पाकिस्तान और सऊदी के बीच हो गई एक और बड़ी डील, अब ISI और GID मिलकर करेगी खेल! भारत को टेंशन
Pakistan-Saudi Deal: इस रणनीतिक साझेदारी को लेकर सऊदी अरब का एक हाई लेवल रक्षा प्रतिनिधिमंडल अगले माह पाकिस्तान का दौरा करेगा. इसका मकसद खुफिया सहयोग पर विस्तार से चर्चा करना होगा.

पाकिस्तान और सऊदी अरब के बीच हाल ही में हुए डिफेंस एग्रीमेंट के बाद एक और बड़ी डील साइन हुई है. ये डील कॉमन इंटेलिजेंस सिस्टम बनाने को लेकर है. दोनों कट्टर सुन्नी इस्लामिक मुल्कों के बीच ज्वाइंट इंटेलिजेंस मैकेनिज्म बनाने के पीछे का मकसद राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई में आपसी तालमेल को मजबूत करना बताया जा रहा है.
रिपोर्ट के मुताबिक, यह कमेटी दोनों देशों के टॉप अधिकारियों और अन्य संवेदनशील व्यक्तियों को संभावित खतरों या हमलों से बचाने के लिए काम करेगी. न्यूज-18 की रिपोर्ट के मुताबिक इस पहल के तहत इस्लामाबाद और रियाद के बीच एक खुफिया हॉटलाइन स्थापित की जाएगी ताकि रेगुलर और रियल टाइम में खुफिया जानकारी शेयर की जा सके.
दोनों अपने सुरक्षा ढांचे को करेंगे मजबूत
पाकिस्तान के शीर्ष सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक इस समझौते के तहत दोनों सरकारें इस बात पर सहमत हुई हैं कि बदलते जियो-पॉलिटिकल हालात में पाकिस्तान और सऊदी अरब को आपसी सहयोग से अपने-अपने सुरक्षा ढांचे को और मजबूत करना होगा. ये नई व्यवस्था जॉइंट इंटेलिजेंस कमेटी के इर्द-गिर्द की जाएगी, जो राष्ट्रीय सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी गतिविधियों पर नजर रखेगी.
ISI-GID बनाएंगी स्पेशल इंटेलिजेंस सेल्स
डील के मुताबिक अब पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) और सऊदी अरब की जनरल इंटेलिजेंस प्रेसिडेंसी (GID) अपने-अपने मुख्यालयों में स्पेशल इंटेलिजेंस सेल्स बनाएंगी. इनका काम खुफिया जानकारी जुटाना, खतरे का आकलन करना और सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए कॉर्डिनेटेड कार्रवाई करना होगा.
दोनों देशों के खुफिया अधिकारियों के लिए संयुक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम भी शुरू किए जाएंगे. इसमें न सिर्फ डेटा शेयरिंग सिस्टम शामिल होगा, बल्कि आतंकवाद-रोधी अभियानों के लिए अग्रिम चेतावनी जारी करने की व्यवस्था भी बनाई जाएगी.
पाकिस्तान जाएगा सऊदी रक्षा प्रतिनिधिमंडल
इस रणनीतिक साझेदारी को लेकर सऊदी अरब का एक हाई लेवल रक्षा प्रतिनिधिमंडल अगले माह पाकिस्तान का दौरा करेगा. इस दौरे का मकसद समझौते की प्रगति की समीक्षा करना और खुफिया सहयोग से जुड़े ढांचे पर विस्तार से चर्चा करना होगा. अधिकारियों का कहना है कि यह दौरा नई समिति द्वारा तय की गई पहल को अंजाम तक पहुंचाने की दिशा में एक ठोस कदम होगा.
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