इलाहाबाद हाईकोर्ट के नये चीफ जस्टिस बने गोविंद माथुर, गवर्नर ने दिलाई शपथ
शपथ लेने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट के जजेज और बार के पदाधिकारियों से औपचारिक मुलाक़ात की. बार के पदाधिकारियों से हुई मुलाक़ात के दौरान उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में बरसों से पेंडिंग लाखों मुकदमों का बोझ कम करने और मामलों का निपटारा जल्द कराने की कोशिश किये जाने को अपनी प्राथमिकता बताया है.

प्रयागराज: जस्टिस गोविन्द माथुर इलाहाबाद हाईकोर्ट के सैंतालिसवें चीफ जस्टिस बन गए हैं. उन्हें हाईकोर्ट में हुए एक समारोह में सूबे के गवर्नर राम नाइक ने शपथ दिलाई. शपथ लेने के बाद ही उन्होंने अपना कार्यभार ग्रहण कर मुकदमों की सुनवाई भी शुरू कर दी. नये चीफ जस्टिस गोविन्द माथुर ने इस मौके पर कहा कि पेंडिंग पड़े मुकदमों का बोझ कम करना और मामलों का निपटारा जल्द कराना उनकी प्राथमिकता होगी.
करीब पंद्रह लाख मुकदमों के बोझ से दबे इलाहाबाद हाईकोर्ट को तीन हफ्ते बाद फिर से स्थाई चीफ जस्टिस मिल गए हैं. नये चीफ जस्टिस गोविंद माथुर को आज हाईकोर्ट में हुए एक समारोह में शपथ दिलाई गई. उन्हें सूबे के गवर्नर राम नाइक ने शपथ दिलाई. चीफ जस्टिस कोर्ट में हुए शपथ ग्रहण समारोह में यूपी सरकार के कई अफसरों समेत तमाम अन्य लोग भी मौजूद थे. जस्टिस गोविन्द माथुर डेढ़ सौ साल पुराने इलाहाबाद हाईकोर्ट के सैंतालीसवें चीफ जस्टिस हैं. वह राजस्थान हाईकोर्ट से कुछ दिन पहले ही ट्रांसफर होकर इलाहाबाद आए थे और तेईस अक्टूबर को तत्कालीन सीजे डीबी भोसंले के रिटायर होने के बाद एक्टिंग चीफ जसिटस के तौर पर काम कर रहे थे.
शपथ लेने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट के जजेज और बार के पदाधिकारियों से औपचारिक मुलाक़ात की. बार के पदाधिकारियों से हुई मुलाक़ात के दौरान उन्होंने इलाहाबाद हाईकोर्ट में बरसों से पेंडिंग लाखों मुकदमों का बोझ कम करने और मामलों का निपटारा जल्द कराने की कोशिश किये जाने को अपनी प्राथमिकता बताया है. उन्होंने कहा कि देर से मिला इंसाफ सिर्फ निर्णय बनकर रह जाता है. शपथ ग्रहण समारोह के लिए सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किये गए थे. सुप्रीम कोर्ट की कोलेजियम से मंजूरी मिलने के बाद केंद्र सरकार के विधि मंत्रालय ने नौ नवम्बर को जस्टिस गोविन्द माथुर के इलाहाबाद हाईकोर्ट का चीफ जस्टिस नियुक्त होने की अधिसूचना जारी कर दी थी.















