पश्चिम बंगाल चुनाव: प्रेसिडेंसी क्षेत्र को ध्यान में रखकर बीजेपी ने अख्तियार की ये रणनीति
कोलकाता में शुरू हुई बंगाली पुनर्जागरण के काल से, इस शहर में शानदार बदलाव हुए हैं. जिन्होंने देश को रास्ता दिखाया है. सती प्रथा के उन्मूलन जैसे सामाजिक सुधारों से लेकर, महिला सशक्तीकरण की दिशा में पहला कदम.

बीजेपी ने पश्चिम बंगाल चुनाव में बचे हुए 4 चरणों के लिए अपने चुनाव प्रचार अभियान में एक नया आयाम जोड़ा है, जो कि ग्रेटर कोलकाता क्षेत्र में फैली 40 सीटों पर केंद्रित है. इसे प्रेसीडेंसी क्षेत्र भी कहा जाता है. मौजूदा कार्यक्रमों, रैलियों और रोड शो में कोई परिवर्तन नहीं, गृह मंत्री अमित शाह इसे 13 अप्रैल को लॉन्च करेंगे.
पार्टी सूत्रों के मुताबिक़ ये बदलाव कोलकाता जो कि भारत की सांस्कृतिक राजधानी है और इसने हमेशा भारत में साहित्य, आध्यात्मिकता, संगीत और सिनेमा की उन्नति को रास्ता दिखाया है को ध्यान में रखते हुए किए गए हैं. कोलकाता में शुरू हुई बंगाली पुनर्जागरण के काल से, इस शहर में शानदार बदलाव हुए हैं. जिन्होंने देश को रास्ता दिखाया है. सती प्रथा के उन्मूलन जैसे सामाजिक सुधारों से लेकर, महिला सशक्तीकरण की दिशा में पहला कदम. जिसने विधवा पुनर्विवाह को वैध बनाया और भारत की स्वतंत्रता के लिए लड़ने वाली भारतीय राष्ट्रीय सेना का गठन किया. कोलकाता भारत के इतिहास में कई महत्वपूर्ण आंदोलनों का गवाह रहा है.
हालांकि, अतीत की राज्य सरकारों द्वारा उपेक्षा के कारण, शहर और इसके लोग कई मोर्चों पर कई मुद्दों का सामना कर रहे हैं, जैसे कि ढहते हुए बुनियादी ढाँचे, अपर्याप्त स्वास्थ्य सुविधाएं, आर्थिक विकास की कमी और महिलाओं की सुरक्षा के आसपास बढ़ती चिंताएं. ये सब कुछ प्रेसीडेंसी क्षेत्र को ध्यान में रखते हुए बनाए जा रहे नए चुनाव प्रचार अभियान में जोड़ा जा रहा है.
बीजेपी कोलकाता में एक बड़े पैमाने पर सार्वजनिक आउटरीच अभियान का आयोजन करेगी. इसमें 2,000 से अधिक छोटे बड़ी “पोथो सभाएँ” यानी नुक्कड़ सभाए होंगी. कोलकाता और उसके आसपास 40 विधानसभा क्षेत्र, बीजेपी के विभिन्न राष्ट्रीय और राज्य स्तर के नेता कोलकाता में रहने वाले समुदायों के समूहों तक पहुंचेंगे. ताकि, वे विशिष्ट और राज्य में कोलकाता के लिए बीजेपी के दृष्टिकोण को साझा कर सकें.
ये बैठकें या सभाए, शाम को आसानी से पहुंच क्षेत्रों में, आवासीय परिसर और सामुदायिक केंद्र के बीच में होगी. इस अभियान का उद्घाटन गृह मंत्री अमित शाह 13 अप्रैल को करेंगे. वे दम-दम और बारानगर विधानसभा क्षेत्रों में शाम को “पोथो सभाओं” को संबोधित करेंगे.
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