मुजफ्फरपुर के पूर्व मेयर को अपराधियों ने गोलियों से भूना, कुशवाहा बोले- हे भगवान! ये क्या हो रहा है
आरएलएसपी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने मुजफ्फरपुर की घटना पर कहा कि जब मैंने इस घटना के बारे में सुना तो मेरे मुंह से निकला कि 'हे भगवान, क्या हो रहा है.'

पटना: बिहार में अपराध थमने का नाम नहीं ले रहा है. रविवार को मुजफ्फरपुर जिले के पूर्व मेयर समीर कुमार की अपराधियों ने करीब 20 राउंड फायरिंग करके हत्या कर दी. आरएलएसपी अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि जब मैंने इस घटना के बारे में सुना तो मेरे मुंह से निकला कि 'हे भगवान, क्या हो रहा है.'
वहीं सीट बंटवारे को लेकर उन्होंने अपने पत्ते नहीं खोले हैं. उन्होंने कहा कि इंतजार करिए. अपने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कुशवाहा ने कहा कि पार्टी का 'हल्ला बोल, दरवाजा खोल' कार्यक्रम बिहार भर में चला. उन्होंने कहा कि अब पब्लिक के बीच मे जाने का कार्यक्रम बन रहा है. कार्यक्रम की शुरुआत मुजफ्फरपुर जिले से 28 अक्टूबर को होगी. इसके बाद 3 नवंबर को गया, 24 नवंबर को मुंगेर में और 25 नवंबर को पूर्णिया में कार्यक्रम का आयोजन होगा.
कुशवाहा ने कहा, ''आज समाज के वंचित, गरीबों के लिए दरवाजा बंद है. दबे कुचले और गरीब लोगों के लिए शिक्षा का इंतजाम नहीं के बराबर है. शिक्षालय के दरवाजे को खोलने की जरूरत है. इसके अलावे हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में वंचित समाज के लोग जज के रूप में नहीं हैं. एससी, एसटी, ओबीसी, महिलाएं, गरीब ब्राह्मण, सवर्ण नौजवान उनके पास चाहे जितनी भी मेरिट क्यों न हो, उनके लिए दरवाजा बंद है. वंचितों के लिए दरवाजा खोलने के लिए हल्लाबोल कार्यक्रम करेंगे.''
आएलएसपी अध्यक्ष ने कहा कि इसमें सभी समाज के लोगों का समर्थन मिले. शिक्षा के दरवाजे के साथ न्यायालय के भी दरवाजा खुले इसलिए लोगों का सहयोग जरूरी है. अपने पैगाम-ए-खीर कार्यक्रम पर उन्होंने कहा कि समाज में फैले तनाव से मुक्ति के लिए सभी समाज को एक साथ बैठकर खीर बनाएंगे. कहीं से दूध, कहीं से चावल, कहीं से तुलसी पत्ता, मुस्लिम समाज से दस्तरखान जिसपर सबलोग मिलकर बैठकर खाएंगे.
सीट शेयरिंग के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि मीडिया के लोग कभी कहते हैं यह हुआ, फिर कहते हैं कि यह नहीं हुआ. फिर इसी बात का खंडन करते हैं. समय आने पर आपलोगों को बताएंगे कि किससे कब बात हुई क्या हुई समय पर बोलेंगे. पार्टी उपाध्यक्ष नागमणि से आपलोग कब क्या बुलवा लेते हैं. जनता से रोज बात हो रही ही समय पर न्योता देकर आपलोगों को बुलाकर बताएंगे. उन्होंने कहा, ''मेरे चेहरे की हंसी देख कर अंदाजा नहीं लग रहा है कि क्या माहौल है.
Source: IOCL


























