RJD में टूट पर प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद ने कहा- पार्टी समंदर है, एक बाल्टी पानी निकालने से कोई फर्क नहीं पड़ेगा
पांच एमएलसी के जेडीयू में चले जाने पर आरजेडी में खलबली मची है. तेजस्वी यादव ने नीतीश पर निशाना साधते हुए कहा कि नीतीश कुमार केवल अपने स्वार्थ और अपनी कुर्सी बचाने के लिए ही राजनीति करते हैं.

पटना: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी में हुई टूट से आरजेडी में खलबली मच गई है. वहीं जेडीयू इस टूट को लेकर उत्साहित है. आठ में से पांच विधान परिषद के सदस्यों के जेडीयू में शामिल हो जाने की खबर के बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह, तेजस्वी और राबड़ी देवी से मिलने उनके आवास पहुंचे.
इसके बाद जगदानंद पार्टी ऑफिस पहुंचे और नीतीश कुमार पर तीखा हमला बोला. जगदानन्द ने कहा कि ये कोई मुद्दा नहीं है. ये उन लालची लोगों के लिए मुद्दा होगा जोग इन पांच को ले गए. आरजेडी तो समाजवादी आंदोलन का खजाना है और इसी आंदोलन से कांग्रेस और अन्य दल आए हैं. नीतीश जी की पार्टी तो इधर उधर से बटोर कर ही खड़ी हुई है.
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा, “आरजेडी समाजवादी आंदोलन से मिली ताकत के साथ आगे बढ़ने के लिए तैयार है. समुद्र में से एक बाल्टी पानी निकालने से हो सकता है आपकी लालच और प्यास बुझ जाए, लेकिन इसका समुद्र पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है.” उन्होंने कहा कि जयप्रकाश नारायण, राममनोहर लोहिया, कर्पूरी ठाकुर की समाजवादी विचारधारा से लैस आरजेडी अप्रभावित है और ये जो गए हैं ये आरजेडी के कार्यकर्ताओं के दिए हुए इनाम संभाल नहीं पाए. ये लोभ और लालच में वहां चले गए.
जगदानंद ने कहा कि 2014 का चुनाव नीतीश कुमार की लोकप्रियता का मापदंड है, जहां वो शून्य पर खड़े थे और लालू जी के शरण में आकर उनके पैरों पर गिरे थे. 2015 में लालू जी ने उनको संजीवनी दी थी और 2020 में वह सदा के लिए नाकाम होने वाले हैं.
वहीं, तेजस्वी यादव ने आरजेडी में टूट को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर तंज कसते हुए कहा कि आज के घटनाक्रम के लिए वह नीतीश कुमार को शुभकामनाएं देते हैं. उन्होंने कहा कि जो एमएलसी यहां (RJD) से वहां (JDU) गए हैं, उनके भविष्य के लिए हमारी शुभकामनाएं हैं.
तेजस्वी ने कहा कि नीतीश कुमार जी ने कंस्ट्रक्टिव काम किया है, 90 दिन सीएम हाउस में बैठकर उन्होंने यही काम किया है, लेकिन इससे बिहार का कोई फायदा नहीं होगा. तेजस्वी यादव ने कहा कि 2015 के चुनाव में भी बीजेपी को हराने के लिए बिहार की जनता ने जनमत दिया था, लेकिन नीतीश जी ने धोखा दिया. नीतीश कुमार केवल अपने स्वार्थ और अपनी कुर्सी बचाने के लिए ही राजनीति करते हैं. नीतीश कुमार की न तो कोई विचारधारा और न ही कोई सिद्धांत है.
आरजेडी नेता बोले, “आप 90 दिन से सीएम हाउस से बाहर नहीं निकले हैं. आपको तो लोगों की सेवा करनी चाहिए थी, श्रमिकों की सेवा करनी चाहिए थी, सुप्रीम कोर्ट कह रहा है रोजगार दो, लेकिन नीतीश कुमार रोजगार नहीं दे पा रहे हैं. उल्टा सैंकड़ों किलोमीटर पैदल चलकर आए मजदूर अब रोडवेज बसों में बैठकर वापस पंजाब-हरियाणा जा रहे हैं. हम नीतीश जी से पूछते हैं कि आप 15 साल तक बिहार के मुख्यमंत्री रहें, लेकिन जनता को इससे क्या फायदा हुआ?’’
इधर तेजस्वी के आरोप का खंडन करते करते हुए जेडीयू नेता आरसीपी सिंह ने कहा कि इन पांचों के आने से यह फायदा है कि विधान परिषद में पार्टी की संख्या बढ़ेगी और जो आज जुड़े हैं, इनका अपने-अपने क्षेत्र में प्रभाव है. ऐसे में चुनाव में हमको इस प्रभाव का फायदा मिलेगा. आरजेडी विधायक के बारे में हम नहीं कह सकते हैं कि कोई हमारे टच में है कि नहीं है.
आरसीपी सिंह ने कहा कि जब किसी पार्टी में बिखराव होता है तो स्वाभाविक रूप से लोग दूसरी पार्टी में जाते हैं तो इसका एक मनोवैज्ञानिक एडवांटेज होता है और नंबर का भी एडवांटेज होता है. अभी काउंसिल के चुनाव होने हैं उसके लिए भी हमने उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है. इसके लिए हमारे नेता को अधिकृत किया गया था और आज उन तीनों का भी नाम तय हो गया है उनमें हमारे वरिष्ठ नेता गुलाम गौस, भीष्म साहनी और कुमुद वर्मा हैं.
जेडीयू नेता ललन सिंह ने कहा कि आरजेडी क्या दावा करती है हम लोग उस पर ध्यान नहीं देते हैं. आरजेडी के 5 विधान पार्षदों ने आज जेडीयू की सदस्यता स्वीकार की है. आगे क्या होगा यह भविष्य की बात है लेकिन आज की तारीख में आरजेडी के 5 विधान पार्षदों ने दो तिहाई में अलग ग्रुप बनाकर जदयू में विलय किया है. सभापति ने इसको मान्यता दी है. हम सभी उनका जेडीयू परिवार में स्वागत करते हैं और अब वो जेडीयू परिवार के सदस्य हैं. विधानसभा चुनाव में ऐसे भी आपको पता है कि क्या होना है, आरजेडी का सूपड़ा साफ होना है.
यह भी पढ़ें:
Source: IOCL
























