मजहब की दीवारें टूटीं! हिंदू और सिख धर्मगुरू भी पहुंचे ईरान, खामेनेई के ताबूत के सामने की प्रार्थना
भारत की तरफ से पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती, कांग्रेस के नेता सलमान खुर्शीद पहुंचे हैं. इनकी तस्वीर और वीडियो भी जारी किए गए हैं. भारत सरकार ऑफिशियल डेलीगेशन भी रवाना हुआ है.

अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में मारे गए ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला सैयद अली खामेनेई के राजकीय सम्मान में दुनियाभर से नेता पहुंच रहे हैं. भारत की तरफ से भी एक डेलीगेशन गया है. भारत में ईरान के दूतावास ने कई वीडियो और फोटो शेयर किए है. अयातुल्लाह सैयद अली खामेनेई को श्रद्धांजलि देने के लिए तेहरान के ग्रेंड मोसल्ला में दुनियाभर से लोग पहुंच रहे हैं.
भारत की तरफ से पीडीपी चीफ महबूबा मुफ्ती, कांग्रेस के नेता सलमान खुर्शीद पहुंचे हैं. इनकी तस्वीर और वीडियो भी जारी किए गए हैं.
भारत की तरफ से डेलीगेशन ईरान रवाना
भारत सरकार की तरफ से जिस ऑफिशियल डेलीगेशन को रवाना किया गया है, उनमें विदेश राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा, बिहार के राज्यपाल सैयद अता हसनैन तेहरान के लिए रवाना हो चुके हैं.
जो वीडियो सामने आएं, उसमें नजर आ रहा है कि अली खामेनेई के जनाजे के पास भारत के धर्मगुरुओं ने प्रार्थना की है. वहीं, तेहरान में अपने नेता को विदा करने के लिए भारी तदाद में लोग जुटे हैं. एक जनसैलाब सा उनके अंतिम संस्कार में उमड़ पड़ा है. बता दें, अयातुल्ला खामेनेई का पार्थिव शरीर शुक्रवार को ग्रैंड मोसल्ला में रखा गया है. उनके पार्थिव शरीर को लाल झंडे से ढका गया है.
#WATCH | A delegation of Indian religious leaders paid tribute to Supreme Leader of the Islamic Republic of Iran, Ayatollah Ali Khamenei
— ANI (@ANI) July 3, 2026
Video shared by Embassy of Iran in India pic.twitter.com/KphNJVY8Ld
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4 महीने पहले हुई थी अयातुल्ला खामेनेई की मौत
ईरान के राष्ट्रपति ने इसे राष्ट्रीय एकता का एक नया दौर करार दिया है. 28 फरवरी को ईरान पर अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से हमला कर दिया था. उसी हमले में उनकी मौत हो गई थी. चार महीने पहले हुए इस घटनाक्रम के बाद उनके पार्थिव शरीर को सुरक्षित रख लिया गया था. इस दौरान ईरान और अमेरिका में जबरदस्त युद्ध देखने को मिला. उनके शरीर को कोल्ड स्टोरेज में सुरक्षित रखा गया था. केमिकल का उपयोग इसलिए नहीं किया गया, क्योंकि, इस्लाम में किसी भी तरह के केमिकल की मनाही है. सिक्योरिटी को नजरंदाज न करते हुए, उनके बेटे और वर्तमान ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई को इस अंतिम संस्कार से दूर रखा गया है.
























