एक्सप्लोरर

Explained: खामेनेई, नसीरजादेह, खादमी... US-इजरायल ने कैसे तेहरान में घुसकर टॉप लीडरशिप खत्म की? आखिर ईरान रोक क्यों नहीं पा रहा

Top Iranian Leadership Assassinated: अमेरिका-ईरान के बीच जंग शुरू हुए 39 दिन हो गए. इस बीच अमेरिका और इजरायल ने ईरान की टॉप लीडरशिप खत्म कर दी, लेकिन सवाल उठता है कैसे? ईरान इसे रोक क्यों नहीं पाया?

अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर जब से हमला किया है, तब से टॉप लीडरशिप खत्म होती जा रही है. खामेनेई से शुरू हुआ सिलसिला माजिद खादमी तक आ पहुंचा. ईरान अपने ही लीडर्स को बचाने में नाकामयाब साबित हुआ. फिर भले वो कितने बम बरसा ले या मिसाइलें छोड़ दे... लेकिन नाकामी साफ जाहिर है. आखिर कैसे अमेरिका और इजरायल कैसे ईरान में घुसकर हमले कर रहे हैं और ईरान रोक क्यों नहीं पा रहा? समझते हैं एक्सप्लेनर में...

सवाल 1: अमेरिका और इजरायल ने अब तक ईरान के किन टॉप लीडर्स को मार दिया?
जवाब: 28 फरवरी 2026 को ईरान पर शुरू हुए अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया गया. इसमें ईरान के सैन्य और राजनीतिक लीडरशिप को निशाना बनाया जा रहा है. ये 'डिकैपिटेशन स्ट्राइक्स' यानी सर काटने वाले हमले हैं.अब तक 25-30 टॉप लीडर्स की मौत हो चुकी है, जिनमें:

  • आयतुल्लाह अली खामेनेई: सुप्रीम लीडर. अमेरिका ने घर पर बम गिराकर हत्या की, इसी हमले से शुरु हुई जंग.
  • अली शमखानी: खामेनेई के करीबी सलाहकार और सुरक्षा नीति के आर्किटेक्ट.
  • मोहम्मद पाकपुर: IRGC कमांडर.  
  • अजीज नसीरजादेह: डिफेंस मिनिस्टर.
  • अली लारीजानी: नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के हेड, जो खामेनेई के बाद देश चला रहे थे.
  • इस्माइल खतीब: इंटेलिजेंस मिनिस्टर.
  • गुलामरेजा सुलेमानी: बसीज फोर्स के कमांडर.
  • मेजर जनरल माजिद खादमी: IRGC इंटेलिजेंस चीफ

इजरायल ने इन लीडर्स की मौत की पुष्टि की है और कहा है कि ये सिलसिला जारी रहेगा. इससे ईरान का कमांड स्ट्रक्चर बुरी तरह टूट चुकी है.

 

US-इजरायल हमले के बाद आयतुल्लाह खामेनेई के घर की तस्वीर
US-इजरायल हमले के बाद आयतुल्लाह खामेनेई के घर की तस्वीर

सवाल 2: ईरानी टॉप लीडर्स को अमेरिका और इजरायल कैसे मार रहे हैं?
जवाब: न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद और अमेरिकी CIA की मदद से ईरानी लीडर्स की लोकेशन ट्रैक की जाती है. फिर चाहे वो तेहरान में मीटिंग कर रहे हों या सुरक्षित ठिकाने पर छिपे हों. यह हमले रैंडम नहीं, बल्कि सालों की प्लानिंग का नतीजा हैं:

