Lucknow Brahmos Missile: यूपी में बनेंगी ब्रह्मोस सुपरसोनिक मिसाइल! जमीन, हवा या समंदर सब जगह 300 KM दूर दुश्मन खाक
यूपी की राजधानी लखनऊ अब भारत की रक्षा शक्ति का अहम केंद्र बन गया है, जहां ब्रह्मोस मिसाइल निर्माण की फैक्ट्री 11 मई को उद्घाटन के साथ शुरू होगी.

Lucknow Brahmos Missile: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ अब मिसाइल बनाने वाले शहरों में शामिल होने जा रही है. 11 मई को लखनऊ के भटगांव इलाके में ब्रह्मोस मिसाइल बनाने की फैक्ट्री का उद्घाटन होगा. यह फैक्ट्री ब्रह्मोस एयरोस्पेस के अंतर्गत बनाई गई है. उद्घाटन समारोह में देश के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह खुद मौजूद रहेंगे और फैक्ट्री का शुभारंभ करेंगे.
यह परियोजना उत्तर प्रदेश डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर का अहम हिस्सा है. इसी दिन डिफेंस नोड का भी उद्घाटन होगा. इसके अलावा एक और बड़ी योजना - डिफेंस टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर (DTIS) का शिलान्यास भी किया जाएगा. यह योजना रक्षा मंत्रालय की है और इसके तहत यहां बनने वाले रक्षा उत्पादों की जांच की जा सकेगी.
2021 में दी गई थी जमीन
मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने बुधवार को मौके पर जाकर तैयारियों का जायजा लिया. उन्होंने बताया कि ब्रह्मोस एयरोस्पेस को दिसंबर 2021 में लखनऊ में 80 हेक्टेयर जमीन दी गई थी और अब महज तीन साल में फैक्ट्री तैयार हो गई है. यहां पर दुनिया की सबसे तेज और आधुनिक सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ब्रह्मोस का निर्माण किया जाएगा.
भारत और रूस की साझेदारी से बनी ब्रह्मोस मिसाइल
ब्रह्मोस मिसाइल भारत और रूस की साझेदारी से बनी है. इसे जमीन, समुद्र और हवा – तीनों जगहों से छोड़ा जा सकता है. इसकी मारक क्षमता करीब 300 किलोमीटर है. यह मिसाइल इतनी तेज है कि दुश्मन को संभलने का मौका नहीं देती. भारत की सेना - थलसेना, वायुसेना और नौसेना - तीनों में यह शामिल है. इस अवसर पर पीटीसी इंडस्ट्रीज की कंपनी एयरोलाय टेक्नोलॉजीज लिमिटेड की यूनिट का भी उद्घाटन होगा. इसे भी 20 हेक्टेयर जमीन दिसंबर 2021 में दी गई थी और इसमें 320 करोड़ रुपये का निवेश किया गया है. यहां ऐसे उपकरण बनेंगे जिनका इस्तेमाल चंद्रयान मिशन और लड़ाकू विमानों में किया जाएगा.
दो नदियों के नाम पर रखा गया ब्रह्मोस मिसाइल का नाम
मुख्य सचिव मनोज कुमार सिंह ने कहा कि यह लखनऊ ही नहीं, पूरे प्रदेश के लिए गर्व की बात है. इस प्रोजेक्ट से युवाओं को रोजगार मिलेगा, लखनऊ की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत होगी और भारत को अपनी रक्षा तैयारियों में और मजबूती मिलेगी. ब्रह्मोस मिसाइल भारत और रूस की मिलकर बनाई गई मिसाइल है. इसका नाम दो नदियों – भारत की ब्रह्मपुत्र और रूस की मोस्कवा – के नाम पर रखा गया है. इसे भारत का सबसे तेज और भरोसेमंद हथियार माना जाता है. यह मिसाइल दुश्मन के टारगेट को बेहद सटीकता से खत्म करने में सक्षम है. अब इसका निर्माण उत्तर प्रदेश में शुरू होना राज्य की औद्योगिक और सुरक्षा क्षमता को नई ऊंचाई देगा.
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Source: IOCL























