एक्सप्लोरर

Israel Hamas War: बंदूकों के साथ जश्न, शैतानी सोच और क्रूरता की सभी हदें पार, क्या ISIS का अपडेटिड वर्जन है हमास?

Israel Palestine Conflict: हमास के आतंकियों के हाथ में दिखे आईएसआईएस के झंडों ने पूरी तरह से पुख्ता कर दिया है कि हो न हो इसके निशान अभी भी बाकी हैं.

Israel Palestine War: 7 अक्टूबर को इजरायल की सीमा के अंदर जिस तरह से हमास ने आतंक फैलाया और बर्बरता की. वो खूंखाऱ आतंकी संगठन ISIS की याद दिलाता है. ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या फिलिस्तीन का आतंकी संगठन हमास ISIS का नया वर्जन है? या फिर ISIS के आतंकी अब हमास के साथ काम कर रहे हैं? ये दोनों ही सवाल बड़े हो चले हैं.

एक ओर लोगों को मारा जा रहा है, क्रूरता की सारी हदें पार की जा रही हैं और दूसरी ओर बंदूकों के साथ जश्न मनाया जा रहा है. आतंकियों के समर्थन में नारेबाजी हो रही है. दुनिया ने शैतानी सोच की ऐसी तस्वीरें सिर्फ आईएसआईएस के दौर में देखी थीं.

हमास की शैतानी सोच की सीमा का विस्तार कहां तक है. इस बात से समझिए कि इजरायल गाजा पट्टी पर लगातार बम बरसा रहा है. आसमान से पर्चियां गिरा रहा है. आम नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर जाने की हिदायत दे रहा है तो हमास के आतंकी आम नागरिकों को गाजा से बाहर निकलने से रोक रहे हैं ताकि लोगों के बीच में छिपकर हमास के आतंकी अपने शैतानी इरादों को अंजाम दे सकें.

कैसा था आईएसआईएस का मॉड्यूल?

दुर्भाग्य से हमास अपनी आबादी को ढाल के रूप में उपयोग कर रहा है. इसमें कोई संदेह नहीं है कि हमास गाजा के लोगों की स्थिति के लिए ज़िम्मेदार है. हमास उन्हें शहर छोड़ने नहीं दे रहा. वे उनके पीछे छिपे हुए हैं. ये वही तरीका है जो आईएसआईएस इराक और सीरिया में इस्तेमाल कर रहा था भीड़ में छिपकर हमला करना, लोगों को अगवा करना और उनकी हत्या कर डर का साम्राज्य खड़ा करना. अब फलस्तीन संगठन हमास उसी रास्ते पर है.

माना जा रहा है कि सीरिया और इराक से ISIS का साम्राज्य खत्म होने के बाद इसके सैकड़ों आतंकी अब हमास के साथ हैं और ISIS के तरीकों का इस्तेमाल इजरायल को जख्म देने के लिए कर रहे हैं. हमले में बाइक या पिकअप ट्रक का इस्तेमाल हो या पैराग्लाइडर के जरिए इजरायली सीमा में घुसना या फिर महिलाओं, बच्चों को निशाना बनाकर डर पैदा करना. इजरायल पर हमास के हमले का हर एक तरीका ISIS से मेल खाता है.

आईसआईस के निशान अभी बाकी हैं...

हमास के आतंकियों के हाथ में दिखे isis के झंडों ने पूरी तरह से पुख्ता कर दिया है कि हो न हो isis के निशान अभी भी बाकी है. अब ISIS के आतंकी हमास से आ मिले हैं या फिर हमास ने खुद को ISIS के तरह बदल लिया है. पुष्टि होनी अभी बाकी है. फिलहाल हमास और ISIS में फर्क बस इतना है कि इराक और सीरिया में आतंक मचाने वाले ISIS के समर्थन में उस वक्त शायद ही कोई देश था लेकिन ISIS के अपग्रेड वर्जन हमास के साथ कई देश खड़े हैं.

हमास को मिला इन देशों का समर्थन

इस लिस्ट में पहला नाम ईरान का है, दूसरा लेबनान का. जहां मौजूद आतंकी संगठन हिजबुल्लाह हमास के समर्थन में इजरायल को निशाना बना रहा है. इजरायल पर हमास के हमले के ठीक बाद एक तस्वीर वायरल हुई थी जिसमें ईरान की राजधानी तेहरान में जश्न मनाया जा रहा था. इसके बाद बीते शुक्रवार की एक तस्वीर में ईरान के विदेश मंत्री होसैन अमीर अब्दुल्लाहियन आतंकी संगठन हिजबुल्लाह के नेताओं के साथ दिख रहे हैं. जबकि तीसरी तस्वीर में हमास का सरगना इस्माइल हानिया कतर में नजर आ रहा है. ये तस्वीरें बताने के लिए काफी है कि ईरान और कतर पूरी तरह से हमास के पीछे खड़े हैं. जिसका जिक्र बार-बार इजरायल भी कर रहा है.

हालांकि इजरायल पर कतर की ओर से सिर्फ बयान जारी किए गए हैं लेकिन ईरान ने खुलकर हमास के लिए बैटिंग शुरू कर दी है. ईरान के विदेश मंत्री पहले इराक फिर लेबनान और अब कतर पहुंच चुके हैं. ईरान ये सब कुछ इजरायल के खिलाफ अरब वर्ल्ड की गोलबंदी के लिए कर रहा है. यानी आतंकी संगठन हमास के समर्थन में कौन-कौन है. मददगार देश और संगठनों के चेहरे कमोबेश सामने आ चुके हैं.

