बंगाल में जिस अधिकारी ने कराया था चुनाव, शुभेंदु अधिकारी ने बनाया चीफ सेक्रेटरी, अब उन्होंने लिया पहला बड़ा फैसला
West Bengal Toll Gate: पश्चिम बंगाल सरकार ने चीफ सेक्रेटरी मनोज अग्रवाल के आदेश के बाद राज्यभर में बिना अनुमति वाले टोल गेट और फीस वसूली केंद्र बंद करने के निर्देश दिए हैं.

पश्चिम बंगाल सरकार ने राज्यभर में बिना अनुमति चल रहे टोल गेट और फीस वसूली केंद्रों के खिलाफ बड़ा कदम उठाया है. राज्य के चीफ सेक्रेटरी मनोज अग्रवाल ने तत्काल प्रभाव से सभी अवैध टोल गेट, ड्रॉप गेट, बैरिकेड वाले ढांचे और बिना मंजूरी के चल रहे फीस कलेक्शन पॉइंट बंद करने का आदेश जारी किया है.
आनंदा चैनल की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार की तरफ से जारी निर्देश में सभी जिला मजिस्ट्रेटों को अपने-अपने क्षेत्रों में ऐसे स्थानों की पहचान करने को कहा गया है. इसके साथ ही अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है कि इन अवैध ढांचों को हटाया जाए और दोबारा बनने से रोका जाए. आदेश के अनुसार जिला प्रशासन को राज्य में मौजूद सभी कानूनी और गैर-कानूनी टोल और कलेक्शन पॉइंट की पूरी सूची तैयार करनी होगी. यह रिपोर्ट 15 मई 2026 तक सरकार को सौंपनी है.
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I am happy to share that the West Bengal government has ordered all unauthorised toll gates to be shut down, with immediate effect.
— Raju Bista (@RajuBistaBJP) May 13, 2026
Under the leadership of Hon'ble Chief Minister Sh. Suvendu Adhikari ji, no tola-baazi will be permitted. The BJP government will work to ensure… pic.twitter.com/dZEv21zOR5
बैरिकेड लगाकर वाहनों से पैसे लिए जाने के आरोप
पश्चिम बंगाल सरकार की तरफ से यह फैसला ऐसे समय लिया गया है, जब लंबे समय से राज्य में बिना नियम के वाहन चालकों से वसूली को लेकर शिकायतें सामने आ रही थीं. कई जगहों पर लोकल लेवल पर बैरिकेड लगाकर वाहनों से पैसे लिए जाने के आरोप लगते रहे हैं. रिपोर्ट के मुताबिक सरकार का मकसद राज्य में बिना नियम चल रहे वसूली सिस्टम को खत्म करना और सड़क परिवहन व्यवस्था को पारदर्शी बनाना है. सरकारी निर्देश में कहा गया है कि जिला प्रशासन पूरी सख्ती के साथ कार्रवाई करे ताकि आम लोगों और वाहन चालकों को अवैध वसूली से राहत मिल सके. साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि भविष्य में इस तरह के अवैध टोल प्वाइंट दोबारा शुरू न हों.
बिना सरकारी अनुमति के पैसे वसूले जाते हैं
पश्चिम बंगाल में कई इलाकों में लंबे समय से यह मुद्दा चर्चा में रहा है. स्थानीय लोगों और वाहन चालकों की तरफ से आरोप लगाए जाते रहे हैं कि कुछ जगहों पर बिना सरकारी अनुमति के पैसे वसूले जाते हैं. अब राज्य सरकार के इस फैसले को ऐसे मामलों पर बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है.
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