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Jammu Kashmir : OIC के सेक्रेटरी जनरल हिसेन ब्राहिम ताहा ने कहा, 'कश्मीर मुद्दे को बातचीत से ही सुलझाया जा सकता है'
Kashmir News : इस्लामिक देशों के संगठन के सेक्रेटरी जनरल ने एक बार फिर से कश्मीर विवाद पर अपनी राय रखी है. उन्होंने कहा है कि भारत और पाकिस्तान को पहले एक साथ आकर बातचीत करनी होगी.

ओआईसी के सेक्रेटरी जनरल हिसेन ब्राहिम ताहा (source- social media )
Kashmir News : इस्लामिक देशों के संगठन OIC (ऑर्गनाइजेशन ऑफ इस्लामिक कोऑपरेशन) ने एक बार फिर से कश्मीर विवाद पर अपनी राय रखी है. ओआईसी ने कहा कि वह कश्मीर मुद्दे पर भारत और पाकिस्तान के बीच बातचीत का रास्ता तलाश रहा है. ओआईसी के सेक्रेटरी जनरल हिसेन ब्राहिम ताहा पीओके पहुंचे थे. वहीं मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने ऐसी बात कही है.
उन्होंने कहा कि, ''कश्मीर मुद्दे को लेकर सबसे जरूरी है कि पाकिस्तान और भारत के बीच बातचीत का एक रास्ता निकाला जाए. उन्होंने बताया कि हम पाकिस्तान सरकार और बाकी देशों के साथ मिलकर इसके लिए एक खाका भी तैयार करने में जुटे हुए हैं."
हिसेन ब्राहिम ताहा ने क्या
हिसेन ब्राहिम ताहा ने अपनी बात को बढ़ाते हुए कहा कि ''इसी वजह से हमें इस मामले में संगठन के सदस्य देशों का साथ चाहिए और हमें यह पता होना चाहिए कि कूटनीतिक मुद्दों पर चर्चा सड़क पर खड़े होकर नहीं की जा सकती है.'' ताहा ने कहा कि ''हम यहां अपने सहयोगियों, अंतरराष्ट्रीय समुदाय और संगठन के सदस्यों की ओर से भारत और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से चल रहे कश्मीर विवाद को सुलझाने का रास्ता ढूंढने के लिए OIC की एकजुटता, सहानुभूति और दृढ़ संकल्प व्यक्त करने आए हैं.''
कश्मीर को बताया संगठन का हिस्सा
ओआईसी के सेक्रेटरी जनरल हिसेन ब्राहिम ताहा ने मीडिया से बात करते हुए कश्मीर को भी इस्लामिक संगठन ओआईसी का हिस्सा बताया. ताहा ने कहा कि हमारे ऊपर कश्मीर मुद्दे को लेकर बातचीत और हल ढूंढने की सामूहिक और व्यक्तिगत, दोनों ही तरह की जिम्मेदारी है.
सबकी अपनी संप्रभुता है
मीडिया ने जब ओआईसी के उन सदस्य देशों के बारे में जिक्र किया जो कश्मीर मामले के बावजूद भारत के करीबी हैं या उनके संबंध भारत के साथ मजबूत हो रहे हैं तो ताहा जवाब देते हुए कहा कि सभी देशों की अपनी-अपनी संप्रभुता है. ताहा ने कहा कि ओआईसी सिर्फ उन प्रस्तावों के आधार पर काम कर रहा है जो सदस्य देशों से जुड़े हुए हैं. उन्होंने आगे कहा कि सभी देशों की अपनी संप्रभुता है, चाहे हम सब एक ही समुदाय से आते हो.
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Source: IOCL



























