बलूचिस्तान में फिर भड़का विद्रोह, बलूच लड़ाकों का बड़ा हमला, सरकारी इमारतें और बैंक जलाए
बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने पुष्टि की है कि अब तक की मुठभेड़ में दो बलूच विद्रोही मारे गए हैं, जबकि तीन अन्य घायल हुए हैं.

पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में पाकिस्तान सरकार और बलूच विद्रोहियों के बीच तनाव एक बार फिर हिंसक टकराव में बदल गया है और आज भारतीय समयानुसार करीब दोपहर 12 बजे बलूच विद्रोहियों ने बलूचिस्तान की राजधानी क्वेटा से 40 किलोमीटर दूर माष्टुंग इलाके में जोरदार हमला किया. माष्टुंग से आई तस्वीरों के मुताबिक बलूच हमलावरों ने शहर में घुसते ही पहले माष्टुंग के तहसील कार्यालय में बम धमाका किया, जिससे पूरा कार्यालय धू धू करके जलता हुआ दिखा और फिर 2 बैंक और कई सरकारी इमारतों को आग के हवाले कर दिया.
यह हमला मई के आखिरी सप्ताह में हुए हमले की तर्ज पर ही हुआ है, जब 31 मई को भी बलूच विद्रोहियों ने माष्टुंग पर धावा बोलते हुए पुलिस थाने और सरकारी कार्यालयों को जला दिया था और पूरे 48 घंटे तक शहर के बड़े हिस्से पर कब्जा बनाए रखा था. आज का हमला उसी सिलसिले की अगली कड़ी माना जा रहा है और स्थानीय प्रशासन और बलूचिस्तान सरकार के अनुसार, माष्टुंग में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों और बलूच विद्रोहियों के बीच गोलीबारी जारी है जिसकी पुष्टि बलूचिस्तान के माष्टुंग से आई तस्वीरें भी कर रही हैं.
बलूचिस्तान सरकार के प्रवक्ता शाहिद रिंद ने पुष्टि की है कि अब तक की मुठभेड़ में दो बलूच विद्रोही मारे गए हैं, जबकि तीन अन्य घायल हुए हैं. हालांकि, इस हिंसक झड़प में एक 16 साल के स्थानीय बच्चे की मौत की भी खबर है और आठ नागरिक गंभीर रूप से घायल हुए हैं. बलूचिस्तान सरकार ने दावा किया है कि बच्चे की मौत विद्रोहियों की गोली से हुई, जबकि बलूच विद्रोहियों से जुड़े कार्यकर्ताओं ने सुरक्षाबलों पर हत्या का आरोप लगाया है ऐसे में हालात की गंभीरता को देखते हुए माष्टुंग और आसपास के क्षेत्रों में और अतिरिक्त सुरक्षा बलों की तैनाती की जा रही है.
बलूच विद्रोह लंबे समय से पाकिस्तान सरकार के दमन, संसाधनों के दोहन और सैन्य अत्याचारों के खिलाफ चल रहा है और माष्टुंग में बढ़ती हिंसा एक बार फिर इस बात को उजागर करती है कि बलूच आंदोलन की आग थमी नहीं है, बल्कि और भड़कती जा रही है जिसमें घी डालने का काम लागतार ISI और पाकिस्तानी सेना कर रही है.
असल में बलूचिस्तान में जहां ISI और सेना अपने खिलाफ आवाज उठाने वाले बलूच नेताओं को या तो गायब कर रही है या फिर हत्या कर रही है तो शफीक मेंगल ग्रुप से शांतिप्रिय बलूच अलगाववादियों की हत्या भी करवा रही है. इतना ही नहीं इसी माष्टुंग में पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसी ISI की देखरेख में आतंकी संगठन ISIS का ट्रेनिंग सेंटर चल रहा है और इसके ऐवज में पिछले महीने ही ISIS बलूच विद्रोहियों के खिलाफ जंग का ऐलान कर चुकी है.
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