एक्सप्लोरर

जानिए, सिल्क रोड के बारे में सब कुछ, वो सड़क जो एशिया और यूरोप को सदियों तक जोड़ता रहा

सैकड़ों साल पहले सिल्क रोड का निर्माण किया गया था और इसके जरिए दुनिया के अनेक देश आपस में जुड़े हुए थे. इस कॉरिडोर के जरिए जल और थल दोनों ही मार्गों के जरिए ट्रांसपोटेशन की व्यवस्था थी. यह ईस्ट एशिया, साउथ ईस्ट एशिया, ईस्ट अफ्रीका, वेस्ट अफ्रीका और साउदर्न यूरोप तक व्यापार मार्ग को बढ़ाता था.

The Silk Road: इतिहास में कुछ नाम ऐसे होते हैं, जिनकी पहचान सदियों पुरानी होती है. यूं तो दुनिया में करोड़ों सड़कें हैं, जिनमें हज़ारों सड़कें ऐसी हैं जो ऐतिहासिक हैं, लेकिन जो नाम, जो पहचान, जो शोहरत, जो प्रसिद्धि सिल्क रोड को मिली, दुनिया में किसी रोड को ये आन-बान-शान, ये तमग़ा नहीं मिला. दरअसल, ये वो सड़क थी जो ईस्ट को वेस्ट से जोड़ थी. ये सड़क सिर्फ सड़क नहीं थी, बल्कि सांस्कृति आदान प्रदान का भी मार्ग था और ये काम इस सड़क से सदियों तक होता रहा.

क्या आप जानते हैं कि इसका नाम सिल्क रोड क्यों पड़ा और इसकी अवधारणा कहां से आई? ऐसा नहीं है कि सिल्क रोड नाम है तो इन मार्गों से सिर्फ सिल्क की ट्रेडिंग होती थी. बल्कि ये रोड ये चीन को अनेक भागों से जोड़ता था और विविध प्रकार की चीजों का इस मार्ग के जरिए व्यापार किया जाता था.

आज से सैकड़ों साल पहले सिल्क रोड का निर्माण किया गया था और इसके जरिए दुनिया के अनेक देश आपस में जुड़े हुए थे. ऐसा भी नहीं है कि सिल्क रोड के तहत सिर्फ थल मार्ग आते थे. इस कॉरिडोर के जरिए जल और थल दोनों ही मार्गों के जरिए ट्रांसपोटेशन की व्यवस्था थी और यह ईस्ट एशिया, साउथ ईस्ट एशिया, ईस्ट अफ्रीका, वेस्ट अफ्रीका और साउदर्न यूरोप तक व्यापार मार्ग को बढ़ाता था.

सिल्क रोड का स्वर्णिम काल? चीन के दूसरे शासक हान वंश (207 ईसा पूर्व–220 ईस्वी) के थे. सिल्क रोड की शुरूआत और विकास इनके राज्यकाल में सबसे अधिक हुआ. ये भी कह सकते हैं कि सिल्क रोड का स्वर्णिम काल हान वंश के शासनाकाल में ही रहा. सिल्क रोड के माध्यम से उस समय न सिर्फ व्यापार और संस्कृति का आदान- प्रदान किया जाता था बल्कि यह सेनाओं के एक जगह से दूसरे जगह जाने का भी सबसे सुगम मार्ग था. इसी काल में द ग्रेट वॉल ऑफ चाइना का निर्माण हुआ.

चीन और भारत के भी शक्तिशाली राज्यवंश सेंट्रल एशिया में अपने सैनिक भेजकर वहां के विद्रोगी शासकों को अपने राज्य में मिलने पर मजबूर कर देते थे. भारत की तरफ से अंतिम फौज की टुकड़ी सिल्क रोड के जरिए तब भेजी गई थी जिस समय हान वंश के शासकों के बुरे दिन चल रहे थे. उन्हें बचाने के लिए भारत के शासकों ने 1 सेंचुरी एडी में सैनिकों की टुकड़ी भेजी थी.