  • CIA और मोसाद की जॉइंट इंटेलिजेंस: अमेरिकी CIA ने खामेनेई और दूसरे लीडर्स की लोकेशन महीनों से ट्रैक की. ट्रैफिक कैमरों को हैक करके रीयल-टाइम मूवमेंट देखा. सैटेलाइट इमेजरी, इंटरसेप्टेड कम्यूनिकेशंस और ह्यूमन इंटेलिजेंस यानी ईरान के अंदर एजेंट्स से 'पैटर्न ऑफ लाइफ' एनालिसिस किया.
  • इजरायल का AI टारगेट प्रोडक्शन मशीन: मोसाद ने AI का इस्तेमाल करके हजारों डेटा पॉइंट्स, जैसे वीडियो, फोन और स्पाई रिपोर्ट्स को प्रोसेस किया. इससे लीडर्स के मीटिंग पॉइंट्स का सटीक पता चला.
  • साइबर वारफेयर: हमले से पहले अमेरिकी और इजरायली साइबर कमांड ने ईरान के कम्यूनिकेशंस को ब्लाइंड कर दिया. रडार, फोन और रेडियो सिस्टम हैक कर लिए.
  • इंटरनल एसेट्स: मोसाद ने ईरान के अंदर माइक्रो-ड्रोन्स और लोकल एजेंट्स घुसाए. कुछ स्ट्राइक्स में ये ड्रोन्स अंदर से रडार और मिसाइल सिस्टम को नष्ट कर देते हैं.
  • टाइमिंग: CIA ने खामेनेई के मीटिंग का रीयल-टाइम इंटेल शेयर किया, जिससे स्ट्राइक का समय बदलकर सरप्राइज अटैक किया गया. इजरायल ने इसे 'एक-एक करके लीडर्स को टारगेट' की पॉलिसी बना रखा है.

इजरायल ने कहा है, 'ईरान के लीडर्स को एक-एक करके निशाना बनाया जाएगा.' ट्रंप ने खुद इन हमलों की तारीफ करते हुए कहा, 'हमारी खुफिया जानकारी और इजरायल के साथ मिलकर हमसे कोई नहीं बच सकता है.' यह हमले सिर्फ सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं, बल्कि लीडरशिप को खत्म करके ईरान की कमांड चैन तोड़ने का मकसद है.

 

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आयतुल्लाह खामेनेई पर हमले की तारीफ की थी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आयतुल्लाह खामेनेई पर हमले की तारीफ की थी

सवाल 3: ईरान को इन हमलों का पता क्यों नहीं चलता? आखिर चूक कहां?
जवाब: फॉरेन एक्सपर्ट और JNU के रिटायर्ड प्रोफेसर ए. के. पाशा कहते हैं कि ईरान का एयर डिफेंस सिस्टम पहले से ही कमजोर था. 2025 में इजरायल के हमलों में काफी नुकसान हुआ था. अमेरिका-इजरायल ने पहले ही ईरान के रडार नेटवर्क, S-300/S-400 जैसे एयर डिफेंस सिस्टम्स और एयरफोर्स को काफी हद तक तबाह कर दिया है. अब वे ईरान के आसमान पर कंट्रोल रखते हैं, लेकिन पूरा नहीं.

ए. के. पाशा कहते हैं, 'ईरान के लीडर्स का सिक्योरिटी प्रोटोकॉल पुराना है. वे मीटिंग्स में इकट्ठा हो जाते हैं, जिससे मूवमेंट्स का पैटर्न रिपीट होता है. मोसाद के एजेंट्स ईरान में अंदर तक घुस चुके हैं, इसलिए लोकल इंटेलिजेंस फेल हो जाता है. साइबर अटै्स की वजह से ईरानी कमांडर्स को रियल-टाइम अलर्ट नहीं मिल पाता. नतीजतन, हमला होते ही लीडर की मौत हो जाती है, इससे पहले कि डिफेंस सिस्टम रिएक्ट करे.'

अमेरिकी हडसन इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान की सबसे बड़ी चूक इंटरनल सिक्योरिटी में है:  

  • मोसाद-CIA की घुसपैठ: ईरान के अंदर हाई-लेवल स्पाइज हैं. मोसाद ने 20 साल पहले ही लोकल एजेंट्स भर्ती कर लिए थे.
  • कम्यूनिकेशंस सिक्योरिटी फेल: लीडर्स के फोन, मीटिंग्स और मूवमेंट्स इंटरसेप्ट हो जाते हैं.
  • एयर डिफेंस का पुराना सिस्टम: 2025-26 के हमलों में रडार और मिसाइल साइट्स पहले ही नष्ट हो चुकी हैं. नई टेक्नोलॉजी यानी AI और हाइपरसोनिक मिसाइलों से मैच नहीं कर पा रहा.
  • लीडर्स का ओवर-कॉन्फिडेंस: वे छुपने की बजाय रूटीन मीटिंग्स करते रहते हैं. खामेनेई का कंपाउंड भी सैटेलाइट और स्पाई से ट्रैक हो गया.
  • स्ट्रेटेजिक गलती: ईरान ने हमलों को गल्फ देशों तक बढ़ाया, जिससे अमेरिका-इजरायल को और बहाना मिल गया. इंटेलिजेंस कम्युनिटी ने पहले ही चेतावनी दी थी कि हमला होने पर लीडरशिप टारगेट होगी, लेकिन तैयारी कमजोर रही.

