'टैरिफ बम' के बाद दबाव में नहीं आएगा भारत, ट्रंप को देने वाला है झटका, ट्रेड डील में शामिल नहीं होंगे ये दो बड़े सेक्टर
India US trade deal: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया है. दावा किया जा रहा है कि वे इसके जरिए दबाव बनाकर जल्द से जल्द ट्रेड डील साइन करवाना चाहते हैं.

अमेरिका और भारत के बीच अभी तक ट्रेड डील फाइनल नहीं हुई है, लेकिन इससे पहले राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ की धमकी जरूर दे दी है. व्हाइट हाउस ने गुरुवार (31 अगस्त) को बताया कि भारत पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा. अमेरिका इसके जरिए भारत पर ट्रेड डील साइन करवाने का दबाव बनाना चाह रहा है. वह भारत के साथ कृषि और डेयरी सेक्टर को लेकर समझौता करना चाहता है, लेकिन भारत इसके लिए तैयार नहीं है.
सूत्रों के मुताबिक भारत पर अमेरिका के दबाव का फर्क नहीं पड़ने वाला है. अगर भारत, अमेरिका के साथ कृषि और डेयरी सेक्टर को लेकर डील साइन करता है तो उसे अपना बाजार ट्रंप सरकार के लिए खोलना पड़ेगा और अगर ऐसा हुआ तो भारतीय किसानों को नुकसान उठाना पड़ सकता है. भारत ने हाल ही में ब्रिटेन के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट डील साइन की थी. इससे वह मजबूत स्थिति में है.
भारत किस-किस सेक्टर में नहीं करेगा समझौता
सूत्रों की मानें तो भारत सरकार कृषि, डेयरी और जीएम फसलों मांसाहारी दूध और बीफ आदि पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा. भारत अपने कृषि क्षेत्र और एमएसएमई क्षेत्र के हितों की हर कीमत पर रक्षा करेगा. सरकार का कहना है कि भारतीय किसानों के हितों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ने दिया जाएगा. भारत के लिए दूध धार्मिक भावना से जुड़ा मसला है. इसका इस्तेमाल पूजा के लिए किया जाता है.
भारत क्यों अमेरिका के साथ एग्रीकल्चर और डेयरी सेक्टर को लेकर साइन नहीं कर रहा डील
दरअसल अमेरिका चाहता है कि भारत कृषि उत्पादों जैसे मक्का, गेहूं और सोयाबीन पर टैरिफ कम करे, लेकिन भारत इसके लिए तैयार नहीं है. अमेरिका अपने कृषि उत्पादों पर भारी सब्सिडी देता है, जिससे भारतीय किसानों को नुकसान होता है. अमेरिका की एक बड़ी डिमांड डेयरी सेक्टर को लेकर भी है. वह चाहता है कि उसके प्रॉडक्ट भारत में आएं, लेकिन भारत इसके लिए भी तैयार नहीं है.
बांग्लादेश-पाकिस्तान पर कम टैरिफ का क्या होगा प्रभाव
सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान और बांग्लादेश पर कम टैरिफ का प्रभाव हम पर नहीं पड़ेगा. अगस्त के अंत तक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल वार्ता के लिए आ रहा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले 1 अगस्त से ये टैरिफ लगाने का ऐलान किया था. लेकिन बाद में इस तारीख में बदलाव किया गया और अब 7 अगस्त से लागू करने की बात कही गई है.
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Source: IOCL