हमास की बर्बरता का समर्थन?

ऐसे में सवाल है कि क्या इन मददगारों देशों ने हमास की बर्बरता नहीं देखी है. ISIS का कहर नहीं देखा या फिर इनकी नजर में धर्म के नाम पर सब कुछ जायज है. गौर करने वाली बात ये है कि ISIS का आतंक झेल चुके देश सीरिया और इराक भी कहीं न कहीं हमास की बर्बरता का समर्थन करते दिखाई दे रहे हैं.

दुनिया के नक्शे पर क्रूरता की नई लकीर खींचने वाला ISIS की शुरुआत इजरायल के उत्तर-पूर्व में मौजूद सीरिया से हुई थी, जिसने सीरिया की सीमाओं को पार कर इराक तक कहर मचा दिया था. अब इसी ISIS के अपग्रेड वर्जन हमास ने सीरिया की राजधानी दमिश्क से 281 किलोमीटर दूर इजरायल गाजा बॉर्डर पर बर्बरता की ऐसी कहानी लिखी, जिसने महायुद्ध का बिगुल बजा दिया. ऐसे में सवाल है क्या isis के बचे हुए आतंकी अब हमास के लिए काम कर रहे हैं?

ये भी पढ़ें: 'हमास के लड़ाके हमें जला रहे हैं, हमारा दम घुट रहा है', मौत से पहले इजरायली फैमिली का आखिरी मैसेज, 6 का कत्ल

और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola

टॉप हेडलाइंस

इमरान को बड़ी राहत! शहबाज-मुनीर ने नहीं सुनी तो SC ने दिया बड़ा आदेश
इमरान को बड़ी राहत! शहबाज-मुनीर ने नहीं सुनी तो SC ने दिया बड़ा आदेश
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर का दिखाया सच तो बौखलाया पाक, कहा- 'मनगढ़ंत'
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर का दिखाया सच तो बौखलाया पाक, कहा- 'मनगढ़ंत'
Xप्लेन: नेपाल फिर बनेगा हिंदू राष्ट्र! पूर्व PM के बयान से क्यों गरमाई सियासत
Xप्लेन: नेपाल फिर बनेगा हिंदू राष्ट्र! पूर्व PM के बयान से क्यों गरमाई सियासत
'हॉर्मुज पर अमेरिका का कब्जा...', ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप का दावा
'हॉर्मुज पर अमेरिका का कब्जा...', ईरान युद्ध को लेकर ट्रंप का दावा

वीडियोज

Pakistan News: नकलची पाकिस्तान का फ्लॉप शो देखिए! ABPLIVE
Prashant Kishor Oath Ceremony: प्रशांत किशोर ने ली शपथ! विधायक बनते ही किए 4 बड़े ऐलान |ABPLIVE
ChatGPT Viral Video: AI का कमाल! भीड़ में खोई चप्पल, ChatGPT ने ऐसे ढूंढ निकाली, वीडियो चौंका देगा!
Himanshi Khurana का बड़ा खुलासा, Asim Riaz संग रिश्ते में लगा था भगवान को धोखा देने का डर
Lalit Modi ने ठुकराई Bigg Boss 20 में एंट्री की खबर, Salman Khan के शो पर दिया बड़ा बयान

फोटो गैलरी

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
तृषा के सैल्यूट पर स्टालिन की पार्टी ने उठाया सवाल, कहा- 'क्या ये...'
तृषा के सैल्यूट पर स्टालिन की पार्टी ने उठाया सवाल, कहा- 'क्या ये...'
चिराग पासवान ने CM सम्राट को लिखा पत्र, 'आग्रह करना चाहता हूं कि…'
चिराग पासवान ने CM सम्राट को लिखा पत्र, 'आग्रह करना चाहता हूं कि…'
वनडे में सबसे सफल 'खब्बू' बल्लेबाजों की लिस्ट, नंबर-3 पर भारत का दिग्गज
वनडे में सबसे सफल 'खब्बू' बल्लेबाजों की लिस्ट, नंबर-3 पर भारत का दिग्गज
सुप्रीम कोर्ट से मंजूरी के बाद 'महाप्रभु जगन्नाथ' की रिलीज डेट हुई कंफर्म, जानें कब सिनेमाघरों में देगी दस्तक
'महाप्रभु जगन्नाथ' की रिलीज डेट हुई कंफर्म, जानें कब सिनेमाघरों में देगी दस्तक
इमरान को बड़ी राहत! शहबाज-मुनीर ने नहीं सुनी तो SC ने दिया बड़ा आदेश
इमरान को बड़ी राहत! शहबाज-मुनीर ने नहीं सुनी तो SC ने दिया बड़ा आदेश
अल नीनो से मंडराया सूखे का खतरा, मंहगी हो सकती है आम आदमी की थाली
अल नीनो से मंडराया सूखे का खतरा, मंहगी हो सकती है आम आदमी की थाली
Dengue Fever: डेंगू का बुखार उतर गया तो न हों खुश! अगले 24-48 घंटे हैं अहम
डेंगू का बुखार उतर गया तो न हों खुश! अगले 24-48 घंटे हैं अहम
Washing Machine में कौन सा मोड खाता है सबसे ज्यादा बिजली?
Washing Machine में कौन सा मोड खाता है सबसे ज्यादा बिजली?
Embed widget