नागरिकता कानून के खिलाफ बिहार में विपक्षी दल 25 जनवरी को बनाएंगे ह्यूमन चेन!
मौलाना बली रहमानी ने नागरिकता कानून को धोखा देने वाला बताया. बली रहमानी ने बिहार सरकार से कानून का बहिष्कार करने की अपील की है.

पटना: नागरिकता कानून के खिलाफ देश के अलग-अलग हिस्सों से इसके विरोध में आवाज उठ रही है. बिहार में भी विपक्ष इस कानून को काला कानून बता कर लगातार विरोध कर रहा है. इस बीच विपक्षी दलों ने इसके खिलाफ ह्यूमन चेन बनाने का निर्णय लिया है. इसे लेकर विपक्षी दलों के नेताओं ने बैठक की. बैठक के बाद मौलाना बली रहमनी ने बताया कि सर्वदलीय बैठक में 25 जनवरी को ह्यूमन चेन का प्रोग्राम बनाया गया है.
मौलाना बली ने कहा कि सभी लोग चाहते हैं कि ह्यूमन चेन को ज्यादा से ज्यादा कामयाबी मिले. साथ ही 29 जनवरी को भारत बंद करने का निर्णय भी लिया गया है. बैठक में उपेंद्र कुशवाहा, जीतनराम मांझी, पप्पू यादव और कांग्रेस के नेताओं ने भाग लिया.
सरकार का ये कानून धोखा है
मौलाना बली रहमानी ने नागरिकता कानून को धोखा देने वाला बताया. उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा, 'केंद्र सरकार की तरफ से यह कहना कि यह कानून नागरिकता देने वाला है नागरिकता छीनने वाला नहीं यह सरासर धोखा है, क्योंकि सीएए को एनआरसी से जोड़ कर देखने की जरूरत है.' उन्होंने कहा कि सरकार की पॉलिसी है कि जो लोग कागज के जरिये अपनी नागरिकता नहीं साबित कर सकेंगे उन्हें सरकार के जरिये परेशान किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि इसमें सिर्फ मुसलमान ही नहीं फंसेगे बल्कि सभी कमजोर दलित, आदिवासी, पिछड़ी जाति,अनपढ़, गरीब, किसान, मजदूर, अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लोग, झुग्गियों में रहने वाले, किराए के मकान में जिंदगी गुजारने वाले और फुटपाथ के किनारे गुजारा करने वाले इस कानून की जद में आएंगे.
बली रहमानी ने बिहार सरकार से कानून का बहिष्कार करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि जब तक कानून वापस नहीं लिया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा. हम बिहार सरकार से इस मीटिंग के माध्यम से कहना चाहते हैं कि बिहार सरकार एनपीआर का बहिष्कार करे, क्योंकि एनपीआर, एनआरसी का पहला कदम है. पूरे देश में इस कानून के खिलाफ जो भी आंदोलन हो रहा है उसका साथ हम सभी को मिलकर देना चाहिए.
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Source: IOCL


























