(Source: ECI/ABP News)
पाकिस्तान में देवबंदी संप्रदाय के सबसे बड़े मुफ्ती तक़ी उस्मानी पर चाकू से हमला, बीते दो साल में दूसरी बार बने निशाना
पाकिस्तान में मुफ्ती तकी उस्मानी जानलेवा हमले में बाल-बाल बच गए हैं. उन पर जानलेवा हमला दूसरी बार हुआ है. इस बार हमलावर ने मुफ्ती से बात करने का बहाना बनाकर नजदीक पहुंचा और चाकू से हमला कर दिया.

पाकिस्तान में मुफ्ती तकी उस्मानी आज सुबह चाकू के हमले में बाल-बाल बच गए. घटना कराची के दारूल उलूम कोरंगी की है. उन पर जानलेवा हमला फजर की नमाज के बाद हुआ. संदिग्ध मशहूर आलिम के पास उनसे बात करने का बहाना बनाकर पहुंचा था. मुफ्ती तकी उस्मानी के सुरक्षाकर्मियों ने संदिग्ध हमले को रोककर कामयाब कर दिया और हमलावर को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया.
पाकिस्तान में मुफ्ती तकी उस्मानी पर चाकू से हमला
मुफ्ती तकी उस्मानी पर ये हमला दूसरी बार है. इससे पहले मार्च 2019 में हमलावरों ने उस्मानी की कार पर फायरिंग कर हत्या करने की कोशिश की. लेकिन उनके सुरक्षाकर्मियों ने आतंकवादी हमले को नाकाम कर दिया. हालांकि, इस दौरान, कराची के निपा चौरंगी में हुई गोलीबारी में एक सुरक्षा कर्मी और ड्राइर की मारे गए.
हमले में बाल-बाल बचे देवबंदी संप्रदाय के मशहूर मौलाना
तकी उस्मानी पर बाइक सवार चार हथियारबंद हमलावरों ने उनकी कार का पीछा कर फायरिंग शुरू कर दी, उस वक्त मुफ्ती जुमे की नमाज पढ़ाने बैतूल मुकर्रम मस्जिद जा रहे थे. हालांकि, मस्जिद के खतीब अमीर शहाब गोली लगने से जख्मी हो गए. जवाबी कार्रवाई में चारों हमलावर मारे गए थे. मुफ्ती तकी उस्मानी देवबंदी संप्रदाय के सबसे बड़े मुस्लिम धर्मगुरू हैं. 1982 से 2002 तक संघीय शरीअत कोर्ट के जज और दारूल उलूम कराची के उपसभापति के तौर पर अपनी सेवा दे चुके हैं.
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