(Source: ECI/ABP News)
जिस मंदिर पर ममता शासन के दौरान पड़े थे ताले, हारते ही लगे जयकारे, खुल गए दरवाजे
Asansol Durga Temple: 4 मई को आए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा उलटफेर करते हुए 206 सीटें जीत लीं और राज्य में पहली बार सरकार बनाने की स्थिति में आ गई.

पश्चिम बंगाल के औद्योगिक शहर आसनसोल में स्थित बस्तिन बाजार इलाके का एक दुर्गा मंदिर वर्षों बाद फिर से श्रद्धालुओं के लिए खोल दिया गया है. लंबे समय से स्थानीय तनाव और प्रशासनिक पाबंदियों के कारण लगभग बंद पड़े इस मंदिर का खुलना अब बदलते राजनीतिक माहौल का संकेत माना जा रहा है. चुनावी नतीजों के तुरंत बाद मंदिर के दरवाजे खुलने से इलाके में नई हलचल देखने को मिली.
वर्षों से सीमित थी पूजा-अर्चना
बस्तिन बाजार स्थित इस दुर्गा मंदिर में पूजा-अर्चना लंबे समय से केवल दुर्गा पूजा और लक्ष्मी पूजा जैसे खास मौकों तक ही सीमित रह गई थी. सालभर मंदिर बंद रहने से स्थानीय लोगों की धार्मिक गतिविधियां प्रभावित हो रही थीं.
चुनावी नतीजों के बाद बदली तस्वीर
4 मई को आए पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी ने बड़ा उलटफेर करते हुए 206 सीटें जीत लीं और राज्य में पहली बार सरकार बनाने की स्थिति में आ गई. वहीं ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों तक सिमट गई. खास बात यह रही कि पश्चिम बर्धमान जिले की सभी सीटों पर बीजेपी को जीत मिली, जिसके बाद इलाके का माहौल तेजी से बदला.
मंदिर खुलते ही जुटी भीड़, जश्न का माहौल
मंदिर के खुलते ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पार्टी कार्यकर्ता वहां पहुंचे. लोगों ने पूजा-अर्चना की, मिठाइयां बांटीं और इसे “नई शुरुआत” के तौर पर देखा. लंबे समय बाद मंदिर में नियमित गतिविधियां शुरू होने से लोगों में उत्साह नजर आया.
ट्रस्ट के जिम्मे संचालन, अब नियमित खुलने की उम्मीद
इस मंदिर का संचालन श्री श्री दुर्गामाता चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा किया जाता है. स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर के सालभर बंद रहने से धार्मिक माहौल प्रभावित होता था, लेकिन अब उम्मीद है कि यह मंदिर नियमित रूप से खुला रहेगा.
राजनीतिक बदलाव का प्रतीक बना मंदिर
आसनसोल में इस दुर्गा मंदिर का वर्षों बाद खुलना केवल धार्मिक घटना नहीं, बल्कि बदलती राजनीतिक हवा का प्रतीक बन गया है. चुनावी नतीजों के साथ आए इस बदलाव ने यह दिखा दिया है कि राज्य में सियासी समीकरणों का असर अब सामाजिक और धार्मिक गतिविधियों पर भी साफ नजर आने लगा है.
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