BJP का SP पर हमला, कहा- 'अखिलेश सरकार में बेरोजगारी और भ्रष्टाचार की भरमार'

लखनऊ: भारतीय जनता पार्टी ने सीपीएमटी पेपर लीक कांड के आरोपियों को बचाने के लिए अखिलेश सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा सोमवार को कहा कि उत्तर प्रदेश की अखिलेश सरकार में नौकरियों में लूटमार, और बेरोजगारी की भरमार है, और बीजेपी की सरकार बनते ही समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के शासनकाल में हुए हर भ्रष्टाचार और अपराध के दोषियों को जेल भेजा जाएगा.
नौजवानों के भविष्य के साथ सिर्फ और सिर्फ खिलवाड़
बीजेपी के प्रदेश प्रवक्ता शलभ मणि त्रिपाठी ने कहा, "सीपीएमटी परीक्षा पेपर लीक कांड के मुख्य आरोपियों को बचाने की यूपी पुलिस की कोशिशों से यह साफ हो गया है कि अखिलेश सरकार ने पिछले पांच सालों के दौरान प्रदेश के नौजवानों के भविष्य के साथ सिर्फ और सिर्फ खिलवाड़ किया. सूबे में नौकरियों की बोली लगाई गई. सिपाही से लेकर पीसीएस की परीक्षा तक में जम कर भ्रष्टाचार हुआ. खुद अदालतों ने भी कई बार नौकरियों में हो रहे भ्रष्टाचार पर सवाल उठाए. लेकिन नैतिकता खो चुकी अखिलेश सरकार भ्रष्ट अफसरों पर कार्रवाई करने के बजाए उन्हें बचाने में जुटी रही."
लोक सेवा आयोग जैसी संस्था तक को नहीं बख्शा
शलभ ने कहा, "पांच सालों के दौरान अखिलेश सरकार ने लोक सेवा आयोग जैसी संस्था तक को नहीं बख्शा. आयोग के भ्रष्ट चेयरमैन अनिल यादव के रहते आयोग में भर्तियों की बोली लगाई गई. उन नौजवानों का हक लूट लिया गया, जो अपने मां बाप का सपना पूरा करने के लिए दिन-रात एक कर पढ़ाई करते हैं. वहीं विरोध करने पर इन नौजवानों पर बेरहमी से लाठियां बरसाई गईं. उनके खिलाफ फर्जी मुकदमे लिख कर उनका जीवन तबाह कर दिया गया."
चयन आयोग में भी भ्रष्टाचार का बोलबाला
प्रदेश प्रवक्ता ने कहा, "अनिल यादव को बचाने के लिए यूपी सरकार सर्वोच्च न्यायालय तक गई. इस सरकार में कोई भी भर्ती ईमानदारी से नहीं होने दी गई. माध्यमिक शिक्षा सेवा चयन बोर्ड, उच्चतर शिक्षा सेवा चयन आयोग में भी भ्रष्टाचार का बोलबाला रहा."
उन्होंने कहा, "इस आयोग के सदस्यों और चेयरमैनों को लेकर भी अदालतों ने तल्ख टिप्पणियां की. बेरोजगारी की ऐसी हालत कर दी गई कि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की करीब साढ़े तीन सौ पदों के लिए 23 लाख से ज्यादा नौजवानों ने आवेदन कर डाले. हाल ही में सफाई कर्मचारियों की भर्ती परीक्षा के लिए भी पीएचडी अहर्ता वाले नौजवानों तक को नाले की सफाई के लिए उतार दिया गया."
Source: IOCL























