Coronavirus: बिहार में एक भी केस पॉजिटिव नहीं, सीएम नीतीश ने लोगों से कहा- सजग रहें
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि इससे ज्यादा भयभीत होने की जरूरत नहीं है. उन्होंने लोगों से सजग रहने की अपील की. स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि राज्य में अभी तक एक भी केस पॉजिटिव नहीं पाया गया.

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि कोरोना वायरस से बहुत भयभीय होने की जरूरत नहीं है. लोगों को सजग रहना चाहिए. उन्होंने कहा कि नेपाल से सटे इलाकों पर पैनी नजर है. चीन के लोग नेपाल के रास्ते भारत आते हैं और बिहार में प्रवेश करते हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार भी पूरे तौर पर सचेत है. राज्य स्तर पर भी सभी को सचेत रहने के लिए कहा गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि गया में बाहर से लोग आते हैं, वहां अलर्ट रहने के लिए कहा गया है. नेपाल बॉर्डर के उस साइड के भी लोगों को अलर्ट किया गया है.
बिहार में एक भी पॉजिटिव केस नहीं- स्वास्थ्य मंत्री
वहीं बिहार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने आज कोरोना वायरस को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस किया. उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग इससे लड़ने के लिए पूरी तरह से तैयार है. बिहार में एक भी कोरोना का केस पॉजिटिव नहीं पाया गया है. उन्होंने बताया कि बिहार में अब तक राज्य से बाहर खासकर नेपाल से आने वाले 1 लाख 12 हजार लोगों की स्क्रीनिंग की गई है. इसके लिए इंडो-नेपाल सीमा पर 49 जगहों पर स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है. इसमें से एक भी व्यक्त्ति में कोरोना के लक्षण नहीं मिले हैं.
'गया और पटना एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग की व्यवस्था'
इसके साथ ही मंत्री ने बताया कि गया और पटना एयरपोर्ट पर भी स्क्रीनिंग की व्यवस्था की गई है. इसमें करीब 17200 लोगों की स्क्रीनिंग हुई है. 1 जनवरी 2020 के बाद विदेश भ्रमण करने वाले 121 लोगों को ऑब्जर्वेशन में रघा गया है. इसमें से 53 लोगों के ऑब्जर्वेशन का 14 दिनों का समय पूरा हो गया है. शेष 68 लोग अभी भी स्वास्थ्य विभाग की निगरानी मे हैं.
'सभी सदर अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड'
मंगल पांडे ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की तरफ से गया मेडिकल कॉलेज में 20 बेड का आइसोलोटेड वार्ड बनाया गया है. राज्य के दूसरे आठ मेडिकल कॉलेज और सभी सदर अस्पतालों में आइसोलेशन वार्ड बनाया गया है. सभी मेडिकल कॉलेजों में सैंपल जांच कलेक्शन सेंटर बनाया गया है. स्वास्थ्य विभाग द्वारा इस बीमारी से बचाव के लिए जन-जागरण अभियान चलाया जा रहा है. स्कूल-कॉलेजों में जागरुकता कार्यक्रम के साथ-साथ विज्ञापन के माध्यम से लोगों को कोरोना वायरस से बचाव के लिए जागरुक किया जा रहा है.
Source: IOCL
























