Year Ender 2018: इस साल इन बड़ी राजनीतिक हस्तियों ने दुनिया को कहा अलविदा
इस साल कई बड़ी राजनीतिक हस्तियों ने इस दुनिया को अलविदा कहा. आइए साल के अंत में उन सभी राजनेताओं को याद कर लें जो इस साल दुनिया से रुख़सत हो गए.

नई दिल्ली: साल 2018 में कई खुशियों से भरी खबरें आई तो वहीं कई खबरें ऐसी भी रही जिसने माहौल गमगीन कर दिया. इस साल कई बड़े राजनीतिक हस्तियों ने दुनिया को अलविदा कह दिया. ये सभी वह राजनीतिक हस्ती थे जो न सिर्फ अपनी पार्टी के चहेते थे बल्कि हर पार्टी में उनको बराबर का सम्मान मिला. इनके दुनिया छोड़ कर जाने का दुख हर किसी को हुआ. आइए साल के अंत में उन सभी राजनेताओं को याद कर लेते हैं जो इस साल दुनिया से रुख़सत हो गए.
1- अटल बिहारी वाजपेयी
राजनीति में ऐसे बहुत कम लोग होते हैं जिनको हर दल बराबर प्यार और स्मान देती है. ऐसा एक नाम अटल बिहारी वाजपेयी का था. देश के पूर्व प्रधानमंत्री, प्रखर वक्ता, कवि, पत्रकार और करोड़ों लोगों के दिल पर राज करने वाले नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने लंबी बीमारी के बाद दिल्ली को एम्स में 16 अगस्त 2018 को इस दुनिया से अलविदा कह दिया. वाजपेयी ने जनसंघ से जनता पार्टी और जनता पार्टी से भारतीय जनता पार्टी तक सफर तय किया. देश के प्रधानमंत्री बने और सभी दलों को साथ लेकर चलने की भावना रखी. वे 1968 से 1973 तक जनसंघ के अध्यक्ष भी रहे. अटल जी लंबे समय तक राष्ट्रधर्म, पाञ्चजन्य और वीर अर्जुन आदि पत्र-पत्रिकाओं के सम्पादन भी करते रहे. उनकी कविताओं का विपक्ष भी कायल रहा है. आखिर कार जब इस बहुमुखी प्रतिभा के संपन्न राजनेता ने 93 साल की उम्र में आखिरी सांस ली तो पूरा देश गमगीन हो गया.
2- करुणानिधि
इस साल एक और बड़े राजनेता दुनिया से कूच कर गए. उनका नाम करुणानिधि था. द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) के अध्यक्ष एम करुणानिधि ने इसी साल अगस्त के ही महीने में सात तारीख को 94 साल की उम्र में इस दुनिया को अलविदा कह दिया. बता दें कि करुणानिधि दक्षिण की राजनीति के सबसे शक्तिशाली राजनेता माने जाते थे. वह काफी लंबे समय से बीमार थे. उनकी आखिरी यात्रा में लाखों की संख्या में लोग आए थे.
3-एनडी तिवारी
नारायन दत्त तिवारी राजनीति की पिच के बड़े खिलाड़ी थे. इस साल जिंदगी की मैच वह भी हार गए. 18 अक्टूबर 2018 को एनडी तिवारी ने 92 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहा. ऐसा कोई भी शख्स नहीं जो उत्तर प्रदेश की राजनीति में दिलचस्पी रखता हो और एनडी तिवारी के नाम से परिचित न हो. वह राज्य के तीन बार मुख्यमंत्री बने. वह एक बार उत्तराखंड के सीएम भी रहे. वह आंध्र प्रदेश के गवर्नर भी रहे चुके हैं, और वे केंद्र में वित्त और विदेश मंत्री भी रह चुके हैं.
4-सी के जाफर
कांग्रेस के वरिष्ठ सी के जाफर शरीफ ने 25 नवंबर को इस दुनिया से अलविदा कह दिया. वह 85 साल के थे. उनकी गिरन भारत के सबसे सफल रेल मंत्रियों में होती है.
5-अनंत कुमार भारतीय जनता पार्टी के कद्दावर नेता और केंद्रीय मंत्री रहे अनंत कुमार ने 59 साल की उम्र में 12 नवंबर को इश दुनिया को अलविदा कह दिया. वह भी काफी समय से कैंसर से पीड़ित थे. वह केंद्र सरकार में संसदीय कार्यमंत्री के साथ बेंगलुरु साउथ से सांसद भी थे.
6-सोमनाथ चटर्जी
10 बार लोकसभा सांसद रहे सोमनाथ चटर्जी का इस साल अगस्त में निधन हो गया. लंबे समय से बीमारी से जूझ रहे सोमनाथ चटर्जी 13 अगस्त को कोलकाता के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली. वह 1968 में माकपा में शामिल हुए थे. माकपा के संप्रग-1 सरकार से समर्थन वापस ले लेने के बावजूद चटर्जी ने लोकसभा के अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था. इस वजह से वरिष्ठ नेता को वर्ष 2008 में माकपा से निष्कासित कर दिया गया था.
7-गुरुदास कामत
एक और बड़े नेता ने अगस्त महीने में ही दुनिया को अलविदा कहा. कांग्रेस के बड़े नेता गुरुदास कामत ने 22 अगस्त को दिल्ली के एक अस्पताल में आखिरी सांस ली.गुरुदास कामत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्य भी रह चुके थे. उन्हें राजीव गांधी का करीबी माना जाता था. वह उत्तर-पश्चिमी मुंबई से 2009 से 2014 तक सांसद भी रहे. इससे पहले वह नॉर्थ-ईस्ट मुंबई सीट से 1984, 1991, 1998 और 2004 में चुने गए. वह यूपीए सरकार में केंद्रीयमंत्री भी रह चुके हैं.
Source: IOCL

