सवाल 4: क्या ईरान ने बदले में अमेरिका या इजरायल के टॉप लीडर्स को मारा है?
जवाब: नहीं. 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए इस युद्ध में ईरान ने अमेरिका या इजरायल के किसी भी टॉप लीडर को नहीं मारा है. कोई भी रिपोर्ट इसकी पुष्टि नहीं करती. ईरान की तरफ से कोई सफल 'डिकैपिटेशन स्ट्राइक' यानी टॉप लीडरशिप को निशाना बनाने वाला हमला नहीं हुआ है.

सवाल 5: तो फिर ईरान किस तरह अमेरिका-इजरायल की नाक में दम किया हुआ है?
जवाब: ईरान ने 'आंख के बदले आंख' वाली सीधी लड़ाई नहीं की. उसने असिमेट्रिक वॉरफेयर (असममित युद्ध) चुना यानी अपनी कमजोर जगह पर नहीं, बल्कि दुश्मन की सबसे मजबूत जगह (तेल, अर्थव्यवस्था और गल्फ के सहयोगी) पर हमला किया. 28 फरवरी 2026 से होर्मुज स्ट्रेट बंद करने, गल्फ के एनर्जी हब्स पर हमले और प्रॉक्सी ग्रुप्स के जरिए ईरान ने अमेरिका-इजरायल को वैश्विक स्तर पर दबाव में डाल दिया है. नतीजा- तेल की कीमतें 60% ऊपर, ग्लोबल इन्फ्लेशन बढ़ा और अमेरिका के सहयोगी देश चीख रहे हैं.

ज़ाहिद अहमद इस वक्त ABP न्यूज में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर (एबीपी लाइव- हिंदी) अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इससे पहले दो अलग-अलग संस्थानों में भी उन्होंने अपनी सेवाएं दी. जहां वे 5 साल से ज्यादा वक्त तक एजुकेशन डेस्क और ओरिजिनल सेक्शन की एक्सप्लेनर टीम में बतौर सीनियर सब एडिटर काम किया. वे बतौर असिस्टेंट प्रोड्यूसर आउटपुट डेस्क, बुलेटिन प्रोड्यूसिंग और बॉलीवुड सेक्शन को भी लीड कर चुके हैं. ज़ाहिद देश-विदेश, राजनीति, भेदभाव, एंटरटेनमेंट, बिजनेस, एजुकेशन और चुनाव जैसे सभी मुद्दों को हल करने में रूचि रखते हैं.

Read More
और पढ़ें
Sponsored Links by Taboola
Advertisement

टॉप हेडलाइंस

Explained: खामेनेई, नसीरजादेह, खादमी... US-इजरायल ने कैसे तेहरान में घुसकर टॉप लीडरशिप खत्म की? आखिर ईरान रोक क्यों नहीं पा रहा
अमेरिका-इजरायल ने कैसे तेहरान में घुसकर टॉप लीडरशिप खत्म की? आखिर ईरान रोक क्यों नहीं पा रहा
US Israel Iran War LIVE: कयामत की होगी रात, पूरी सभ्यता होगी खत्म... ट्रंप की सबसे खतरनाक चेतावनी
LIVE: कयामत की होगी रात, पूरी सभ्यता होगी खत्म... ट्रंप की सबसे खतरनाक चेतावनी
पाकिस्तान में लॉकडाउन के बीच सड़कों पर फूट रहा गुस्सा, कराची से पेशावर तक उग्र प्रदर्शन, बुरे फंसे शाहबाज
पाकिस्तान में लॉकडाउन के बीच सड़कों पर फूट रहा गुस्सा, कराची से पेशावर तक उग्र प्रदर्शन, बुरे फंसे शाहबाज
ईरान के 'ऑयल हब' खार्ग आइलैंड पर भीषण हमला, ट्रंप की डेडलाइन से पहले भड़की जंग, खाड़ी में हाहाकार
ईरान के 'ऑयल हब' खार्ग आइलैंड पर भीषण हमला, ट्रंप की डेडलाइन से पहले भड़की जंग, खाड़ी में हाहाकार
Advertisement

