रोन से कर रहे सप्लाई

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

London News: लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में चाकू बाजी, दो याहूदियों को बनाया निशाना, हमलावर अरेस्ट
लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में चाकू बाजी, दो याहूदियों को बनाया निशाना, हमलावर अरेस्ट
ईरान ने 21 लोगों को फांसी के फंदे पर लटकाया, युद्ध के बाद से अब तक 4 हजार से ज्यादा गिरफ्तारी, UN बोला-आखिर चल क्या रहा?
ईरान ने 21 लोगों को फांसी के फंदे पर लटकाया, युद्ध के बाद से अब तक 4 हजार से ज्यादा गिरफ्तारी, UN बोला-आखिर चल क्या रहा?
ईरान से जुड़े हैकर्स ने 2,000 से अधिक अमेरिकी सैनिकों का डेटा लीक किया, पेंटागन ने शुरू की जांच, रिपोर्ट में बड़ा दावा
ईरान से जुड़े हैकर्स ने 2,000 से ज्यादा यूएस सैनिकों का डेटा किया लीक, एक्शन में पेंटागन, रिपोर्ट में बड़ा दावा
ईरान की अंदरूनी ‘पावर वॉर’ में गालिबाफ बनाम जलीली! क्या बिखर जाएगी आयतुल्लाह की सत्ता, अमेरिका को कैसे मिल रहा फायदा?
ईरान की अंदरूनी ‘पावर वॉर’ में गालिबाफ बनाम जलीली! क्या बिखर जाएगी आयतुल्लाह की सत्ता?

वीडियोज

Bengal Elections Phase 2 Voting: कोलकाता में शुभेंदु के घेराव पर का बड़ा खुलासा | Suvendu Adhikari
UP Ganga Expressway Inauguration: 'विकसित भारत की हस्तरेखाएं हैं एक्सप्रेसवे'-PM Modi
Bengal Election Phase 2 Voting: 'मर जाएंगे पर हटेंगे नहीं!', फाइनल राउंड में ममता बनर्जी!
Bengal Elections Phase 2 Voting: Bhawanipur में Suvendu का 'हनुमान' अवतार!, 142 सीटों पर मतदान!
Phase 2 Voting in Bengal:क्या बचेगा Mamta का गढ़? 142 सीटों पर Voting! | TMC Vs BJP | PM Modi

फोटो गैलरी

Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
London News: लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में चाकू बाजी, दो याहूदियों को बनाया निशाना, हमलावर अरेस्ट
लंदन के गोल्डर्स ग्रीन इलाके में चाकू बाजी, दो याहूदियों को बनाया निशाना, हमलावर अरेस्ट
यूपी में दंगे और मार-काट जारी रहे...?, अखिलेश यादव की इस बात पर भड़के मंत्री ओम प्रकाश राजभर
यूपी में दंगे और मार-काट जारी रहे...?, अखिलेश यादव की इस बात पर भड़के मंत्री ओम प्रकाश राजभर
भ्रष्टाचार के आरोपों से हिला श्रीलंका क्रिकेट! सरकार ने किया सीधा टेकओवर, जानें क्या है मामला
भ्रष्टाचार के आरोपों से हिला श्रीलंका क्रिकेट! सरकार ने किया सीधा टेकओवर, जानें क्या है मामला
Michael BO: 'माइकल' का बॉक्स ऑफिस पर कब्जा, 4 दिनों में ही 'धुरंधर 2' के लाइफटाइम कलेक्शन को पछाड़ा, बनाया ये रिकॉर्ड
'माइकल' का बॉक्स ऑफिस पर कब्जा, 4 दिनों में ही 'धुरंधर 2' के लाइफटाइम कलेक्शन को पछाड़ा
महाराष्ट्र MLC चुनाव: उद्धव गुट के अंबादास दानवे को समर्थन देगी या नहीं? कांग्रेस ने साफ किया रुख
महाराष्ट्र MLC चुनाव: उद्धव गुट के अंबादास दानवे को समर्थन देगी या नहीं? कांग्रेस ने साफ किया रुख
ईरान ने 21 लोगों को फांसी के फंदे पर लटकाया, युद्ध के बाद से अब तक 4 हजार से ज्यादा गिरफ्तारी, UN बोला-आखिर चल क्या रहा?
ईरान ने 21 लोगों को फांसी के फंदे पर लटकाया, युद्ध के बाद से अब तक 4 हजार से ज्यादा गिरफ्तारी, UN बोला-आखिर चल क्या रहा?
NSG Commandos Liquor Quota: क्या ब्लैक कैट कमांडोज को भी मिलता है शराब का कोटा, कितनी सस्ती मिलती है शराब?
क्या ब्लैक कैट कमांडोज को भी मिलता है शराब का कोटा, कितनी सस्ती मिलती है शराब?
गेहूं के बाद लगाएं ये 4 फसलें, कम लागत में जमीन बनेगी सोना और मुनाफा होगा दोगुना
गेहूं के बाद लगाएं ये 4 फसलें, कम लागत में जमीन बनेगी सोना और मुनाफा होगा दोगुना
Embed widget