बिहार: आरजेडी ने प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों का किया एलान, तेजस्वी बोले- हमारी पार्टी अगड़ी जातियों की विरोधी नहीं
तेजस्वी यादव ने कहा कि एक साजिश के तहत आरजेडी को एमवाई समीकरण वाली पार्टी के रूप में प्रचारित किया गया. ऐसा विरोधियों की तरफ से पार्टी के दायरे को सीमित करने के लिए किया गया.

पटना: बिहार की मुख्य विपक्षी पार्टी आरजेडी ने प्रदेश कार्यकारिणी के पदाधिकारियों का गुरुवार को एलान किया. कुशवाहा जाति से आने वाले आलोक मेहता को प्रधान महासचिव बनाया गया है. इसी साल होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कुशवाहा वोट को अपनी ओर खींचने की कवादय में ये फैसला लिया गया है. नीतीश कुमार का बेस वोट लव-कुश यानि कोइरी-कुर्मी है. ऐसे में लालू यादव ने पहली बार एमवाई समीकरण (मुस्लिम-यादव) से अलग कोइरी यानि कुशवाहा जाति को तरजीह दी है.
वहीं, आज इन पदाधिकारियों के साथ बैठक से पहले राबड़ी देवी के आवास के बाहर हंगामा हुआ. बैठक के पहले नए पार्टी पदाधिकारियों की सूची जारी नहीं किए जाने से नाराजगी थी. बैठक में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव भी मौजूद थे. नई कमिटी में जगह न मिलने पर कार्यकर्ताओं खूब हंगामा किया. आरजेडी कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे 30 साल से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं लेकिन नई कमिटी में उनका नाम मौजूद नहीं है. उन्होंने आरोप लगाया है कि पार्टी के लिए लंबे समय से काम करने वाले कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज किया जा रहा है.
बैठक में लिए गए कई अहम फैसले
पांच घंटों तक चली आरजेडी की बैठक में कई अहम फैसले लिए गए. बैठक खत्म होने के बाद प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि आरजेडी हमेशा से संविधान की रक्षा के प्रति दृढ़ संकल्पित है. ये लड़ाई जारी रहेगी. उन्होंने ऐलान किया कि आगामी 23 फरवरी से आरजेडी बेरोजगारी हटाओ यात्रा करने जा रही है. इसकी शुरुआत पटना के वेटनरी ग्राउंड से की जाएगी. आरजेडी इस यात्रा में पूरे बिहार का भ्रमण करेगी.
बोली में बदलाव लाएं कार्यकर्ता- तेजस्वी यादव
नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष, महासचिव और सचिव की बैठक को संबोधित करते तेजस्वी यादव ने कहा कि चुनाव जीतने के लिये अधिक से अधिक लोगों को पार्टी से जोड़ना होगा. अपनी बोली में बदलाव लाना होगा. अनुशासन, प्रेम, सद्भाव और व्यवहार से लोगों के दिलों को जीतना होगा.
अगड़ी जातियों के विरोधी नहीं- तेजस्वी
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि आरजेडी 15 सालों तक सत्ता मे रहने के बावजूद कई चुनाव हारी. इसपर चर्चा होनी चाहिए. सोची समझी साजिश के तहत आरजेडी को एमवाई समीकरण वाली पार्टी के रूप में प्रचारित कर इसके दायरे को सीमित करने का प्रयास किया गया. यह हमारे विरोधियों की साज़िश थी. आरजेडी के बारे में गलत प्रचार किया जाता है कि ये अगड़ी जाति की विरोधी है. ये प्रचार पूरी तरह से गलत और भ्रामक है. हम प्रगतिशील समाज का पूरा आदर करते हैं और उनके हक की लड़ाई लड़ते हैं. किसी तरह का गुटबाजी को पनपने नहीं देना है. नकारात्मक बातों से दूर रहें और पार्टी हित में सोचें. आरजेडी में सिर्फ एक गुट है और वो लालू गुट है. पार्टी के अधिकृत प्रवक्ता ही पार्टी की नीति के अनुसार अपना वक्तव्य दें.
लालू यादव की किताब आधे दाम पर
बैठक की अध्यक्षता जगदानंद सिंह ने की. उन्होंने राज्य से बूथ स्तर तक के आरजेडी पदाधिकारियों से कहा कि वे अपने दरवाजे पर पार्टी का झंडा लगाएं. उन्होंने कहा कि समाजवादी आंदोलन के प्रखर नेताओं के विचारों को जानने के लिए समाजवादी लेखकों की पुस्तकों को पढ़ें. उन्होंने लालू यादव की जीवनी पर आधारित पुस्तक 'गोपालगंज से रायसीना' को आधे मूल्य पर सुलभ कराए जाने की सूचना दी. उपस्थित सदस्यों ने बड़ी संख्या मे इस पुस्तक को खरीदा.
Source: IOCL

























