पाकिस्तान ने फिर अलापा कश्मीर राग, आर्टिकल 370 पर गिड़गिड़ाए शहबाज
पाक पीएम ने भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए जम्मू-कश्मीर पर अपना हक जताया और भारत पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया. यही नहीं उन्होंने आर्टिकल 370 को दोबारा बहाल करने की भी मांग की.

पाकिस्तान की माली हालत खस्ता है, लोग भुखमरी का शिकार हैं और उसके आतंकी कारमानों की पोल समय-समय पर खुलती रही है, लेकिन पड़ोसी मुल्क के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ अपने देश के हालात संभालने की बजाय भारत के अंदरूनी मामलों पर बेतुके और बड़बोले बयान देने से बाज नहीं आते हैं. जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने की सातवीं बरसी पर शहबाज ने फिर वही पुराना घिसा-पिटा राग अलापा है.
शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है, जिसमें उन्होंने जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटाए जाने को लेकर फिर रोना रोया है. वह पीओके (PoK) में जनता के भारी विरोध और आंतरिक संकट से ध्यान भटकाने के लिए यह राग अलाप रहे हैं, यह तब और अहम हो जाता है, जब पीओके में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारियों ने पाकिस्तान की हुकूमत और सेना के खिलाफ मोर्चा खोल रखा है और बड़े पैमान पर प्रदर्शन कर रहे हैं.
पाक पीएम ने भारत के खिलाफ उगला जहर
पाक पीएम ने भारत के खिलाफ जहर उगलते हुए जम्मू-कश्मीर पर अपना हक जताया और भारत पर अवैध कब्जा करने का आरोप लगाया. यही नहीं उन्होंने आर्टिकल 370 को दोबारा बहाल करने की भी मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि भारत जम्मू-कश्मीर की डेमोग्राफी बदलने की कोशिश कर रहा है.
क्या बोले शहबाज शरीफ?
उन्होंने एक्स पर पोस्ट में लिखा, 'भारत के 5 अगस्त 2019 को 'अवैध रूप से अधिकृत' जम्मू और कश्मीर में की गई 'एकतरफा और अवैध कार्रवाई' को सात साल पूरे हो चुके हैं. ऐसे में, किसी भी प्रकार की बयानबाजी जम्मू और कश्मीर की 'विवादित' स्थिति को नहीं बदल सकती और न ही अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों में निहित वहां के लोगों के अधिकारों को नकार सकती है.'
शरीफ ने आगे लिखा, 'IIOJK' की 'हकीकत' यह है कि लंबे समय से चली आ रही भारी सैन्य उपस्थिति और कठोर कानूनों के चलते भारत 'जनसांख्यिकीय हेरफेर को अंजाम दे रहा है, जिसका मकसद क्षेत्र की मुस्लिम-बहुसंख्यक स्थिति को बदलना है. इसके साथ ही, कश्मीरी लोगों को चुप कराने और उनकी पहचान मिटाने के लिए व्यवस्थित प्रयास किए जा रहे हैं.'
As India’s unilateral and illegal actions of 5 August 2019 in Indian Illegally Occupied Jammu and Kashmir (IIOJK) complete seven years, no amount of rhetoric can alter the internationally recognized disputed status of Jammu and Kashmir or deny the rights of its people enshrined…
— Shehbaz Sharif (@CMShehbaz) August 5, 2026
भारत ने लगाई लताड़
5 अगस्त को पाकिस्तान 'यौम-ए-इस्तेहसाल' के तौर पर याद करता है. पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार ने बुधवार सुबह एक वीडियो मैसेज जारी कर अनर्गल दावे किए, जिसे भारत ने दुष्प्रचार फैलाने का एक निरर्थक राजनीतिक प्रयास बताया. विदेश मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर पाक मंत्री की नापाक टिप्पणियों को सिरे से खारिज किया. मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, भारत, पाकिस्तान के इस राजनीतिक प्रपंच और दुष्प्रचार अभियान को स्पष्ट रूप से नकारता है.
आर्टिकल 370 हटने के बाद 7 वर्षों में कितना बदल गया जम्मू कश्मीर?























