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Liz Truss Resign: छह हफ्ते से भी कम रहा लिज ट्रस का कार्यकाल, देना पड़ा इस्तीफा, जानिए कैसा रहा उनका राजनीतिक सफर

Liz Truss Resign: 45 दिन पहले लिज ट्रस ने जब यूके के पीएम के रूप में कमान संभाली थी तभी उन्होंने कहा था कि वह देश के विकास के लिए सख्त आर्थिक फैसले लेने से पीछे नहीं हटेंगी

Liz Truss Resign: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री के रूप में सिर्फ छह हफ्ते के कार्यकाल के बाद लिज ट्रस (Liz Truss) ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. वह देश के अगले पीएम के चुनाव तक कार्यवाहक प्रधानमंत्री के रूप में अपने पद पर बनी रहेंगी. उनके इस्तीफे के कई कारण हैं लेकिन उसकी मुख्य वजह सीपीसी मीटिंग 2022 (CPC Meeting 2022) में उनके दिए गये भाषण को माना जा रहा है जिसमें उन्होंने सख्त आर्थिक फैसले लेने की बात कही थी. 

लिज ने अपना इस्तीफा देते हुए कहा, "मैं उस समय देश की पीएम बनी जब देश बड़ी आर्थिक समस्या से जूझ रहा है. मैने बीते दिनों में ये महसूस किया है कि मैंने देश को आर्थिक सुधार के जो वादे किए थे वो मैं पूरे नहीं कर पाऊंगी इसलिए मैं मेरे पद से इस्तीफा दे रही हूं." यह बहुत पुरानी बात नहीं है जब लिज ने लगभग 45 दिन पहले यूके के पीएम पद की शपथ ली थी और देश के आर्थिक विकास के लिए सख्त फैसले लेने की बात कही थी. आइए हम आपको उनके राजनीतिक सफर के बारे में बताते हैं.

कौन है लिज ट्रस?
लिज ट्रस का पूरा नाम मैरी एलिजाबेथ ट्रस है और उनका जन्म 1975 में ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड में हुआ था. उनके पिता गणित के प्रोफेसर थे और मां नर्स थीं. बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक लिज अपने माता पिता को लेफ्ट विचारधारा की समर्थक बताती हैं. हालांकि सबसे रोचक बात ये है कि लिज ब्रिटने की कंजर्वेटिव विचारधारा की समर्थक हैं. 

ये भी लिज के जीवन का दिलचस्प पहलू ही है कि उनकी मां ने 1981-1983 में परमाणु निरस्त्रीकरण के लिए तात्कालीन थैचर सरकार के खिलाफ विरोधी अभियान में हिस्सा लिया था. उनकी मां एक संगठन की सक्रिय सदस्य थीं जो पश्चिमी लंदन में अमेरिका सरकार के साथ मिलकर परमाणु हथियार स्थापित करने का जोरदार विरोध कर रहा था. 

ऑक्सफोर्ड कॉलेज में की है पढ़ाई
लिज ने ब्रिटेन के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय ऑक्सफोर्ड से फिलॉसफी (दर्शनशास्त्र), राजनीति (पॉलिटिक्स) और इकॉनमी (अर्थशास्त्र) की पढ़ाई की है. वह लेबर पार्टी समर्थक परिवार से आती हैं. 

समय-समय पर बदले हैं अपने विचार
लिज की राजनीति पर नजर डालें तो ऐसा लगता है कि बीतते समय के साथ उन्होंने बदलते और बनते विचारों के साथ अपनी राजनीतिक विचार, उनकी विचारधारा और पार्टियों को बदला है. उदाहरण के तौर पर लेबर पार्टी जोकि वामपंथ विचारधारा की समर्थक है से आने वाली लिज ने ऑक्सफोर्ड में पढ़ाई के दौरान लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी और विचारधारा को अपनाया. बाद में उन्होंने कॉलेज छोड़ा और बाद के सालों में उन्होंने कंजर्वेटिव विचारधारा वाली पार्टी  कंजर्वेटिव पार्टी के साथ अपने राजनीतिक सफर को और मजबूती दी. 

राजशाही व्यवस्था की रह चुकीं हैं विरोधी
बीबीसी की रिपोर्ट्स के अनुसार डेमोक्रेट्स पार्टी के 1994 के सम्मेलन में उन्होंने ब्रिटेन से राजशाही खत्म किये जाने की वकालत की थी. बीबीसी में रिपोर्ट किये गये उनके भाषण के एक अंश के अनुसार उन्होंने कहा था , "मैं मोनार्की (राजशाही) में विश्वास नहीं रखती हूं, हम लिबरल डेमोक्रेट ये मानते हैं कि सभी को अवसरों की समानता मिलनी चाहिए, मैं इस विचार को नहीं मानती हूं जो ये कहता है कि कुछ लोग सिर्फ शासन करने के लिये ही पैदा हुए हैं".

कब की शादी?
ऑक्सफोर्ड में अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने एक केबल कंपनी में एकाउंटेंट के रूप में काम करना शुरू किया और वहीं पर उन्होंने अपने सहयोगी ह्यूग ओ'लेरी से सन् 2000 में शादी की. उनके दो बच्चे हैं. शादी के अगले साल ही उन्होंने आधिकारिक रूप से अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की. उन्होंने अपना पहला चुनाव हेम्सवर्थ वेस्ट यॉर्कशायर से कंजर्वेटिव पार्टी के उम्मीदवार के रूप में अपना पर्चा भरा और हार का सामना किया. 2005 में भी उन्होंने वेस्ट यॉर्कशायर से ही चुनाव लड़ा और वहां से भी उनको हार का सामना करना पड़ा. ये वो समय था जब लिज लगातार राजनीति में अपना करियर बनाने के लिए संघर्षरत थी और उनको लगातार असफलता हाथ लग रही थी. 

तीसरी बार में मिली पहली सफलता
2010 के चुनावों में कंजर्वेटिव पार्टी के लीडर डेविड कैमरन ने उनको अपना उम्मीदवार बनाया और पार्टी की सुरक्षित सीट साउथ-वेस्ट नॉरफॉक से उम्मीदवार बनाकर चुनावी मैदान में उतारा. ट्रस ने इस सीट पर 13 हजार से अधिक मतों के साथ अपने राजनीतिक पारी की पहली सफलता हासिल की. 

विरोधी लगाते हैं स्टैंड बदलने का आरोप
सांसद बनने के ठीक दो साल बाद 2012 में उनको ब्रिटेन का शिक्षा मंत्री बनाया गया और 2014 में वह प्रमोट होकर पर्यावरण सचिव बनीं. उनके विरोधियों के मुताबिक ट्रस अपना स्टैंड बदलने में माहिर हैं. उनका आरोप है कि उन्होंने ब्रेक्सिट के मुद्दे पर पलटी मारी थी.  

2021 में उन पर बड़ा भरोसा जताते हुए उनको पार्टी ने ब्रिटेन (Britain) का विदेश मंत्री बनाया. यह सरकार का सबसे अहम पद था. इस पद पर रहते हुए उन्होंने ईयू-यूके (EU-UK) के कुछ हिस्सों को काटकर नॉर्थ आयरलैंड (North Ireland) की समस्या को हल करने की भी मांग की. हालांकि कुछ दिनों बाद ही कई आरोपों की वजह से बने दबाव के बीच पीएम बोरिस जॉनसन को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ गया.

Liz Truss Resigns: 6 हफ्ते बाद ही ब्रिटेन के पीएम पद से लिज ट्रस को देना पड़ा इस्तीफा 

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