निकल गई अमेरिका की हेकड़ी... 'भारत-US चीन को पछाड़ देंगे', ट्रंप के करीबी सर्जियो गोर ने बताया हिंदुस्तान कितना खास
सर्जियो गोर ने कहा कि दक्षिण एशिया की स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारत की भूमिका को कम करके नहीं आंका जा सकता. अमेरिका-भारत की साझेदारी 21वीं सदी की परिभाषा तय करेगी.

भारत में अमेरिकी एंबेसडर के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तरफ से नामित सर्जियो गोर ने गुरुवार (11 सितंबर, 2025) को सीनेट की विदेश संबंधी समिति के सामने नई दिल्ली के रणनीतिक महत्व पर जोर दिया. उन्होंने भारत को अमेरिका के लिए दुनिया भर के देशों में सबसे महत्वपूर्ण बताया. उन्होंने एक बार फिर से भारत-यूएस रिलेशन में पर्सनल टच बहाल करने, रक्षा, व्यापार और प्रौद्योगिकी सहयोग को गहरा करने का संकल्प लिया.
गोर ने जोर देकर कहा कि चीन की तुलना में भारत की अमेरिका के साथ कहीं अधिक समानताएं हैं और हमें बीजिंग के विस्तारवाद का मुकाबला करने के लिए घनिष्ठ सहयोगी के रूप में भारत की ज्यादा जरूरत है. उन्होंने कहा कि अमेरिका के लिए भारत विश्व में सबसे महत्वपूर्ण संबंधों में से एक है. मेरी प्राथमिकता भारत को मजबूती से अपने पक्ष में लाने की होगी.
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'हमारे राष्ट्रपति की प्रधानमंत्री मोदी के साथ गहरी दोस्ती'
सीनेट की विदेश संबंधी समिति के सामने अपने बयान में सर्जियो गोर ने कहा कि हमारे राष्ट्रपति की प्रधानमंत्री मोदी के साथ गहरी दोस्ती है और यहां तक कि जब उन्होंने भारत की आलोचना की है, तब भी उन्होंने मोदी की तारीफ करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है. गोर ने कहा कि मैं राष्ट्रपति ट्रंप के महत्वाकांक्षी लक्ष्य, जिसे मिशन 500 कहा गया है की दिशा में काम करूंगा, जिसके तहत 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करके 500 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाया जाएगा.
'अमेरिका-भारत मिलकर चीन को पछाड़ सकते हैं'
सर्जियो गोर ने कहा कि मैं ऐसे सुधारों की वकालत करूंगा, जो भारत के बाजारों को अधिक एक्सेसिबल और ट्रांसपेरेंट बनाएंगे. अमेरिका-भारत की विश्वसनीय साझेदारी के जरिए ही एआई, क्वांटम और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में चीन का पछाड़ा जा सकता है. मैं इस प्रशासन की एआई कार्य योजना को आगे बढ़ाऊंगा.
'भारत को कम करके नहीं आंका जा सकता'
उन्होंने आगे कहा कि अगर मेरी नियुक्ति की पुष्टि हो जाती है तो मैं भारत को अमेरिकी ऊर्जा निर्यात बढ़ाने के लिए काम करूंगा. अमेरिका को तेल और एलएनजी का अग्रणी आपूर्तिकर्ता बनाऊंगा. गोर ने कहा कि दक्षिण एशिया की स्थिरता और सुरक्षा सुनिश्चित करने में भारत की भूमिका को कम करके नहीं आंका जा सकता. अमेरिका-भारत साझेदारी 21वीं सदी की नई परिभाषा तय करेगी.
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Source: IOCL






















