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चैट वायरल होने के बाद थानेदार सस्पेंड, एडीजी ने बताया बदनाम करने की साजिश
एडीजी और एसएसपी पर घूसखोरी का आरोप लगाने वाले इंस्पेक्टर परशुराम को निलंबित कर दिया गया है. परशुराम के मोबाइल की एक चैट वायरल हुई थी जिसके बाद से ही यूपी पुलिस पर सवाल उठ रहे थे.

बुलंदशहर, मेरठ: एडीजी और एसएसपी पर घूसखोरी का आरोप लगाने वाले इंस्पेक्टर परशुराम को निलंबित कर दिया गया है. परशुराम के मोबाइल की एक चैट वायरल हुई थी जिसके बाद से ही यूपी पुलिस पर सवाल उठ रहे थे. एडीजी प्रशांत कुमार ने कहा कि इस मामले से उनका कोई लेना देना नहीं है. चैट में एडीजी लिखा है, एडीजी मेरठ नहीं लिखा. ये चैट किसी की शरारत हो सकती है, पुलिस विभाग को बदनाम करने की साजिश हो सकती है. सारी बातें विवेचना में साफ हो सकेंगी. बुलंदशहर जिले के डिबाई थाने के थानेदार परशुराम के मोबाइल नंबर से ये चैट की गई थी. हालांकि थानाध्यक्ष ने इस बात से साफ इंकार कर दिया. परशुराम ने कहा कि किसी ने उनका मोबाइल हैक किया है और चैट वायरल की है. मैसेज में लिखा था कि योगी सरकार में खूब पैसा चल रहा है. आगे लिखा था कि मैंने (थानेदार ने) अपना ट्रांसफर कराने के लिए 50 हजार रुपये दिए और फिर थाना लेने के लिए तीन लाख रुपये दिए. एसएसपी केबी सिंह ने 16 जुलाई को मीडिया से बात करते हुए इसे साइबर क्राइम का मामला बताया था और कहा था कि उन्होंने खुद इसमें मुकदमा दर्ज करा दिया है. उन्होंने कहा कि किसी ने डिबाई के कोतवाल का सीयूजी नंबर हैक किया और फिर उससे चैट की है. जो भी आरोप लगाए गए हैं बो बेबुनियाद हैं और इनमें सच्चाई नहीं है. यूपी की इन 5 खास खबरों को भी पढ़ें मेरठ में गौकशी, SHO ने कहा, मेरी जिम्मेदारी है, इसलिए अपने खिलाफ ही दर्ज की शिकायत यूपी सरकार का बड़ा फैसला: अनिवार्य विषय में शामिल हुआ योग, होगी एक लाख टीचरों की भर्ती कभी बेचता था गोलगप्पे, अब बना भारत की अंडर-19 क्रिकेट टीम का सितारा जिन हाथों में था भीख मांगने का कटोरा, उन नन्हें-मुन्ने हाथों में पकड़ा दी कलम शहर-ए-इत्र कन्नौज: यहां की हवाओं में भी आती है भीनी-भीनी सी महक, मिलते हैं 500 से लेकर लाख रुपए तक के इत्र
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Source: IOCL



























