यूपी: वाहन चोर गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार, देश से गाड़ियां चुराकर नेपाल में बेच देते थे
यूपी पुलिस ने एक ऐसे वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है जो भारत में गाड़ी चोरी करता था और फिर नेपाल ले जाकर इन गाड़ियों को बेच देता था.

कुशीनगर: पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है जो देश के कई प्रदेशों से चार पहिया वाहनों को चोरी करके नेपाल में बेचा करता था. गिरोह का सरगना पिछले 13 साल से गाड़ियां चोरी कर रहा था. यूपी के कई जिलों की पुलिस के साथ एसटीएफ भी उसके पीछे लगी हुई थी लेकिन वह किसी के हाथ नहीं लग पाया था. पडरौना कोतवाली पुलिस ने उसे उसके तीन साथियों के साथ उस वक्त गिरफ्तार किया जब वह चोरी की गाड़ी को बिहार ले जाने की फिराक में था.
बिहार सीमा से पांच किलोमीटर पहले वाहन चेकिंग के दौरान खिरकिया बाजार में वह पडरौना कोतवाली पुलिस के हाथ लगा. पहले तो वह और उसके साथी पुलिस टीम पर फायर करके फरार होने की फिराक में थे लेकिन बाद में पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया. तलाशी में चारों के पास से चोरी की बोलेरो के अलावा तीन देशी तमंचे, तीन जिंदा और दो दगे हुए कारतूस बरामद हुए हैं.
पुलिस ने इस शातिर गिरोह के पास से चार पहिया वाहन का लॉक तोड़ने का "प्लान" नाम का एक खास औजार भी बरामद किया है. बेहद शातिराना अंदाज में वाहन चोरी करने वाला यह गिरोह कई प्रदेशों से गाड़ियां चुराता था और फिर उन गाड़ियों को बर्मा और नेपाल तक ले जाकर बेचता था. अपर पुलिस अधीक्षक ने पडरौना कोतवाली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इसका खुलासा किया.
पडरौना कोतवाली पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि चोरी का वाहन लेकर कुछ लोग बिहार जाने वाले हैं. सूचना पर सक्रिय हुई पुलिस ने बिहार सीमा से पांच किमी पहले वाहन चेकिंग करना शुरू कर दिया. अंबे चौक पर चौकी इंचार्ज विवेकानंद को एक लाल रंग की बोलेरो पर शक हुआ तो उसे रूकने का इशारा किया.

पुलिस के रूकने का इशारा पाकर बोलेरो चालक पुलिस टीम पर फायर करते हुए गाड़ी लेकर भागने लगा लेकिन पुलिस ने पीछा करके खिरकिया बाजार में पकड़ लिया. पुलिस ने गाड़ी में बैठे चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया. तलाशी लेने पर चारों के पास से तीन देशी तमंचे, तीन जिंदा और दो दगा हुआ कारतूस बरामद किया.
पुलिस ने चार पहिया वाहन खोलने के लिए प्रयोग किया जाने वाला विशेष औजार प्लान और चेन कटर बरामद किया है. पुलिसिया पूछताछ में चारों ने अपना नाम बताया तो पुलिस भी हैरान रह गई. पकड़ा गया दिलीप सिंह वाहन चोर गिरोह सरगना निकला जो पिछले 13 साल से चार पहिया वाहन चोरी कर रहा था लेकिन आज तक वह पुलिस के हत्थे नहीं चढा था.
दिलीप को कई जिलों की पुलिस के अलावा एसटीएफ भी खोज रही थी. एसटीएफ ने तो कई जगह उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी भी की थी. गिरफ्तार किए गये शातिर वाहन चोरों में श्याम सुंदर शर्मा नाम का शातिर भी शामिल है जिसने बुलंदशहर में ज्वैलरी की दुकान में हुई 12 किलो सोना लूट कांड को अंजाम दिया था.
पुलिस ने इस गिरोह के सभी सदस्यों को जेल भेज दिया है. अपर पुलिस अधीक्षक गौरव बंसवाल ने पडरौना कोतवाली में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस गिरोह का खुलासा किया. बंसवाल ने बताया कि यह गिरोह गाड़ियों को बिहार व नेपाल में ले जाकर बेच देता था. इन लोगों के पास से चोरी की तीन बोलेरो व एक स्कॉर्पियो गाड़ी बरामद हुई है.




















