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मोदी समीकरण ने किया जातीय समीकरण को ध्वस्त, बीजेपी से ज्यादा जनता ने लड़ा चुनाव- केशव मौर्य
मौर्य ने सपा-बसपा-रालोद गठबंधन को भी निशाने पर लिया. उन्होंने सपा को 'समाप्त पार्टी', बसपा को 'बिल्कुल समाप्त पार्टी' और रालोद को 'रोज लुढ़कता दल' बताया.

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि इस बार के लोकसभा चुनावों में 'मोदी समीकरण' ने जातीय समीकरण को ध्वस्त कर दिया है. मौर्य ने सपा-बसपा-रालोद गठबंधन को भी निशाने पर लिया. उन्होंने सपा को 'समाप्त पार्टी', बसपा को 'बिल्कुल समाप्त पार्टी' और रालोद को 'रोज लुढ़कता दल' बताया. बीजेपी के बेहतरीन प्रदर्शन के बाद मौर्य ने कहा कि जहां तक जातीय समीकरणों का प्रश्न है, इस बार मोदी समीकरण ने उसे ध्वस्त कर दिया. मोदी समीकरण का मतलब है विकास, सुरक्षा, गरीबों का उन्नयन, किसानों की प्रगति और दुनिया में भारत के कद में बढ़ोतरी. उन्होंने कहा कि बीजेपी की जीत की सबसे बड़ी वजह 'नरेंद्र मोदी' थे. 2014 में देश की जनता के बीच जो उम्मीद जगी थी, वह इस बार विश्वास में परिवर्तित हो गयी और ये जनता का विश्वास ही था कि उसने हमें इतना जबर्दस्त समर्थन दिया. मौर्य ने कहा कि बीजेपी ने देश की जनता की ईमानदारी से सेवा की है. 'जब प्रधानमंत्री के खिलाफ राफेल को लेकर आरोप लगाये गये तो बीजेपी ने कहा कि ये राफेल नहीं बल्कि राहुल फेल है. मुझे लगता है कि इस बार बीजेपी से ज्यादा जनता ने चुनाव लड़ा.' उन्होंने कहा कि जो लोग अपना राजनीतिक अंकगणित लागू करने निकले थे, उन्हें जनता ने करारा जवाब दिया है. मौर्य ने विपक्षी गठबंधन पर तंज कसते हुए रहीम दास का एक दोहा पढ़ा, 'कह रहीम कैसे निभे बेर केर को संग'. उन्होंने कहा कि बीजेपी 50 प्रतिशत से अधिक वोट हिस्सेदारी हासिल करने के लक्ष्य से चुनाव लड़ी. भविष्य में हमारा लक्ष्य होगा, 'सौ में साठ हमारा, बाकी सबमें बंटवारा.'
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Source: IOCL























