TMC को बड़ा झटका! सांसद काकोली घोष ने छोड़ा जिलाध्यक्ष का पद, ममता बनर्जी को दी नसीहत
TMC Leader Kakoli Ghosh: केंद्र सरकार ने उनकी सुरक्षा को बढ़ाते हुए, Y कैटेगिरी की सुरक्षा मुहैया कराई थी. अब उनका पार्टी के इस पद से इस्तीफा देना ममता बनर्जी के लिए नई मुसीबत खड़ी कर सकता है.

Kakoli Ghosh Resign District President Post of TMC: पश्चिम बंगाल में टीएमसी के सरकार से बेदखली के बाद से पार्टी के अंदर उथल-पुथल मच गई है. अब टीएमसी सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार ने बारासात के संसदीय जिले के AITC जिलाध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया है. केंद्र सरकार ने हाल ही में उन्हें Y कैटेगिरी की सुरक्षा दी थी.
इससे पहले उन्होंने उन्हें लोकसभा में चीफ व्हिप पद से हटा दिया था. कल्याण बनर्जी को दोबारा से यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी. इससे काकोली पार्टी के फैसले से नाराज चल रही थीं.
इस पूरे घटनाक्रम के बाद केंद्र सरकार ने उनकी सुरक्षा को बढ़ाते हुए, Y कैटेगिरी की सुरक्षा मुहैया कराई थी. अब उनका पार्टी के इस पद से इस्तीफा देना ममता बनर्जी के लिए नई मुसीबत खड़ी कर सकता है. काकोली उन नेताओं में से हैं, जो ममता बनर्जी के बेहद करीबी मानी जाती रही थी.
काकोली ने पत्र में क्या लिखा?
काकोली ने अपने इस्तीफा को लेकर एक पत्र पार्टी को सौंपा है. इसमें उन्होंने बताया कि हाल के दिनों में पश्चिम बंगाल में अपराध और भ्रष्टाचार के बढ़ते मामलों की वजह से जनता में डर पैदा कर दिया है. ऐसे में लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए राजनीति में साफ सफाई, जिम्मेदारी, जवाबदेही, तहजीब और लोगों के प्रति प्रतिबद्धता जाहिर करना, और उनके मूल्यों को महत्व देना जरूरी है.
उन्होंने अपने पत्र में लिखा कि मेरा मानना है कि समाज में भरोसा, और स्वस्थ राजनीतिक कल्चर को आदर्शवाद और राजनीति से ही मजबूत किया जा सकता है.
इसके अलावा उन्होंने हाल ही के विधानसभा चुनाव के नतीजों को लेकर भी अपने इस्तीफे की वजह बताया. उन्होंने कहा कि नतीजे उम्मीद के मुताबिक नहीं है. इसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए, मैं बारासात जिलाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी से इस्तीफा देती हूं. नेता ममता बनर्जी से अपील है कि अगर आप पहले की तरह ईमानदार, वफादार और पुराने कार्यकर्ताओं के साथ काम करेंगी, तो आपकी पार्टी की इमेज चमकेगी.
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