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Mani Shankar Aiyer: राजीव गांधी के दोस्त, विवादों से पुराना नाता... कौन हैं मणिशंकर अय्यर, जिनके बयान से बैकफुट पर कांग्रेस?

Mani Shankar Aiyer Profile: मणिशंकर अय्यर कांग्रेस की सरकार में केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं. उनका पाकिस्तान से काफी करीबी नाता है, क्योंकि उनका जन्म ब्रिटिश भारत के लाहौर में हुआ था.

Mani Shankar Aiyer News: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है, जिसकी वजह से उनकी पार्टी बैकफुट पर आ गई है. मणिशंकर ने कहा कि भारत को पाकिस्तान के साथ बातचीत करनी चाहिए और अपनी सैन्य ताकत को ज्यादा नहीं दिखाना चाहिए. उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार है, जिन्हें वह भारत के खिलाफ तैनात कर सकता है. मणिशंकर अय्यर के बयान पर बीजेपी हमलावर हो गई है. 

बीजेपी प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कहा है कि कांग्रेस कह रही है कि आतंकवादी भेजने वाले पाकिस्तान को इज्जत दी जाए. कांग्रेस का हाथ आतंकियों और पाकिस्तान के साथ दिखाई दे रहा है. इसका एक और सबूत देखने को मिला है. हालांकि, ये पहला मौका नहीं जब मणिशंकर अय्यर के बयान की वजह से कांग्रेस मुसीबत में फंसी है. वह पहले भी इस तरह के बयान दे चुके हैं. ऐसे में आइए जानते हैं कि आखिर मणिशंकर अय्यर कौन हैं और उन्होंने क्या कहा है.

मणिशंकर अय्यर ने पाकिस्तान पर क्या कहा? 

एक यूट्यूब चैनल को इंटरव्यू देते हुए मणिशंकर अय्यर ने कहा, "उनके (पाकिस्तान) पास परमाणु बम है. हमारे पास भी है, लेकिन अगर कोई पागल शख्स लाहौर पर बम गिराने का फैसला करता है, तो रेडिएशन को अमृतसर तक पहुंचने में 8 सेकेंड भी नहीं लगेंगे." कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने आगे कहा, "अगर हम उनका सम्मान करते हैं तो वे शांतिपूर्ण तरीके से रहेंगे. अगर हम उन्हें नकार देते हैं, तो क्या होता है कि अगर कोई 'पागल' आता है और (भारत पर) बम लॉन्च करने का फैसला करता है."

कौन हैं मणिशंकर अय्यर? 

मणिशंकर अय्यर का जन्म लाहौर में 10 अप्रैल, 1941 को हुआ था. उस वक्त लाहौर अविभाजित भारत का हिस्सा था. उनके पिता का नाम वैद्यनाथ शंकर अय्यर और मां का नाम भाग्यलक्ष्मी अय्यर है. विभाजन के बाद मणिशंकर का परिवार भारत आ गया. कांग्रेस नेता के पिता अकाउंटेंट थे. मणिशंकर काफी छोटे थे, तभी उनके पिता की मौत हो गई थी. परिवार ने मणिशंकर को पढ़ने के लिए देहरादून के दून स्कूल में भेजा. यहां पर उनकी दोस्ती राजीव गांधी से हुई. 

अय्यर ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से 1961 में अर्थशास्त्र में बीए किया और फिर इंग्लैंड के कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से भी 1963 में बीए अर्थशास्त्र की डिग्री हासिल की. यहां पर राजीव गांधी उनके जूनियर थे. कहा जाता है कि कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी में मणिशंकर अय्यर ने अध्यक्ष पद हासिल करने के लिए चुनाव अभियान भी चलाया, जहां राजीव ने उन्हें समर्थन दिया था. मणिशंकर अय्यर की शादी सुनीत वीर सिंह से हुई. उनकी तीन बेटियां हैं, सुरन्या अय्यर, यामिनी अय्यर और सना अय्यर.

कैसा रहा है मणिशंकर का करियर? 

मणिशंकर अय्यर 1963 में भारतीय विदेश सेवा में शामिल हुए. वह अगले 15 वर्षों में बेल्जियम और इराक जैसे देशों में राजनयिक पदों पर तैनात रहे. उन्हें 1978 में भारत के पहले महावाणिज्य दूत के रूप में नामित किया गया था और उन्होंने कराची में उप उच्चायोग का पद संभाला. वह इस पद पर 1982 तक रहे. 1982 से 1983 तक, उन्होंने विदेश मंत्रालय में भारत सरकार के संयुक्त सचिव के रूप में कार्य किया. बाद में, मणिशंकर ने 1985 से 1989 तक प्रधानमंत्री कार्यालय में संयुक्त सचिव के रूप में कार्य किया.

1989 में मणिशंकर ने राजनीति में करियर बनाने के लिए विदेश सेवा से रिटायरमेंट लेने का फैसला किया. कांग्रेस पार्टी के सदस्य के रूप में, उन्होंने राजीव गांधी के विशेष सहायक के रूप में कार्य किया. 1991 में राजीव गांधी की हत्या तक वह इसी पद पर रहे. मणिशंकर ने 1991 में पहली बार तमिलनाडु से लोकसभा चुनाव जीता. इसके बाद 1999 और 2004 में भी वह लोकसभा सदस्य चुने गए. उन्होंने पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री (2004-06) और युवा मामले और खेल मंत्री (2006-08) के रूप में भी कार्य किया है. 

यह भी पढ़ें: सैम पित्रोदा के बाद मणिशंकर अय्यर बढ़ा सकते हैं कांग्रेस की मुश्किल, कहा- पाक के पास एटम बम, इज्जत दे भारत

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