बांग्लादेश से तनाव के बीच श्रीलंका की जेल में बंद 14 भारतीयों को लेकर श्रीलंका ने ले लिया बड़ा फैसला, पढ़िए क्या
12 मछुआरे 7 फरवरी की रात को काची द्वीप के पास समुद्र में मछली पकड़ रहे थे, तभी श्रीलंकाई नौसेना ने इलाके में पहुंचकर सभी 12 मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया था.

भारत इस वक्त पड़ोसी देश बांग्लादेश के साथ तनाव की स्थिति में है और इसका कारण वहां की मोहम्मद यूनुस सरकार है जो लगातार भारत विरोधी बयान दे रही है. भारत हमेशा पड़ोसी देशों के साथ अच्छे संबंध की पक्षधर रहा है. यही कारण है कि उसके श्रीलंका के साथ संबंध अच्छे हैं. अब श्रीलंका ने एक ऐसा फैसला लिया है जिससे सभी भारतीय खुश हैं. दरअसल श्रीलंका ने हाल ही में गिरफ्तार किए गए 14 भारतीय मछुआरों को जेल से रिहा कर भारत भेज दिया है.
सोमवार को चेन्नई एयरपोर्ट पहुंचे
श्रीलंका की जेल से रिहा होकर 14 मछुआरे सोमवार को चेन्नई एयरपोर्ट पहुंचे. रामनाथपुरम जिले के रामेश्वरम और थंगाचिमादम इलाकों के 12 मछुआरे 7 फरवरी की रात को काची द्वीप के पास समुद्र में मछली पकड़ रहे थे, तभी श्रीलंकाई नौसेना ने इलाके में पहुंचकर सभी 12 मछुआरों को गिरफ्तार कर लिया था.
श्रीलंकाई नौसेना का दावा
श्रीलंकाई नौसेना ने दावा किया था कि वे सीमा पार करके श्रीलंकाई क्षेत्र में मछली पकड़ रहे थे, जिस वजह से उन्हें गिरफ्तार किया गया.
इसके साथ ही पिछले साल 23 दिसंबर को समुद्र में मछली पकड़ रहे कई मछुआरों को श्रीलंकाई नौसेना ने सीमा पार करके आने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया था. गिरफ्तारी के बाद उन्हें किलिनोच्ची कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया था. इसकी जानकारी मिलने के बाद केंद्र व राज्य सरकारों के बीच बातचीत हुई, फिर श्रीलंकाई सरकार से वार्ता के बाद 14 मछुआरों को श्रीलंका की जेल से रिहा कर दिया गया.
रिहा किए गए 14 मछुआरों को कोलंबो स्थित भारतीय दूतावास को सौंप दिया गया. उनकी मेडिकल जांच करने के बाद भारतीय दूतावास के अधिकारियों ने आपातकालीन पासपोर्ट जारी किए और उन्हें श्रीलंका की राजधानी कोलंबो से चेन्नई एयरपोर्ट के लिए विमान से भेज दिया. चेन्नई एयरपोर्ट पर पहुंचे 14 मछुआरों ने नागरिकता जांच और कस्टम जांच समेत चेन्नई एयरपोर्ट पर सभी जांच पूरी की और फिर बाहर आए.
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Source: IOCL






















