केस की फ़ाइल गायब होने पर हाईकोर्ट के कर्मचारियों के खिलाफ दर्ज होगी FIR

इलाहाबाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेक्शन ऑफिसों से लगातार सरकारी कागजात और मुकदमों की फाइलें गायब होने पर कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. हाईकोर्ट की रजिस्ट्री या दूसरे सेक्शन में सरकारी कागजात या मुकदमों की फाइलें गायब होने पर अब जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय जांच तो कराई ही जाएगी, साथ ही उनके खिलाफ पुलिस में एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी. यह जानकारी हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल ने सभी सेक्शनों के प्रमुख को जारी की गई चिट्ठी में दी है.
आदेश से कर्मचारियों में हड़कम्प
रजिस्ट्रार जनरल के इस आदेश से कर्मचारियों में हड़कम्प मच गया है. दरअसल रजिस्ट्रार जनरल ने यह आदेश हाईकोर्ट द्वारा रामसिंह व अन्य बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के मामले में पारित आदेश के अनुपालन में जारी किया है.
मुकदमों के रिकॉर्ड गायब होने के कितनी मामले लंबित हैं ?
रामसिंह केस में हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने पत्रावलियां गायब होने की समस्या को गंभीरता से लेते हुुए निर्देश दिया था कि पत्रावली गायब होने की सूरत में विभागीय जांच के साथ ही प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाए. कोर्ट ने रजिस्ट्रार जनरल से इस बात का पता लगाने को भी कहा था कि हाईकोर्ट में मुकदमों के रिकॉर्ड गायब होने के कितनी मामले लंबित हैं.
पत्रावलियों को सुरक्षित रखने के संसाधन भी उपलब्ध नहीं
दूसरी ओर हाईकोर्ट कर्मचारी अधिकारी संघ के पूर्व महासचिव बृजेश कुमार शुक्ल ने बताया कि हाईकोर्ट के अनुभागों में फाइलों के रख-रखाव की गंभीर समस्या है. कर्मचारियों के लिए कार्य करने का कोई स्थान नहीं है. पत्रावलियों को सुरक्षित रखने के संसाधन भी उपलब्ध नहीं हैं.
काफी समय से लंबित है कर्मचारी उपलब्ध कराने की मांग
उन्होंने बताया कि कार्य का मानक तय करने तथा तय मानक के आधार पर आवश्यक स्थान और कर्मचारी उपलब्ध कराने की मांग काफी समय से लंबित है. कर्मचारियों द्वारा दायित्व निर्वहन हेतु मानवीय वातावरण तैयार करने और अनुभागों के पुनर्गठन की आवश्यकता है. यदि यह मांगें पूरी हो जाती हैं तो पत्रावलियों के गायब होने की संभावना न्यूनतम हो जायेगी. वर्तमान समय में कर्मचारी काफी डरा हुआ है.
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