उन्नाव: घर से काम करने के लिए निकले तीन मजदूरों के लिए कब्रगाह बन गई फैक्ट्री
शहर कोतवाली क्षेत्र के सिंगरोसी स्थित दुर्गा इंटरनेशनल फैक्ट्री में गत्ता बनाने का काम होता है. वहां पर आज लगभग 12.30 बजे के करीब यह घटना हुई है. सोमवार सुबह फैक्ट्री के डाइंग यूनिट के एक टैंक के पंप का नोजल खराब हो गया. इसे ठीक करने के लिए मजदूर गए थे.

उन्नाव: उन्नाव में एक फैक्ट्री में काम कर रहे तीन मजदूरों की मौत से हड़कंप मच गया. सुबह घर से फैक्ट्री में काम करने के लिए निकले इन मज़दूरों के लिए फैक्ट्री कब्रगाह बन गई. आपको बता दें शहर कोतवाली के सिंगरोसी स्थित दुर्गा इंटरनेशनल फैक्ट्री में तिरपाल रंगाई का काम होता है. फैक्ट्री में रंग घोलने के लिए बने टैंक का नोजल ठीक करने के लिए जैसे ही ये मजदूर टैंक में उतरे गंदे पानी से उठने वाली जहरीला गैस के रिसाव ने तीनों को चपेट में ले लिया. जबतक मजदूरों को मदद मिलती इनकी की मौत हो गई.
इन मज़दूरोंको बचाने के लिए टैंक में उतरे दो अन्य युवक भी जहरीली गैस की चपेट में आ गए. जहां अन्य दोनों की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल की इमर्जेंसी में भर्ती कराया गया. घटना के बाद फैक्ट्री से लेकर इमर्जेंसी तक कोहराम मचा रहा.
फैक्ट्री में मैयाखेड़ा गांव निवासी आशीष,सिंगरोसी निवासी हारुन और रामखबक्स खेड़ा निवासी भजनलाल, हरिराम और हरदोई के माधौगंज लीलामऊ गांव में रहने वाले अखिलेश काम करते थे. सोमवार की सुबह फैक्ट्री में बने रंग घोलने के टैंक का नोजल ठीक करने के लिए अखिलेश, भजनलाल, हारुन और आशीष उतरे थे. इसी बीच नोजल खुल गया जिससे टैंक में जहरीली गैस का गुबार बन गया. टैंक में उठी जहरीली गैस से श्रमिकों का दम घुटने लगा. जब तक कोई कुछ समझ पाता तब तक आशीष, भजन लाल और हारुन की मौत हो गई. जिसके बाद आनन फानन में फायर ब्रिगेड को फोन कर फायर फाइटर्स को मौके पर बुलाया गया. जिसके बाद टैंक से कर्मियों को बाहर निकाला जा सका. श्रमिक हरिराम और अखिलेश की हालत नाजुक होने पर कर्मियों ने जिला अस्पताल की इमर्जेंसी में भर्ती कराया. जहां दोनों का इलाज चल रहा है.





















