पश्चिम बंगाल सरकार ने कोरोनाकाल में दुर्गा पूजा के लिए जारी की गाइडलाइन, सांस्कृतिक कार्यक्रमों की अनुमति नहीं
कोरोनाकाल में पश्चिम बंगाल में इस बार दुर्गा पूजा को लेकर विशेष सावधानी बरती जा रही है. आज ममता बनर्जी सरकार ने पूजा समितियोंं के लिए विशेष गाइडलाइन भी जारी कर दी है.

कोलकाता: पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने कोरोना वायरस प्रकोप के बीच अगले महीने होने वाले दुर्गा पूजा को लेकर नए नियमों के बारे में जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इस वर्ष दुर्गा पूजा पंडाल में सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन की अनुमति नहीं होगी. सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि इस बार दुर्गा पूजा में लगने वाले पंडाल चारों तरफ से खुले होंगे. हर प्रवेश द्वार पर सैनिटाइजर की व्यवस्था की जाएगी. साथ ही साथ मास्क पहनना अनिवार्य होगा. सामाजिक दूरी का विशेष ध्यान दिया रखा जाएगा.
बता दें कि दुर्गा पूजा पश्चिम बंगाल में बहुत धूम धाम से मनाया जाता है. देश भर से लोग नवरात्रि के दौरान बंगाल आते हैं. कोलकाता के पंडालों की भव्यता और खूबसूरती देश भर में चर्चा का विषय रहती है. लेकिन इस साल कोरोना महामारी के कारण काफी कुछ बदल जाएगा. पंडालों में होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर भी प्रतिबंध रहेगा. वहीं दुर्गा पूजा का आयोजन करने वाली पूजा समितियों को ममता सरकार की ओर से 50,000 रुपये और 80,000 फेरी वालों को 2000 की धन राशि एकमुश्त दी जाएगी.
West Bengal govt issues guidelines for Durga Puja; pandals should be kept open from all sides, no cultural programme to be held. pic.twitter.com/quGUyThkDm
— ANI (@ANI) September 28, 2020
बता दें कि इस साल कोरोना वायरस के कहर से न कोई व्यापार बच पाया है और न ही त्यौहार. ममता बनर्जी ने आर्थिक मदद की घोषणा के साथ ही पूजा समितियों को कोरोना प्रोटोकॉल का सख्ती से पालन करने का दिशा निर्देश दिया. हर पंडाल की एंट्री पर सैनिटाइजर की व्यवस्था अनिवार्य है. पूजा के पंडाल इस बार हर तरफ से खुले रहेंगे. मास्क पहनना अनिवार्य है.
आयोजकों को सोशल डिस्टेंसिंग सुनिश्चित करनी होगी. बता दें कि पश्चिम बंगाल में कोरोना संक्रमण के 2 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. रोजाना 3 हजार से अधिक नए संक्रमण के मामले सामने आ रहे हैं. ऐसे में बहुत जरूरी है कि श्रद्धा के साथ सुरक्षा का ध्यान आम लोग भी रखें.
Source: IOCL
























