नेपाल बाढ़ के बाद अब चीन में भूकंप के झटके, क्या है ताजा अपडेट?
चीन के सिचुआन में 5.1 तीव्रता के भूकंप के बाद नेपाल में फिर बाढ़ का अलर्ट जारी हुआ है. त्रिशूली इलाके को खाली कराया जा रहा है. नेपाल में बाढ़ से 469 मौतें हुई हैं.

चीन के सिचुआन प्रांत में शुक्रवार (28 अगस्त 2026) को 5.1 तीव्रता के भूकंप महसूस किए गए. यह भूकंप दोपहर 1 बजकर 13 मिनट पर आया. भूकंप का केंद्र दक्षिण-पश्चिम चीन के सिचुआन प्रांत के लोंगचांग शहर में था. भूकंप जमीन के करीब 13 किलोमीटर नीचे आया. इसके बाद नेपाल में एक बार फिर बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. नेपाल पुलिस ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है. त्रिशूली इलाके में पानी बढ़ने के खतरे को देखते हुए लोगों को सुरक्षित जगहों पर ले जाने का काम शुरू किया गया है. चीन अर्थक्वेक नेटवर्क्स सेंटर की जानकारी के अनुसार, भूकंप का असर दक्षिण-पश्चिम चीन के सिचुआन प्रांत के लोंगचांग शहर में महसूस किया गया. भूकंप के बाद नेपाल की ओर पानी के तेज बहाव को लेकर भी चिंता बढ़ गई है.
नेपाल पुलिस ने बताया कि तिब्बत की तरफ एक बांध टूटने की जानकारी मिली है. इसके बाद त्रिशूली और आसपास के इलाकों में लोगों को अलर्ट किया गया. पुलिस ने बचाव दल, सुरक्षाकर्मियों और आम लोगों से सुरक्षित जगह पर जाने की अपील की है. पुलिस ने लोगों से कहा है कि वे नदी के आसपास जाने से बचें और खतरे की स्थिति में तुरंत सुरक्षित स्थान पर चले जाएं. प्रशासन की ओर से हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है.
सेना और हेलीकॉप्टर राहत काम में जुटे
नेपाल के हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में विपक्ष के नेता भीष्म राज अंगदेम्बे ने कहा कि खराब मौसम और मुश्किल रास्तों के बावजूद सेना बचाव अभियान चला रही है. उनके अनुसार, दो आर्मी हेलीकॉप्टर के साथ निजी कंपनियों के हेलीकॉप्टर भी राहत और बचाव के काम में लगाए गए हैं. उन्होंने बताया कि केंद्र, प्रदेश और स्थानीय सरकारें मिलकर काम कर रही हैं. सुरक्षा एजेंसियां लोगों को खतरे वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दे रही हैं.
त्रिशूली-रसुवा सड़क का काम रोका गया
पानी बढ़ने के खतरे को देखते हुए त्रिशूली से रसुवा की ओर बन रही सड़क का काम फिलहाल रोक दिया गया है. सड़क निर्माण में लगी सभी JCB मशीनों को वापस बुला लिया गया है. रेस्क्यू टीम से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि रसुवा जाने वाला रास्ता बुरी तरह खराब हो गया है. कई जगह मलबा जमा है और रास्ते टूट गए हैं. अब स्थानीय और नेपाल सरकार को मलबा हटाकर सड़क संपर्क बहाल करना होगा. एक JCB चालक ने भी बताया कि पानी दोबारा बढ़ रहा है, इसलिए काम रोक दिया गया है.
बाढ़ में घर और दुकानें बह गईं
त्रिशूली इलाके में रहने वाले लोगों ने बाढ़ की भयावह स्थिति बताई. एक स्थानीय व्यक्ति के अनुसार, अचानक पानी बढ़ने के बाद लोगों को वहां से भागना पड़ा. कई लोगों के घर, दुकानें और सामान बाढ़ में बह गए. स्थानीय लोगों ने बताया कि जब उन्होंने नदियों में पानी का स्तर बहुत तेजी से बढ़ते देखा तो वे सुरक्षित जगह की ओर भागे. कई लोग कीचड़ में फंस गए, जबकि कुछ लोग पानी के तेज बहाव में बह गए. त्रिशूली का बाजार क्षेत्र भी बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुआ है.
नेपाल में मौत का आंकड़ा 469 पहुंचा
नेपाल पुलिस के अनुसार, शुक्रवार को आई भीषण बाढ़ में मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है. इस आपदा में 1,545 लोग घायल हुए हैं और उन्हें बचाकर इलाज के लिए भेजा गया है. पुलिस के अनुसार, चितवन में सबसे ज्यादा 178 शव मिले हैं. इसके बाद नवलपरासी ईस्ट में 110, गोरखा में 44, नुवाकोट में 37, धादिंग में 33, तनहुं में 28, नवलपरासी वेस्ट में 27 और रसुवा में 12 शव बरामद किए गए हैं.






