वीडियोज

Pawan Khera Controversy: Himanta की पत्नी पर फर्जी पासपोर्ट का आरोप लगाना पड़ा भारी | Assam Police
Iran Israel War Updates: महायुद्ध के बीच बड़ी खबर..Train सफर पर बड़ा अपडेट! | Donald Trump
Iran Israel War: US Pilot Rescue Operation पर Trump का बड़ा खुलासा! | Iran Israel Ceasefire
US Rescue Mission In Iran: आसानी से नहीं मिला America का Pilot..Rescue Operation पर बड़ा खुलासा!
Trump Ultimatum to Iran: आज रात ईरान खत्म? Trump की चेतावनी से हड़कंप! | Iran Israel War Ceasefire
Advertisement

फोटो गैलरी

Advertisement
Petrol Price Today
₹ 94.77 / litre
New Delhi
Diesel Price Today
₹ 87.67 / litre
New Delhi

Source: IOCL

पर्सनल कार्नर

टॉप आर्टिकल्स
टॉप रील्स
पाकिस्तान में लॉकडाउन के बीच सड़कों पर फूट रहा गुस्सा, कराची से पेशावर तक उग्र प्रदर्शन, बुरे फंसे शाहबाज
पाकिस्तान में लॉकडाउन के बीच सड़कों पर फूट रहा गुस्सा, कराची से पेशावर तक उग्र प्रदर्शन, बुरे फंसे शाहबाज
Explained: ईरान का सऊदी अरब की 'रीढ़' अल जुबैल पर हमले का क्या असर? तेल सप्लाई और दुनिया की इकोनॉमी पर कितना बड़ा खतरा
ईरान का सऊदी अरब की ‘रीढ़’ अल जुबैल पर हमला, इसके मायने क्या और दुनिया पर कितना होगा असर?
Watch: अर्जुन तेंदुलकर की बैक टू बैक यॉर्कर, LSG कैंप में मचाया तहलका; ऋषभ पंत भी चारों खाने चित
Watch: अर्जुन तेंदुलकर की बैक टू बैक यॉर्कर, LSG कैंप में मचाया तहलका; ऋषभ पंत भी चारों खाने चित
'योगी आदित्यनाथ अच्छे आदमी हैं लेकिन...', ओवैसी की पार्टी AIMIM नेता शौकत अली ने की CM की तारीफ
'योगी आदित्यनाथ अच्छे आदमी हैं लेकिन...', ओवैसी की पार्टी AIMIM नेता शौकत अली ने की CM की तारीफ
आगजनी, सड़क जाम, हिंसक प्रदर्शन और दहशत...दो बच्चों की मौत के बाद फिर सुलगा मणिपुर, जानें कैसे हालात
आगजनी, सड़क जाम, हिंसक प्रदर्शन और दहशत...दो बच्चों की मौत के बाद फिर सुलगा मणिपुर, जानें कैसे हालात
Matheesha Pathirana: KKR के लिए आई खुशखबरी, मथीशा पथिराना की फिटनेस पर आया अपडेट, जानिए IPL के लिए कब आएंगे भारत?
KKR के लिए आई खुशखबरी, मथीशा पथिराना की फिटनेस पर आया अपडेट, जानिए IPL के लिए कब आएंगे भारत?
Raveena Tandon: रवीना टंडन के गले में दिखा माता रानी का 'दिव्य हार' ज्योतिष संकेत जान रह जाएंगे हैरान!
Raveena Tandon: रवीना टंडन के गले में दिखा माता रानी का 'दिव्य हार' ज्योतिष संकेत जान रह जाएंगे हैरान!
पवन खेड़ा नहीं मिले, घर से क्या जब्त करके ले गई असम पुलिस? निकलते ही कहा- 'कहीं से भी ढूंढ निकालेंगे'
पवन खेड़ा नहीं मिले, घर से क्या जब्त करके ले गई असम पुलिस? निकलते ही कहा- 'कहीं से भी ढूंढ निकालेंगे'
Embed widget