इलाहाबाद: DRM ने 27 बार फोन नहीं उठाया तो धरने पर बैठ गए BJP सांसद

इलाहाबाद: इलाहाबाद में रेलवे के डीआरएम द्वारा फोन न उठाने पर गुस्से में आग-बबूला हो गए बीजेपी के सांसद विनोद सोनकर. सांसद विनोद सोनकर गुस्से में लाल-पीले होते हुए सीधे डीआरएम आफिस पहुंच गए और समर्थकों के साथ वहीं धरने पर बैठ गए. इस दौरान डीआरएम समेत रेलवे के तमाम अफसरों ने सांसद को मनाने की खूब कोशिशें की. उनसे मिन्नतें. माफी मांगी, लेकिन सांसद जी गुस्सा थूकने को कतई राजी नहीं हो रहे थे.
27 बार फोन करने के बावजूद DRM ने नहीं उठाया फोन
सांसद विनोद सोनकर बार-बार चीख-चीखकर कह रहे थे कि 27 बार फोन करने के बावजूद डीआरएम ने उनका फोन नहीं उठाया. इतना ही नहीं दो बार उन्होंने उनका फोन काट भी दिया. डीआरएम समेत दूसरे अफसर बार-बार माफी मांगते रहे और सांसद से कमरे में चलकर बात करने की मिन्नतें करते रहे, लेकिन समर्थकों के नारे और मीडिया के कैमरों के आगे उनका जोश हर बार और बढ़ता जा रहा था.
DRM ने दी बीमार मां की दुहाई
सैकड़ों की भीड़ वहां तमाशा देख रही थी लेकिन सांसद महोदय अपनी ही सरकार के बड़े अफसरों पर भड़ास निकालने का कोई मौका नहीं चूकना चाहते थे. बहरहाल करीब 45 मिनट बाद जब डीआरएम एसके पंकज ने अपनी बीमार मां की दुहाई दी और उनका इलाज कराने की वजह से फोन न उठाने की बात कही तब जाकर सांसद महोदय बात करने को राजी हुए और धरने से उठकर डीआरएम के कमरे में जाने को तैयार हुए.
मामले में दखल दिए जाने की मांग
यूपी की कौशाम्बी सीट से बीजेपी के सांसद पार्टी के एससी मोर्चे के राष्ट्रीय अध्यक्ष भी हैं. वह इलाहाबाद शहर के प्रीतम नगर इलाके में रहते हैं. आज इलाहाबाद रेलवे स्टेशन से टैक्सी चलाने वालो का एक प्रतिनिधिमंडल सांसद विनोद सोनकर से मिलने उनके घर पहुंचा. यह लोग स्टैंड पर टैक्सी खड़े किये जाने के किराए में कई गुना बढ़ोत्तरी किये जाने के मामले में दखल दिए जाने की मांग कर रहे थे. सांसद ने प्रतिनिधिमंडल के सामने ही इलाहाबाद मंडल के डीआरएम एसके पंकज को फोन किया. डीआरएम ने फोन नहीं उठाया तो सांसद ने दोबारा-तिबारा समेत 27 बार फोन किया. सांसद का आरोप है कि दो बार उनका फोन काट दिया गया जबकि 25 बार फोन उठाया ही नहीं गया.
यूनियन के लोगों के साथ DRM ऑफिस पहुंच गए BJP सांसद
टैक्सी यूनियन के पदाधिकारियों के सामने खुद को अपमानित महसूस कर सांसद गुस्से में तमतमा गए और समर्थकों व यूनियन के लोगों के साथ डीआरएम दफ्तर पहुँच गए. डीआरएम दफ्तर में आरपीएफ के जवानों ने भीड़ के साथ सांसद को अंदर जाने से रोका तो विनोद सोनकर का गुस्सा और बढ़ गया. बहरहाल सांसद के इस गुस्से की वजह से बीजपी और मोदी सरकार को खासी फजीहत झेलनी पडी. हालांकि पैंतालीस मिनट बाद डीआरएम ने जब बीमार माँ को अस्पताल ले जाने की बात बताई तब जाकर सांसद का गुस्सा शांत हुआ.
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