US-Israel Iran War Highlights: ईरान का दावा- स्कूल पर इजरायल ने किया हमला, 160 मासूम बच्चियों की खुद रहीं कब्रें
US-Israel Iran War Highlights: अमेरिका-इजरायल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमले किए, जिसमें सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह खामेनेई की मौत हो गई. आज यानी 3 मार्च को जंग का चौथा दिन है, जहां दिनभर बमबारी होगी.
LIVE

Background
मिडिल ईस्ट अब एक बड़े युद्ध की चपेट में है. अमेरिका और इजरायल की संयुक्त सेनाओं ने शनिवार यानी 28 फरवरी 2026 की सुबह ईरान पर बड़े पैमाने पर हमले (Israel Iran War) शुरू किए, जिसे अमेरिका ने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) और इजरायल ने 'ऑपरेशन लायंस रोर' (Operation Lion's Roar) नाम दिया है. इस हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई (Ali Khamenei) की मौत हो गई, साथ ही IRGC के कई टॉप कमांडर और डिफेंस मिनिस्टर भी मारे गए.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने ट्रुथ सोशल पर वीडियो जारी कर कहा, 'हमने ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल ठिकानों, न्यूक्लियर साइट्स और कमांड सेंटर्स पर 2,000 से ज्यादा हमले किए हैं. खामेनेई और उसके साथी अब नहीं रहे. ईरानी जनता अब अपने देश पर कब्जा कर सकती है.' ट्रंप ने चेतावनी दी कि ऑपरेशन 4-5 हफ्ते तक चल सकता है और 'ऑब्जेक्टिव्स पूरे होने तक रुकेंगे नहीं.'
ईरान ने तुरंत जवाबी कार्रवाई शुरू की
तेहरान ने इजरायल पर सैकड़ों बैलिस्टिक मिसाइल और ड्रोन दागे, जिनमें से कुछ तेल अवीव, यरूशलेम और बेइत शेमेश में गिरीं. ईरान ने अमेरिकी बेस और गल्फ देशों (कुवैत, बहरीन, UAE, कतर, सऊदी अरब) पर भी हमले किए, जिसमें 3 अमेरिकी सैनिक मारे गए और 5 गंभीर रूप से घायल हुए. ट्रंप ने कहा, 'हम इन मौतों का बदला लेंगे और अफसोस कि और अमेरिकी शहीद हो सकते हैं.' ईरान की ओर से मौत का आंकड़ा 200 के पार पहुंच गया है. ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने 560 अमेरिकी सैनिकों को मार दिया है या घायल कर दिया है. हालांकि अमेरिका ने इस दावे का खंडन किया है.
इजरायल ने स्कूल और हॉस्पिटल को बनाया निशाना
तेहरान के पास एक स्कूल और गांधी हॉस्पिटल पर हमले की खबरें हैं, जिसमें बच्चों और मरीजों की मौत हुई. ईरान ने 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया है और कहा है कि 'यह युद्ध हमारी अस्तित्व की लड़ाई है.' तेल अवीव में इजरायली PM नेतन्याहू ने कहा, 'हम तेहरान के दिल में हमले कर रहे हैं. ईरान का आतंक अब खत्म होगा.' अमेरिका-इजरायल की सेनाएं ईरान की इंटरनल सिक्योरिटी फोर्स (बासीज़) और IRGC बेस पर भी हमले कर रही हैं, ताकि रेजीम चेंज की कोशिश तेज हो.
ईरान के साथ युद्ध शुरू होने के पहले 30 घंटों में इजराइली वायुसेना ने 2,000 से ज्यादा बम गिराए हैं. IDF के मुताबिक, हमलों में ईरानी शासन और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया. इसी बीच ईरान ने अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है. देशभर में मोबाइल फोन सेवाएं बंद कर दी गईं हैं. इजरायली हमले के बाद दक्षिणी तेहरान के इलाके से धुआं उठता देखा गया है.
