यूपी: बस्ती में कब्रिस्तान में चल रहा है प्राइमरी स्कूल, बच्चों के बजाए आते हैं सिर्फ जानवर
सरकारी आंकड़ों में तो यहां 26 बच्चे हैं लेकिन आता कोई भी नहीं, कारण यह है कि स्कूल गांव के कब्रिस्तान में बना हुआ है, जब हमने जाकर स्कूल का जायजा लिया तो सच्चाई सामने आई.

बस्ती: सरकार ने गांव-गांव स्कूल खोले ताकि गरीब परिवार के बच्चे भी शिक्षित हो सकें, मगर इतनी बड़ी व्यवस्था के बीच कुछ स्कूल बिना जांच पड़ताल के ही ऐसी जगहों पर खोल दिए गए जहां जिंदा इंसान जाना पसंद नही करता. बस्ती के हरैया विकास खंड के मविकरपुर पूर्व माध्यमिक विद्यालय का हाल कुछ ऐसा ही है. सरकारी आंकड़ों में तो यहां 26 बच्चे हैं लेकिन आता कोई भी नहीं, कारण यह है कि स्कूल गांव के कब्रिस्तान में बना हुआ है, जब हमने जाकर स्कूल का जायजा लिया तो सच्चाई सामने आई.

मनिकरपुर गांव मे इस सरकारी विद्यालय को बनाने से पहले बेसिक शिक्षा विभाग के लोगों ने किस तरह से जांच की होगी यह आज पता चल रहा है, क्योंकि इस शिक्षा के मंदिर को बनाने के लिए जब अधिकारियों को कहीं जगह नहीं मिली तो वे कब्रिस्तान में ही स्कूल का निर्माण करवा दिया, अब डर की वजह से स्कूल मे कोई भी बच्चा पढ़ाई के लिए नहीं आना चाहता. बड़ी मुश्किल से हमे एक छात्रा मिली जिसने बताया कि वह अकेले स्कूल में है, उसने बताया कि यहां बच्चे बहुत कम आते हैं, जिसकी वजह है कि स्कूल में एक ही शिक्षक है और स्कूल कब्रिस्तान में बना है.

हमारी टीम फिर से स्कूल का जायजा लेने पहुंची वहां छात्र तो एक भी नहीं मिले मगर जानवर का हुजूम जरुर दिख गया, पुरे स्कूल भवन को बकरियों के झुंड ने घेर रखा था, न अध्यापक और न कोई छात्र, स्कूल में सन्नाटा पसरा हुआ था. इस बारे में जब हमने गांव के प्रधान से बात की और स्कूल में बच्चों के न होने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि टीचर की कमी है और स्कूल कब्रिस्तान मे बना है इस वजह से स्कूल संचालन ठीक से नहीं हो पा रहा है.
Source: IOCL



























