ईरान ने भेजा ऐसा प्रस्ताव, टेंशन में आए ट्रंप, जानें अमेरिका के सामने तेहरान ने रखीं कितनी शर्तें?
US-Iran War: पश्चिमी एशिया में तनाव के बीच ईरान पहली बार होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए तैयार हो गया है, लेकिन इसके लिए उसने अमेरिका के सामने कुछ शर्तें रखी हैं.

मिडिल ईस्ट में तनाव कम करने की कोशिशों के बीच ईरान ने ऐसा कूटनीतक प्रस्ताव पेश किया है, जिसने वॉशिंगटन में हलचल तेज कर दी है. तेहरान होर्मुज स्ट्रेट को खोलने के लिए तैयार हो गया है, लेकिन इसके लिए उसने फिर शर्तों का पेंच फंसा दिया है. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी ईरान के नए प्रस्ताव से सहमत नहीं हैं. ट्रंप प्रशासन का मानना है कि ईरान एक बार फिर 'शर्तों के जाल' में उलझाकर मुख्य मुद्दे से ध्यान भटकाने की कोशिश कर रहा है.
क्या है ईरान का नया प्रस्ताव?
तेहरान के इस प्रस्ताव में एक रणनीतिक अदला-बदली की बात कही गई है. ईरान ने प्रस्ताव दिया है कि अगर अमेरिका उस पर लगी आर्थिक नाकाबंदी और प्रतिबंधों को पूरी तरह खत्म कर देता है, तो वह होर्मुज स्ट्रेट को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए पूरी तरह खोल देगा. हालांकि, इस प्रस्ताव का सबसे बड़ी पेच यह है कि इसमें ईरान ने अपने परमाणु कार्यक्रम पर किसी भी चर्चा को फिलहाल स्थगित करने की शर्त रखी है.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस प्रस्ताव को मानने के लिए तैयार नहीं हैं. CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रंप ने सीनीयर राष्ट्रीय सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक में साफ किया कि ईरान के परमाणु प्रोग्राम के मुद्दे को सुलझाए बिना किसी भी समझौते पर आगे बढ़ना संभव नहीं है.
क्या बोले अमेरिकी विदेश मंत्री?
ईरान चाहता है कि वह होर्मुज खोल दे और उसके बदले उसे छूट मिल जाए, लेकिन अमेरिका का कहना है कि असली समस्या उसका परमाणु प्रोग्राम है और जब तक उस पर बात नहीं होगी बाकी समझौते मायने नहीं रखते. अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा, 'ईरान की परमाणु महत्वाकांक्षाएं किसी भी वार्ता का केंद्र बिंदु हैं. हम केवल होर्मुज की सुरक्षा के बदले परमाणु खतरे को नजरअंदाज नहीं कर सकते.'
यूएस का मानना है कि अगर ईरान के नए प्रस्ताव को मानने के लिए तैयार हो जाता है तो अमेरिका ईरान पर दबाव बनाने का सबसे महत्वपूर्ण हथियार खो देगा. होर्मुज को खोलने के बदले प्रतिबंध हटाना ईरान के लिए बड़ी जीत होगी, क्योंकि इससे उसे आर्थिक मजबूती मिलेगी और उसका परमाणु कार्यक्रम बिना किसी रोक-टोक के चलता रहेगा.
ईरान के परमाणु प्रोग्राम पर फंसा पेंच
पाकिस्तान के जरिए ईरान और अमेरिका के बीच प्रस्ताव का आदान-प्रदान हो रहा है, लेकिन अब तक परमाणु कार्यक्रम को लेकर दोनों पक्षों के बीच कोई सहमति नहीं बन पाई है. यूएस की मांग है कि ईरान अगले 20 साल के लिए परमाणु प्रोग्राम को रोक दे और मौजूद 440 किलो रिच यूरेनियम को सौंप दे. हालांकि ईरान इस शर्त को मानने के लिए तैयार नहीं हुआ है.
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Source: IOCL
























