Xप्लेन: US के 27 राज्यों में कैंडिडा ऑरिस का प्रकोप, कितना खतरनाक है ये फंगस, क्या है लक्षण
सेंटर्स फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, 25 जुलाई तक अमेरिका के 27 राज्यों में कैंडिडा ऑरिस (C. auris) के कुल 3,437 मामले सामने आए हैं.

हाल ही में पता चला एक जानलेवा फंगस पूरे अमेरिका में फैल रहा है और इसके इलाज के विकल्प सीमित हैं. अमेरिका में 'कैंडिडा ऑरिस' (Candida auris) का पहला मामला 2013 में सामने आया था, और तब से इसके मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. पिछले साल इसके 3,348 कन्फर्म मामले सामने आए थे. अमेरिका इस संख्या को पार करने की राह पर है. इस फंगस के फैलने को लेकर सबसे बड़ी चिंता हेल्थकेयर सेंटर्स (अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों) में है. यह हेल्थकेयर सेंटर्स में आसानी से फैलता है और ज़्यादातर उन लोगों को प्रभावित करता है जो पहले से ही बहुत बीमार हैं.
सेंटर्स फॉर डिज़ीज़ कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, 25 जुलाई तक अमेरिका के 27 राज्यों में कैंडिडा ऑरिस (C. auris) के कुल 3,437 मामले सामने आए हैं. यह पिछले साल इसी समय मिले 4,290 मामलों की तुलना में लगभग 1,000 कम हैं. कैलिफ़ोर्निया में सबसे ज़्यादा 873 मामले दर्ज किए गए हैं, इसके बाद टेक्सास में 433 और टेनेसी में 283 मामले सामने आए हैं.
अमेरिका में इसके फैलने की रफ़्तार चिंताजनक
यूनिवर्सिटी ऑफ़ कैलिफ़ोर्निया, इरविन स्कूल ऑफ़ मेडिसिन में संक्रामक रोगों की प्रोफ़ेसर सुज़ैन हुआंग, MD ने हेल्थलाइन को बताया कि इस फंगस का फैलना अमेरिका के लिए चिंता का विषय है. दुनिया भर में इसका तेज़ी से सामने आना और अमेरिका में इसके फैलने की रफ़्तार चिंताजनक है. लोगों को निश्चित रूप से इस चिंता के बारे में पता होना चाहिए और यह भी पता होना चाहिए कि इसका उन पर या उनके प्रियजनों पर क्या असर पड़ सकता है.
कैंडिडा ऑरिस क्या है और यह कितना खतरनाक है?
कैंडिडा ऑरिस एक प्रकार का यीस्ट है जो गंभीर संक्रमण का कारण बन सकता है खासकर उन लोगों में जो पहले से ही गंभीर रूप से बीमार हैं या जिनकी इम्यून सिस्टम कमज़ोर है. ऑरिस की खोज सबसे पहले 1996 में कोरियाई शोधकर्ताओं ने की थी और 2009 में जापान में इसे आधिकारिक तौर पर एक नई प्रजाति के रूप में पहचाना गया था. अमेरिका में इसके बारे में सबसे पहले 2016 में पता चला था.
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) कैंडिडा ऑरिस को एक 'क्रिटिकल-प्रायोरिटी फंगल पैथोजन' (अत्यंत महत्वपूर्ण फंगल रोगाणु) बताता है, जो कई तरह के संक्रमण पैदा कर सकता है. शरीर में घुसने वाले रोगाणुओं को मारने के लिए व्हाइट ब्लड सेल्स 'रिएक्टिव नाइट्रोजन स्पीशीज़' (RNS) बनाती हैं, लेकिन यह सुपरबग फंगस सक्रिय रूप से उनके उत्पादन को रोकता है, जिससे त्वचा का संक्रमण और गंभीर, जानलेवा संक्रमण (जैसे ब्लडस्ट्रीम इन्फेक्शन) हो सकते हैं.

स्वस्थ लोगों के लिए कैंडिडा ऑरिस (Candida auris) से बहुत कम खतरा होता है. हालांकि, जिन लोगों को पुरानी या बार-बार होने वाली स्वास्थ्य समस्याएं हैं, उनके लिए यह खतरनाक है. डॉक्टरों का कहना है कि जिन लोगों को डायबिटीज, ल्यूकेमिया और लिम्फोमा जैसे ब्लड कैंसर हैं, या जिनकी इम्यूनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) कमजोर है, उन्हें C. auris का संक्रमण होने का खतरा रहता है. जो लोग नर्सिंग होम या ऐसी ही जगहों पर रहते या काम करते हैं, या जिन्हें बार-बार अस्पताल में भर्ती होना पड़ता है, उन्हें भी इस फंगस के संक्रमण का खतरा हो सकता है.
कैंडिडा ऑरिस से मृत्यु दर 30% से 60% के बीच मानी जाती है. चूंकि कैंडिडा ऑरिस से संक्रमित ज़्यादातर मरीज़ पहले से ही बीमार होते हैं, इसलिए जब कैंडिडा ऑरिस से संक्रमित मरीज़ों की मौत होती है, तो यह पता लगाना मुश्किल होता है कि उनकी मौत में कैंडिडा ऑरिस की कितनी भूमिका थी और पहले से मौजूद अन्य बीमारियों की कितनी.
एंटीफंगल दवाएं असर नहीं करतीं
अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी CDC के अनुसार, कैंडिडा ऑरिस (Candida auris) एक खतरनाक फंगस (यीस्ट) है, जिस पर कई एंटीफंगल दवाएं असर नहीं करतीं. यह गंभीर संक्रमण पैदा कर सकता है और गंभीर रूप से बीमार लोगों के लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है. सबसे बड़ी चिंता यह है कि कई लोगों के शरीर में यह बिना किसी लक्षण के मौजूद रह सकता है, जिससे अस्पतालों और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों में इसके एक मरीज से दूसरे मरीज तक फैलने का खतरा बढ़ जाता है.
कैंडिडा ऑरिस कैसे फैलता है?
-कैंडिडा ऑरिस मुख्य रूप से अस्पतालों, नर्सिंग होम और लंबे समय तक देखभाल वाली जगहों जैसे हेल्थकेयर सेंटर्स में फैलता है.
-यह फंगस दरवाज़े के हैंडल और बेड की रेलिंग जैसी सतहों और चीज़ों पर लंबे समय तक जीवित रह सकता है और मरीज़ों में फैल सकता है.
-जो मरीज़ वेंटिलेटर, फ़ीडिंग ट्यूब, कैथेटर या सेंट्रल इंट्रावेनस लाइन का इस्तेमाल कर रहे हैं, उन्हें ज़्यादा ख़तरा होता है क्योंकि यह फंगस इन डिवाइस के ज़रिए ब्लडस्ट्रीम में घुस सकता है और जानलेवा इन्फेक्शन पैदा कर सकता है.

कैंडिडा ऑरिस के लक्षण क्या हैं?
कैंडिडा ऑरिस के कोई खास लक्षण नहीं होते, जिससे इसकी पहचान करना मुश्किल हो जाता है. कुछ आम लक्षणों में बुखार और कंपकंपी शामिल हैं, लेकिन ये लक्षण दूसरी बीमारियों में भी दिखते हैं.



















