उत्तर कोरिया-मलेशिया में ठनी, दोनों देशों ने एक-दूसरे के नागरिकों पर लगाई देश छोड़ने की पाबंदी

कुआलालम्पुर: किम जोंग-नाम की हत्या के मामले पर भड़के हुए राजनयिक विवाद को नाटकीय ढंग से आगे बढ़ाते हुए प्योंगयांग ने आज मलेशियाई लोगों को उत्तर कोरिया छोड़ने से प्रतिबंधित कर दिया है.
इससे कुछ ही समय बाद कुआलालम्पुर ने जवाबी कार्रवाई करते हुए उत्तर कोरिया के दूतावास में तैनात राजनयिकों और अन्य कर्मचारियों के मलेशिया छोड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया है.
यह जवाबी कदम उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन के सौतेले भाई की मलेशियाई हवाईअड्डे पर प्रतिबंधित वीएक्स नर्व एजेंट के जरिए की गई हत्या के बाद दोनों देशों के बीच बढ़ते तनाव को रेखांकित करता है.
प्योंगयांग की आधिकारिक समाचार एजेंसी केसीएनए ने विदेश मंत्रालय के हवाले से कहा कि प्योंगयांग ने ‘‘उत्तर कोरिया में रहने वाले मलेशियाई नागरिकों के देश छोड़ने पर अस्थायी प्रतिबंध’’ लगाने का फैसला किया है.
एजेंसी ने कहा कि यह प्रतिबंध तब तक लागू रहेगा, ‘‘जब तक मलेशिया में हुई घटना के उचित निपटान के जरिए मलेशिया में रहने वाले उत्तर कोरिया के राजनयिकों और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर दी जाती.’’ प्योंगयांग और कुआलालम्पुर के बीच वर्षों से काफी मजबूत संबंध रहे हैं लेकिन दो महिलाओं द्वारा उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन के सौतेले भाई की वीएक्स नर्व एजेंट के इस्तेमाल से हमला करने के बाद दोनों देशों में तनातनी पैदा हो गई है. वीएक्स नर्व एजेंट इतना घातक रसायन है कि संयुक्त राष्ट्र ने इसे जनसंहार के हथियारों की श्रेणी में डाला हुआ है.
सोल ने इस हत्या के लिए प्योंगयांग पर आरोप लगाया है और कुआलालम्पुर उत्तर कोरिया के कई लोगों से पूछताछ करना चाहता है. हालांकि जिस एक व्यक्ति को उसने गिरफ्तार किया था, उसे साक्ष्यों के अभाव में छोड़ दिया गया.
मलेशियाई प्रधानमंत्री ने कहा कि उत्तर कोरिया में नागरिकों को ‘‘पूरी तरह बंधक बनाया गया’’ मलेशियाई प्रधानमंत्री ने आज कहा कि उत्तर कोरिया में मलेशियाई नागरिकों को पूरी तरह से बंधक बना लिया गया है. दरअसल किम जांग-नाम की मौत के बाद उपजे विवाद में प्योंगयांग ने मलेशियाई नागरिकों के देश से बाहर जाने पर पाबंदी लगा दी है.
प्रधानमंत्री नजीब रज्जाक ने एक वक्तव्य में कहा, ‘‘हमारे नागरिकों को पूरी तरह से बंधक बनाए जाने का यह घृणित कार्य सभी अंतरराष्ट्रीय कानूनों और राजनयिक नियम कायदों के पूरी तरह विरोधाभासी है.’’
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