पीएम मोदी के मलेशिया दौरे पर पहुंचते ही टेंशन में आया पाकिस्तान, PAK नेवी चीफ ने लगाई दौड़, जानें क्या हुआ फिर
पीएम मोदी के मलेशिया दौरे के बीच पाकिस्तान के नेवी चीफ एडमिरल नावीद अशरफ ने भी मलेशिया का दौरा किया. दोनों पक्षों ने समुद्री डकैती, आतंकवाद और समुद्री चुनौतियों के लिए सहयोग के महत्व पर जोर दिया.

पाकिस्तान के नेवी चीफ एडमिरल नावीद अशरफ ने मलेशिया का दौरा किया. रॉयल मलेशियाई नौसेना मुख्यालय पहुंचने पर एडमिरल नवीद अशरफ का स्वागत रॉयल मलेशियाई नौसेना के प्रमुख एडमिरल डॉ. ज़ुल्हेल्मी बिन इथनैंन ने किया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया. बैठकों के दौरान दोनों पक्षों ने रणनीतिक मामलों, क्षमता निर्माण और समुद्री सुरक्षा चुनौतियों के समाधानों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की.
पाकिस्तान के नेवी चीफ का दौरा उस समय हुआ, जब भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मलेशिया के दौरे पर थे. पीएम मोदी ने रविवार को मलेशिया में अपने समकक्ष अनवर इब्राहीम के साथ द्विपक्षीय बैठक की, जिसमें रक्षा और आर्थिक संबंधों को मजबूत बनाने पर जोर दिया गया. दोनों देशों ने रक्षा और सुरक्षा, सेमीकंडक्टर और व्यापार के क्षेत्रों में सहयोग को गहरा करने को लेकर कई पहलुओं पर बात की.
आईएसपीआर ने क्या बताया
पाकिस्तानी सेना की मीडिया विंग इंटर-सर्विसेज पब्लिक रिलेशंस (आईएसपीआर) के अनुसार, एडमिरल नवीद अशरफ ने क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा देने में पाकिस्तानी नौसेना की भूमिका पर बात की, विशेष रूप से क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा गश्ती दल (आरएमएसपी) और संयुक्त समुद्री बलों (सीएमएफ) में भागीदारी पर चर्चा की. इसके अलावा पाक नेवी चीफ ने मलेशिया के राष्ट्रीय जलविज्ञान केंद्र का भी दौरा किया. जहां प्रशिक्षण, डेटा शेयरिंग और पेशेवर जुड़ाव जैसे क्षेत्रों में पाकिस्तान के राष्ट्रीय जलविज्ञान कार्यालय के साथ सहयोग को मजबूत करने पर चर्चा हुई.
किन-किन मुद्दों पर हुई चर्चा
पाकिस्तानी नौसेना ने कहा कि इस यात्रा ने पाकिस्तान-मलेशिया नौसैनिक साझेदारी और भविष्य के समुद्री सहयोग के प्रति प्रतिबद्धता की पुष्टि की. बयान में कहा गया कि दोनों पक्षों ने नौसैनिक जुड़ाव का विस्तार करने, प्रशिक्षण और सूचना साझा करने जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की. दोनों पक्षों ने समुद्री डकैती, आतंकवाद और सुरक्षित समुद्री संचार मार्गों को सुनिश्चित करने समेत समुद्री चुनौतियों के लिए सहयोग के महत्व पर जोर दिया. नावीद अशरफ ने इस दौरान मलेशिया के साथ रक्षा संबंधों को गहरा करने में पाकिस्तान की रुचि को दोहराया. पाकिस्तान और मलेशिया के रिश्ते 1957 में राजनयिक संबंध स्थापित होने के बाद से काफी घनिष्ठ रहे हैं.
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