Kumbh Mela 2019: सवारियों का इंतजार नहीं करेंगी स्पेशल ट्रेनें, भगदड़ को रोकने के लिए रेलवे का अहम फैसला
Kumbh Mela 2019: साल 2013 में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ से सबक लेते रेलवे ने इस बार के कुंभ मेले के लिए कई एहतियाती कदम उठाए जाने के दावे किये हैं.

प्रयागराज: साल 2013 में मौनी अमावस्या पर हुई भगदड़ से सबक लेते रेलवे ने इस बार के कुंभ मेले के लिए कई एहतियाती कदम उठाए जाने के दावे किये हैं. इसके तहत स्पेशल ट्रेनों को इस बार जहां सवारियों का इंतज़ार किये बिना ही पहले से तय समय पर ही चलाए जाने का फैसला किया गया है, वहीं सभी फुट ओवर ब्रिजेस को वन वे करते हुए सिर्फ आने या जाने के लिए रिजर्व कर दिया है. इतना ही नहीं इस बार के मेले में इंट्री सिर्फ सिटी साइड से ही होगी, जबकि बाहर निकलने की इजाजत केवल सिविल लाइंस की तरफ से होगी.
इस बार के मेले के लिए आरपीएफ के दो हजार से ज़्यादा अतिरिक्त जवानों की ड्यूटी लगाई जा रही है तो साथ ही कंट्रोल रूम, सीसीटीवी निगरानी कक्ष और पब्लिक एड्रेस एनाउंसमेंट सिस्टम पर रेलवे के साथ जीआरपी, सिविल पुलिस और जिला प्रशासन के साथ ही कुंभ मेला प्रशासन के कर्मचारियों की सामूहिक टीम को बिठाए जाने का फैसला किया गया है. अफसरों का दावा है कि इस बार इस तरह के एहतियाती कदम उठाए गए हैं, जिससे पिछले कुंभ की तरह भगदड़ या किसी तरह के दूसरे हादसे होने की आशंका न के बराबर होगी.
पिछले कुंभ में मौनी अमावस्या के दिन हुई भगदड़ में उनतालीस श्रद्धालुओं की मौत की घटना से सबक लेते हुए इस बार उठाए गए ज़रूरी क़दमों के बारे में रेलवे सुरक्षा बल यानी आरपीएफ के डीजी अरुण कुमार और नार्थ सेंट्रल ज़ोन के जीएम राजीव चौधरी ने साझा प्रेस कांफ्रेंस की. अफसरों ने इस मौके पर बताया कि पिछले कुंभ में स्पेशल ट्रेनों को पर्याप्त संख्या में टिकट बिकने और ट्रेन के भरने के बाद ही चलाया जाता था, लेकिन इस बार की स्पेशल ट्रेनों के लिए एक समय और प्लेटफार्म पहले से तय कर दिया गया है.
इस बार टिकट भले ही न बिके या फिर सवारियां कम होने पर भी स्पेशल ट्रेनों को यहां से रवाना कर दिया जाएगा. इसके साथ ही हर दिशाओं में जाने वाली ट्रेनों के लिए अलग अलग प्लेटफार्म पहले से ही निर्धारित कर दिए जा रहे हैं. प्लेटफार्म के बाहर ही टिन शेड के अस्थाई रेस्ट हाउस बनाए जा रहे हैं. रेस्ट हाउस से उतने ही यात्रियों को प्लेटफार्म के लिए छोड़ा जाएगा, जितनी ट्रेन की क्षमता होगी. रेस्ट हाउस में भी क्षमता के मुताबिक़ ही मुसाफिरों को अंदर लिया जाएगा. इसके साथ ही मेले में प्रमुख स्नान पर्वों के दौरान इलाहाबाद से गुजरने वाली अस्सी मालगाड़ियों को बदले हुए रास्ते से चलाया जाएगा. जिन ओवर ब्रिजेस पर डिवाइडर नहीं हैं, उन्हें आने या जाने यानी किसी एक तरफ के लिए रिजर्व कर दिया जाएगा. कई फुट ओवर ब्रिजेस को आपस में जोड़ भी दिया गया है.
इस बार ट्रेनों का प्लेटफार्म कतई नहीं बदला जाएगा. इसके साथ ही पिछली बार के मुकाबले इस बार आरपीएफ के इक्कीस सौ ज़्यादा जवानों की ड्यूटी लगाई जा रही है. पिछले कुंभ में हुई भगदड़ के बाद गठित न्यायिक आयोग की सभी सिफारिशों पर पूरी तरह अमल किया जा रहा है. इस बार मेला क्षेत्र के सभी दस रेलवे स्टेशनों के साथ ही जिला और कुंभ के कंट्रोल रूम में रेलवे- डिस्ट्रिक्ट और मेला प्रशासन की साझा टीमें साथ मिलकर काम करेंगी. सभी कंट्रोल रूम हॉट लाइंस के ज़रिये आपस में जुड़े भी रहेंगे.
आरपीएफ के डीजी अरुण कुमार और एनसीआर के जीएम राजीव चौधरी का दावा है कि पिछले बार की भगदड़ से सबक लेते हुए इस बार ऐसे सख्त इंतजाम किये जा रहे हैं, जिससे भगदड़ जैसी घटनाओं से बचा जा सके. इसके साथ ही सुरक्षा के बेहद पुख्ता इंतजाम किये जाने के भी दावे किये गए हैं. हालांकि रेलवे के अफसरों ने पिछले कुंभ में भी बड़े -बड़े दावे किये थे, ऐसे में इस बार के मेले में यात्रियों को सुरक्षित उनके घर पहुंचना रेलवे के लिए बड़ी चुनौती साबित होगी.
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