पटना: लॉकडाउन में चारा का दाम बढ़ा, मवेशी पालने वालों को हो रही है दिक्कत
लॉकडाउन के बाद चारा का दाम पटना में बढ़ गया है. वहीं मवेशी पालने वाले पुलिस के डर से बाहर निकलने से भी डर रहे हैं. इनका कहना है कि पहले इतनी दिक्कत कभी नहीं हुई.

पटना: बिहार की राजधानी पटना में कई दुकानों पर छापेमारी हुई थी. आरोप था कि लॉकडाउन के बाद जरूरी सामान के दाम में बढ़ोतरी की गई है. अब लॉकडाउन में वे लोग जो गांव और भैंस पालते हैं उनके लिए चारा खरीदना मुश्किल हो गया है. वे चारा की तलाश में भटक रहे हैं. पुलिस के डर से घरों से निकलने में हिचकिचा रहे हैं.
अगर वो निकलते भी है तो चारा बेचने वाले दुकानदारों से चारा का दाम सुनते ही होश उड़ जाते हैं. ऐसे में उनके पास और कोई रास्ता नहीं बचता तो वो किसी तरह खुद से हरी घास का इंतजाम करते हैं. फिर भी वो अपने पशु को भरपेट भोजन उपलब्ध नहीं करा पाते. इसका असर भी उन्हें झेलना पड़ता है. जो गाय पहले 8 लीटर दूध देती थी वो कम दूध दे रही है. लगभग चार से पांच लीटर ही दूध देती है जिसमें की गाय के बछड़े को भी दूध देना होता है. यानी सरकार के उन दावों की पोल खुल रही है जिसमें सभी जरूरी सामानों की उपलब्धता और उनके दाम सुनिश्चित करने की बात कही गई है.
पटना में खटाल चलाने वाले सुभाष राय तीन साल से इस बिजनेस में हैं. इनका कहना है कि ऐसी समस्या कभी नहीं आई जो इस बंदी में आ रही है. इस बंदी में परेशानी इस बात की है कि पशुओं के चारा की किल्लत हो गई है. एक तरफ पुलिस भी धमकी देती है हम जाए तो कहां जाए?
कृष्णा प्रसाद यादव ये आठ-दस साल से दूध बेचे का कारोबार कर रहे हैं. इनका भी कहना है कि ऐसी समस्या कभी नहीं आई जो इस लॉकडाउन में झेलनी पड़ रही है. इन्होंने समस्या सुनाते हुए कहा कि गायों को खिलाने के लिए जो भूसा (जिसे स्थानीय भाषा में कुट्टी कहा जाता है), वो भी उपलब्ध नहीं हो रहा है. दुकानों में अगर कहीं इसकी उपलब्धता भी है तो वहां मनमाने दाम लिए जा रहे हैं. जो भूसा पहले 300 से 350 रुपये में मिल जाता था अब वह 1000 से 1200 रुपये में मिल रहा है और ये सिर्फ इस लॉकडाउन के कारण ही है.
जब कृष्ण प्रसाद यादव से पूछा गया कि सरकार तो उचित मूल्य पर सभी जरूरी चीजों को उपलब्ध करा रही है, इस पर इनका कहना है कि सरकार दावा करती हैं पर वो दुकानों में नहीं दिखती. इसके चलते हमें गायों को किसी तरह से घरों से निकाल कर हरा चारा का इंतजाम कर रहे हैं.
इनके जैसे ही कई दूसरे मवेशी पालने वाले लोगों ने कहा अपनी परेशानियां बताईं. अरुण कुमार ने कहा कि जानवरों के लिए जो चोकर 1100 रुपये मिलता था वो अब दो हजार रुपये में मिल रहा है. वहीं पिंटू राय नाम के एक मवेशी पालक ने कहा कि मवेशियों के खिलाने वाले चारे की कीमत बढ़ रही है लेकिन वे दूध का दाम नहीं बढ़ा सकते. दूध के दाम बढ़ने से हो सकता है ग्राहक दूध लेना बंद कर दें.

