हमले की शुरुआत करने के बाद इजरायली एयरस्पेस बंद
ईरान पर हमले के बाद इजरायल में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं. इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) ने बताया कि पूरे देश में सायरन बजाए गए हैं. इसके अलावा मोबाइल पर एडवांस अलर्ट भेजकर लोगों को सुरक्षित स्थानों के पास रहने को कहा गया है. बताया जा रहा है कि इजरायल ने भी अपना एयरस्पेस बंद कर दिया है. इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा है कि उनके देश ने ईरान पर हमला किया है और इमरजेंसी की घोषणा कर दी गई है.
IDF ने बताया कि ये एक प्रोएक्टिव अलर्ट है, ताकि जनता को इस संभावना के लिए तैयार किया जा सके कि इजरायल की ओर मिसाइलें दागी जा सकती हैं. इजरायली सेना ने दोहराया कि जनता से अपील है कि वो सुरक्षित स्थानों के पास ही रहें. इजरायली आर्मी ने घोषणा की है कि देशभर के स्कूल-कॉलेज बंद रहेंगे, सार्वजनिक समारोहों पर रोक लगा दी गई है और लोगों को वर्क फ्रॉम होम करने की सलाह दी गई है.
US-Israel Iran War Live: अल-मनार के हेडक्वार्टर पर एयर स्ट्राइक
इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाके दहिया में हिजबुल्लाह से जुड़े टीवी चैनल अल-मनार के हेडक्वार्टर पर एयर स्ट्राइक की है. ये हमला कुछ घंटे पहले हुआ, जब इजरायली मीडिया ने कहा था कि मिलिट्री अल-मनार टीवी बिल्डिंग को टारगेट करेगी. अल-मनार ने टेलीग्राम पर कन्फर्म किया कि हारेट ह्रेक इलाके में उनका बिल्डिंग टारगेट हुआ. धमाकों की आवाज पूरे इलाके में गूंजी, लेकिन चैनल अब दूसरे लोकेशन से ब्रॉडकास्ट कर रहा है और फिर से ऑन एयर है. पिछले 24 घंटों में लेबनान में इजरायली हमले बहुत तेज हो गए हैं.
US-Israel Iran War Live: इजरायल के साथ अमेरिकी डिफेंस के लिए बहुत जरूरी था ईरान पर हमला
अमेरिकी हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के स्पीकर माइक जॉनसन ने ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों का बचाव करते हुए कहा कि ये ऑपरेशन 'लिमिटेड स्कोप' वाला था. इसका उद्देश्य सीमित था और ये 'हमारी डिफेंस के लिए बहुत जरूरी' था. उन्होंने ये बात एक क्लासिफाइड ब्रीफिंग के बाद रिपोर्टर्स से कही, जहां ट्रंप एडमिनिस्ट्रेशन के सीनियर अधिकारियों ने कांग्रेस लीडर्स को ईरान ऑपरेशन की जानकारी दी. जॉनसन ने कहा, 'क्योंकि इजरायल ने अमेरिका के साथ या बिना अमेरिका के साथ एक्शन लेने का फैसला कर लिया था, हमारे कमांडर इन चीफ (ट्रंप) और एडमिनिस्ट्रेशन को बहुत मुश्किल फैसला लेना पड़ा.'
जॉनसन ने बताया कि इजरायल ईरान को अपना अस्तित्व का खतरा मानता था और वो अकेले भी हमला करने को तैयार था. अगर अमेरिका साथ नहीं देता, तो ईरान अमेरिकी फोर्सेस और नागरिकों पर हमला कर देता, जिससे 'स्टैगरिंग लॉसेस' (बहुत भारी नुकसान) हो सकते थे. जॉनसन ने कहा कि ट्रंप ने 'एक्सक्विजिट इंटेलिजेंस' (बहुत सटीक खुफिया जानकारी) के आधार पर फैसला लिया ताकि अमेरिकी ट्रूप्स को बचाया जा सके.
Source: IOCL



























