एक्सप्लोरर
यमुना एक्सप्रेस-वे हादसा: मौत की नींद सो गए 29 लोग, जानिए किसने क्या कहा
बता दें कि इस दुर्घटना में 29 लोगों की मौत हो गई और 18 अन्य घायल हो गए. यह बस लखनऊ से दिल्ली जा रही थी और यमुना एक्सप्रेसवे पर पुल से नीचे गिर गई.

नई दिल्ली: उत्तरप्रदेश रोडवेज की एक बस सोमवार सुबह लगभग चार बजे यमुना एक्सप्रेसवे पर फिसलकर 50 फुट नीचे गहरे नाले में जा गिरी जिसमें 29 यात्रियों की मौत हो गई और 18 जख्मी हो गए. इस घटना के बाद से लगातार लोगों की प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. तो आइए जानते हैं किसने क्या कहा... पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा- प्रियजनों को खोने वालों के प्रति मेरी संवेदना आगरा हादसे पर पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा, ''उत्तरप्रदेश के आगरा में हुई बस दुर्घटना से दुखी हूं. अपने प्रियजनों को खोने वालों के प्रति मेरी संवेदना है. भगवान से प्रार्थना करता हूं कि घायल लोग जल्द स्वस्थ हों. राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन प्रभावित लोगों को हरसंभव मदद मुहैया करा रहे हैं.’’ राजनाथ सिंह ने कहा- दुखद समाचार से मैं व्यथित हूं घटना पर दुख प्रकट करते हुए राजनाथ सिंह ने ट्वीट किया, "यमुना एक्सप्रेसवे पर हुई बस दुर्घटना में कई लोगों की मृत्यु के दुखद समाचार से मैं व्यथित हूं. दुर्घटना के संबंध में आदित्यनाथ से मैंने बात की है. उन्होंने प्रदेश के उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा एवं (परिवहन) मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को दुर्घटना स्थल पर भेजा है." उन्होंने आगे कहा, "भाजपा के प्रदेश महामंत्री पंकज सिंह भी घटनास्थल पर गए हैं. इस हृदय विदारक घटना में मारे गए लोगों के परिवारों के प्रति अपनी भावनायें एवं संवेदनाएं प्रेषित करता हूं और जो लोग घायल हुए हैं उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं." नितिन गडकरी बोले- देश में 30 फीसदी फ़र्ज़ी लाइसेंस हैं नितिन गडकरी ने यमुना एक्सप्रेस वे पर कोई मौतों के मामले पर कहा कि यह उत्तर प्रदेश सरकार के अंतर्गत आता है. यह सीमेंट कंक्रीट का हाईवे है और इस पर हुए एक्सीडेंट के बारे में जानकारी साझा की गई है. आज के एक्सीडेंट पर उत्तर प्रदेश सरकार ने कमेटी भी बनाई है. हमने प्रदेश सरकार से इस पर कार्रवाई करने को कहा है. नितिन गडकरी ने कहा कि देश में 30 फीसदी फ़र्ज़ी लाइसेंस हैं. उन्होंने आगे कहा कि हम रोड सेफ्टी बिल भी लेकर आए हैं और वह पास होने के बाद में हम जो फर्जी लाइसेंस है उनके खिलाफ कार्रवाई कर पाएंगे. उन्होंने कहा कि भारत में इसलिए सड़क हादसा ज्यादा होता है क्योंकि यहां पर टायर की क्वालिटी ठीक नहीं है. अमेरिका में टायर बनाने के लिए रबर के साथ सिलिकॉन का इस्तेमाल होता है और टायर में नाइट्रोजन डाला जाता है. प्रियंका गांधी ने कहा- दुर्घटना की खबर स्तब्ध करने वाली हादसे पर दुख जताते हुए प्रियंका गांधी ने कहा, ''यमुना एक्सप्रेस वे पर हुई भीषण बस दुर्घटना की खबर स्तब्ध करने वाली है. अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों की पीड़ा के बारे में सोचकर मन विचलित है. ईश्वर उन्हें यह दुख सहने की शक्ति दे. दुर्घटना में घायल लोगों के जल्द स्वस्थ होने की कामना करती हूं.'' मायावती बोलीं- अति-दुःखद मायावती ने कहा, "आगरा के भीषण सड़क हादसे में 29 यात्रियों की मौत व अन्य 22 लोगों के घायल होने की खबर अति-दुःखद. पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना. सरकार उन्हें तत्काल उचित राहत व सहायता दे. इस प्रकार की लगातार हो रही घातक दुर्घटनाओं के प्रति सरकार को सतर्क होकर उचित कदम उठाने की सख्त जरूरत.'' अखिलेश यादव ने की 50 -50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार से मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये मुआवजा देने की मांग की है. अखिलेश यादव ने दुर्घटना की उच्च स्तरीय जांच की मांग करते हुए राज्य सरकार से मृतकों के परिजनों को 50 -50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग की. ओपी राजभर ने भी दोहराई 50 -50 लाख रुपए मुआवजा देने की मांग ओपी राजभर ने ट्वीट कर कहा, 'यमुना एक्सप्रेस वे पर हुई रोडवेज बस सड़क दुर्घटना बहुत ही दुखद है. इस दुर्घटना में दिवंगत हुए लोगों के परिजनों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं और घायलों के शीघ्र ही स्वस्थ होने की प्रार्थना करता हूं. सरकार मृतकों के आश्रितों को कम से कम 50 लाख का मुआवजा दे. ममता बनर्जी ने कहा- शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना ममता बनर्जी ने ट्वीट कर कहा, आगरा के पास एक और बस दुर्घटना की वजह से जान गंवाने वालों के बारे में सुनकर दुख हुआ. शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना. मैं घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं. सीएम योगी ने दिए जांच के आदेश, बनाई समिति उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने यमुना एक्सप्रेसवे पर हुए बस हादसे में जांच के आदेश दिए हैं. योगी आदित्यनाथ ने परिवहन आयुक्त, मंडल आयुक्त और आगरा के पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) वाली एक समिति को 24 घंटे के भीतर घटना की जांच करने का आदेश दिया है.यह समिति दुर्घटना के कारणों को लेकर रिपोर्ट देगी और भविष्य में इस तरह की घटनाओं से बचने के लिए उठाए जाने वाले कदमों की भी सिफारिश करेगी. हेल्पलाइन नंबर- लखनऊ मुख्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है जहां से लोगों को जानकारी दी जा रही है. 9415049606, 188102877, 9412781886 नम्बर पर जानकारी ले सकते हैं.
और पढ़ें
Source: IOCL


