सिल्क रोड के जरिए चीन के शासकों ने 618-908 ईस्वी तक मजबूत रूप से सेंट्रल एशिया पर शासन किया था. सिल्क रोड ने उस समय से ही चीन, कोरिया, जापान, इंडिया, ईरान, अफगानिस्तान, यूरोप और अरेबिया में सभ्यता के विकास में अहम भूमिका निभाई है. इस कॉरिडोर के माध्यम से धर्म, तकनीक, संस्कृति और समस्याओं के रूप में बीमारियों का भी एक देश से दूसरे देश में जाना हुआ करता था.

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

यूक्रेन ने रूस को पहुंचाया बड़ा नुकसान, जेलेंस्की का दावा- चार फाइटर बॉम्बर विमान तबाह
यूक्रेन ने रूस को पहुंचाया बड़ा नुकसान, जेलेंस्की का दावा- चार फाइटर बॉम्बर विमान तबाह
सऊदी में 2 बांग्लादेशियों को फांसी, जानें ऐसा क्या किया था मक्का की मस्जिद में
सऊदी में 2 बांग्लादेशियों को फांसी, जानें ऐसा क्या किया था मक्का की मस्जिद में
'गोली मार देना...', अमेरिकी हमलों की जानकारी लीक करने वालों पर ट्रंप की चेतावनी
'गोली मार देना...', अमेरिकी हमलों की जानकारी लीक करने वालों पर ट्रंप की चेतावनी
हूतियों ने यमन में राष्ट्रपति भवन परिसर पर किया हमला, दागीं कई मिसाइलें
हूतियों ने यमन में राष्ट्रपति भवन परिसर पर किया हमला, दागीं कई मिसाइलें

वीडियोज

लखनऊ में मौत की पटकथा...नेपाल में 'गुप्त लीला' !
SC में सुनवाई का सार..'क्या 'तमाशा' बना रखा है ?'
तो सत्ता परिवर्तन का प्लान-बांग्लादेश का क्यों बखान!
Jagadhatri:😮Jagadhatri मिशन के लिए तैयार, Shivay ने घर की देवी को सम्मान देकर भेजा मैदान में! #sbs
Bollywood News: कॉफ़ी विद करण का धमाकेदार आगाज, सलमान खान के बेबाक अंदाज ने शो पर लगाया तड़का! (15.10.26)

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
सऊदी में 2 बांग्लादेशियों को फांसी, जानें ऐसा क्या किया था मक्का की मस्जिद में
सऊदी में 2 बांग्लादेशियों को फांसी, जानें ऐसा क्या किया था मक्का की मस्जिद में
यूपी में कब से शुरू होगा SSR का कार्यक्रम? यहां पढ़ें पूरी जानकारी
यूपी में कब से शुरू होगा SSR का कार्यक्रम? यहां पढ़ें पूरी जानकारी
कांग्रेस छोड़कर BJP में गए नेताओं पर राहुल गांधी का तंज, बोले- 'वो लोग अब...'
कांग्रेस छोड़कर BJP में गए नेताओं पर राहुल गांधी का तंज, बोले- 'वो लोग अब...'
'दृश्यम 3' 500 करोड़ के पार फिर भी 'हनुमान अंश' से रह गई पीछे, जानें 14वें दिन का कलेक्शन
'दृश्यम 3' 500 करोड़ के पार फिर भी 'हनुमान अंश' से रह गई पीछे, जानें 14वें दिन का कलेक्शन
'सचिन-कोहली की तरह वैभव सूर्यवंशी भी...', पूर्व सिलेक्टर के बयान ने चौंकाया
'सचिन-कोहली की तरह वैभव सूर्यवंशी भी...', पूर्व सिलेक्टर के बयान ने चौंकाया
पत्रकार निखिल वागले और संजय राउत के खिलाफ SC में चलेगा अवमानना केस, दाखिल हुई याचिका
पत्रकार निखिल वागले और संजय राउत के खिलाफ SC में चलेगा अवमानना केस, दाखिल हुई याचिका
नेहा बोरा के बांग्लादेश वाले बयान पर अभिजीत दीपके बोले, 'हम हमेशा अहिंसा और...'
नेहा बोरा के बांग्लादेश वाले बयान पर अभिजीत दीपके बोले, 'हम हमेशा अहिंसा और...'
मवेशियों में तेजी से फैल सकती है ये बीमारी, पशुपालक तुरंत करें ये काम
मवेशियों में तेजी से फैल सकती है ये बीमारी, पशुपालक तुरंत करें ये काम
Embed widget