Iran-US War: ‘हम आपके...', जंग के बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिकियों को लिखी चिट्ठी, जानें क्या कहा
Iran-US War: ईरान के राष्ट्रपति ने अमेरिकी जनता को एक ओपन लेटर लिखा है. उन्होंने अमेरिका की जनता से अपील की है कि हम आपके दुश्मन नहीं हैं.

मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने अमेरिकी लोगों के नाम एक ओपन लेटर लिखकर बड़ा मैसेज दिया है. उन्होंने कहा, 'ईरान के लोगों के दिल में आम अमेरिकियों के लिए कोई दुश्मनी नहीं है और दोनों देशों की जनता को एक-दूसरे के खिलाफ नहीं देखा जाना चाहिए.'
मसूद पेजेशकियान ने लेटर में लिखा कि ईरान के लोग किसी भी देश के लोगों से नफरत नहीं करते, इसमें अमेरिका के लोग भी शामिल हैं. उन्होंने इसे राजनीतिक बात नहीं बल्कि एक गहरी सोच और सिद्धांत बताया. यह बयान, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड के देश के नाम संबोधन से पहले आया.
पश्चिमी देशों के नजरिए पर भी उठाया सवाल
ईरान के राष्ट्रपति ने पश्चिमी देशों के उस नजरिए पर भी सवाल उठाया, जिसमें ईरान को एक खतरे के रूप में दिखाया जा रहा है. उन्होंने कहा कि यह तस्वीर न तो इतिहास से मेल खाती है और न ही आज की सच्चाई से. उन्होंने अमेरिका की सैन्य कार्रवाई पर भी सवाल उठाते हुए पूछा कि क्या ईरान से सच में कोई ऐसा खतरा था, जिससे इस तरह के कदम उठाने पड़े? उन्होंने यह भी कहा कि आम लोगों की मौत और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचाना किसी भी तरह से सही नहीं है और इससे अमेरिका की छवि पर भी असर पड़ता है. पेजेशकियान ने यह भी इशारा किया कि क्या अमेरिका इस युद्ध में किसी और के प्रभाव में आकर शामिल हुआ है. उन्होंने सीधे तौर पर यह सवाल उठाया कि क्या अमेरिका इजरायल के लिए यह कदम उठा रहा है.
Iranian President Masoud Pezeshkian said in a letter to Americans that Iran “harbors no enmity towards ordinary Americans.”
— Clash Report (@clashreport) April 1, 2026
He added that portraying Iran as a threat is “neither consistent with historical reality nor with present-day observable facts.” pic.twitter.com/sJiipiDQMh
लेटर में पुराने मामलों का भी जिक्र
ईरान के राष्ट्रपति ने लेटर में पुराने मामलों का भी जिक्र किया, जैसे 1953 का तख्तापलट, लंबे समय तक लगे प्रतिबंध और पहले के टकराव, जिनकी वजह से दोनों देशों के बीच भरोसा कमजोर हुआ. इसके बावजूद उन्होंने कहा कि ईरान ने कभी खुद से हमला करने की राह नहीं चुनी, बल्कि सिर्फ अपनी रक्षा की है. उन्होंने दुनिया को एक अहम मोड़ पर बताते हुए कहा कि टकराव का रास्ता अब ज्यादा महंगा और बेकार साबित हो रहा है. उन्होंने बातचीत और समझदारी को आगे बढ़ाने की अपील की. आखिर में उन्होंने अमेरिकी लोगों से कहा कि वे सिर्फ एकतरफा जानकारी पर भरोसा न करें और ईरान और उसके लोगों को समझने की कोशिश करें.
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