'एक एहसान करो, थोड़ी-सी शर्म करो', जर्मन चांसलर ने खामेनेई पर किया कमेंट तो भड़का ईरान, याद दिलाया इतिहास
Iran Protest: जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने कहा था कि खामेनेई के नेतृत्व वाली सरकार अपने अंतिम दिनों में है. ईरान के विदेश मंत्री ने गाजा और हालिया अमेरिकी कार्रवाई का जिक्र कर मर्ज पर निशाना साधा.

ईरान में पिछले दो हफ्तों से जारी देशव्यापी विरोध प्रदर्शन ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान मिडिल ईस्ट की ओर खींचा है. ईरान की खराब आर्थिक हालात से पैदा हुआ ये आंदोलन अब सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को सत्ता के बेदखल करने पर अड़ा हुआ है. इस बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के उस बयान का जवाब दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था कि खामेनेई के नेतृत्व वाली ईरानी सरकार अपने अंतिम दिनों में है.
मानवाधिकारों के मद्दे पर न बोले जर्मनी: अराघची
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने मर्ज को जवाब देते हुए X पर लिखा, 'जर्मनी की सरकार को मानवाधिकारों के मद्दे उठाने का कोई हक नहीं है. इसकी वजह ये है कि जर्मनी ने पिछले कुछ सालों में दोहरा मापदंड अपनाकर इसकी विश्वसनीयता को पूरी तरह से मिटा दिया है. जब ईरान के लोगों और पुलिस अधिकारियों की हत्या करने वाले आतंकियों को हम हराते हैं तो जर्मन चांसलर तुरंत घोषणा कर देते हैं कि हिंसा कमजोरी की पहचान है. फिर गाजा में 70 हजार फिलिस्तीनियों के सामूहिक नरसंहार में मर्ज के पूर्ण समर्थन को लेकर उनका क्या कहना है.'
Of all governments, the one in Germany is perhaps the worst placed to address "human rights". The reason is simple: its blatant double-standards over the past years have obliterated any shred of credibility.
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) January 13, 2026
When Iran defeats terrorists who kill civilians and police officers,… pic.twitter.com/0tvkFTYecM
जर्मनी का भाषण तर्कहीन: ईरानी विदेश मंत्री
अब्बास अराघची ने कहा, 'पिछले साल इजरायल ने हमारे देश में घरों और व्यवसायों पर बमबारी की थी, जिसकी जर्मनी ने खूब तारीफ की थी. हमारे लोगों को वो भी याद है. हाल ही में अमेरिका ने एक देश के राष्ट्राध्यक्ष का अपहरण कर लिया और जर्मनी उस पर चुप रहा. मानवाधिकारों पर दिया गया जर्मनी का भाषण तर्कहीन है क्योंकि उन्होंने खुद ही इसका पालन नहीं किया है.'
'एक एहसान करो, थोड़ी-सी शर्म करो'
जर्मन चांसलर पर तंज कसते हुए अब्बास अराघची ने कहा, 'हम सब पर एक एहसान करो... थोड़ी शर्म करो. इससे बेहतर होगा कि जर्मनी हमारे क्षेत्रों में अपना गैरकानूनी हस्तक्षेप बंद करे, जिसमें नरसंहार और आतंकवाद को समर्थन देना भी शामिल है.'
ईरान प्रोटेस्ट में 2000 लोगों की मौत
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में हो रहे विरोध प्रदर्शन में करीब 2000 लोग मारे गए. ईरान में अधिकारियों ने मंगलवार (13 जनवरी 2026) को कुछ प्रतिबंधों में ढील दी, जिससे वहां के निवासियों को कई दिनों में पहली बार मोबाइल नेटवर्क के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय फोन कॉल करने की अनुमति मिली. हालांकि, अधिकारियों ने इंटरनेट और टेक्स्ट मैसेजिंग सेवाओं को बहाल नहीं किया.
Source: IOCL























