पश्चिम बंगाल में नहीं थमी चुनावी हिंसा! पंचायत चुनाव के नामांकन में ही भिड़े टीएमसी-कांग्रेस कार्यकर्ता
Violence IN West Bengal: पश्चिम बंगाल में होने वाले पंचायत चुनावों के नामांकन को लेकर आज पहला दिन है और पहले दिन ही यहां पर टीएमसी और कांग्रेस-सीपीआईएम कार्यकर्ताओ के बीच मारपीट हो गई.

West Bengal Panchayat Election: पश्चिम बंगाल में चुनावों के दौरान होने वाले हिंसा के मामलों में कोई कमी नहीं आई है, आज यानी शनिवार (10 जून) को पंचायत चुनावों के नामांकन के पहले दिन ही टीएमसी और कांग्रेस-सीपीआईएम के कार्यकर्ता आपस में भिड़ गए और दोनों के बीच जमकर मार-पीट हुई. आरोप है कि टीएमसी के कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नामांकन करने से रोका और इसके बाद ये पूरा हंगामा हुआ.
ये मारपीट मुर्शिदाबाद जिले के डोमजुर में हुई बताई जा रही है, गौरतलब हो कि कल यानी शुक्रवार (9 जून) को इसी मुर्शीदाबाद जिले के खारग्राम में देर रात एक कांग्रेस कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. जिसके बाद पश्चिम बंगाल के प्रभारी और लोकसभा सांसद ने राज्य के राज्यपाल को एक पत्र लिखते हुए उनसे चुनावों में केंद्रीय सुरक्षा बलों को तैनात किए जाने की गुहार लगाई.
कांग्रेस कार्यकर्ता की हत्या पर क्या बोले अधीर रंजन चौधरी?
कांग्रेस कार्यकर्ता की नामांकन दाखिल करने के एक दिन पहले गोली मार दिए जाने को लेकर सांसद अधीर रंजन चौधरी ने कहा, मुर्शिदाबाद के खारग्राम में कांग्रेस के एक सक्रिय कार्यकर्ता की हत्या कर दी गई, यह पंचायत चुनाव की वजह से हुआ है.
हत्या के आरोपी को खारग्राम प्रशासन का संरक्षण मिला हुआ है और उनकी सह पर इस घटना को अंजाम दिया गया. हम इसको लेकर प्रदर्शन करेंगे. क्या टीएमसी राज्य में बुलेट निर्वाचन चाहती है या फिर बैलेट निर्वाचन चाहती है? हम उनको खून की राजनीति नहीं करने देंगे.
कल ही कांग्रेस और सीपीएम ने पंचायत चुनावों को लेकर आपस में हाथ मिलाने की यह कहते हुए घोषणा की थी कि वह राज्य में सत्तारूढ़ टीएमसी के खिलाफ पंचायत चुनाव में एकसाथ चुनाव लडे़ंगे. अधीर रंजन ने प्रदेश भर में अपने कार्य़कर्ताओं से सीपीआईएम की उन सभी सीटों पर उनकी मदद करने की अपील की थी जहां से वो चुनाव लड़ रहे हैं.
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