हाईकोर्ट ने दिया इलाहाबाद में इंटरनेशनल एयरपोर्ट बनाने का आदेश

इलाहाबाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने इलाहाबाद के बम्हरौली एयरपोर्ट को इंटरनेशनल किये जाने का आदेश दिया है. अदालत ने तल्ख़ टिप्पणी करते हुए कहा है कि जिस शहर ने देश को कई प्रधानमंत्री दिए हैं, वहां हवाई सेवा का न होना कतई उचित नहीं है. हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने इंटरनेशनल एयरपोर्ट का काम जल्द से जल्द शुरू करने का आदेश दिया है और इलाहाबाद के डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट को पचहत्तर एकड़ अधिग्रहीत ज़मीन दो दिनों में एयरपोर्ट अथॉरिटी को सौंपने को कहा है.
अप्रैल के पहले हफ्ते में फिर से सुनवाई
अदालत ने इलाहाबाद में अब तक सिविल एयरपोर्ट न होने पर चिंता जताई और सिविल टर्मिनल के निर्माण का काम छह महीने में पूरे कर लिए जाने के आदेश दिए हैं. अदालत ने यूपी सरकार, एयरपोर्ट अथॉरिटी और इलाहाबाद के डीएम से इस आदेश पर किये जा रहे काम का ब्योरा दो हफ्ते में कोर्ट में पेश करने को कहा है. अदालत इस मामले में अप्रैल के पहले हफ्ते में फिर से सुनवाई करेगी.
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश डी.बी.भोसले तथा न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की खण्डपीठ ने सचिन उपाध्याय की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है. अथॉरिटी की तरफ से बताया गया कि जमीन कब्जे में आने के बाद पर्यावरण विभाग से अनापत्ति लेकर छह महीने के अंदर सिविल टर्मिनल की प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया जायेगा. मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस इलेक्ट्रीफिकेशन का काम 31 मार्च तक पूरा कर देगी. भारत सरकार की तरफ से पर्यावरण अनापत्ति अर्जी आने पर यथाशीघ्र दिलाये जाने का आश्वासन दिया गया.
इलाहाबाद में अभी तक कोई सिविल एयरपोर्ट नहीं
अथॉरिटी की तरफ से कहा गया कि आईएलएस लगाने की प्रक्रिया 31 जुलाई तक पूरी हो जायेगी. कोर्ट से रनवे से 150 मीटर दोनों तरफ नौ मेन्स लैण्ड घोषित करने की मांग की और कहा कि सेन्सटिव जोन के कारण वाहनों आदि के संचालन की अनुमति नहीं दी जा सकती. गौरतलब है कि धार्मिक, शैक्षिक और राजनैतिक महत्व होने के बावजूद इलाहाबाद में अभी तक कोई सिविल एयरपोर्ट नहीं है और यहाँ एयरफोर्स के स्टेशन से दिल्ली के लिए एक फ्लाइट उड़ान भरती है.
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