दाऊद इब्राहिम की पुश्तैनी हवेली की नीलामी आज, दिल्ली के दो वकील लगाएंगे बोली
इस जगह से दाऊद का भावनात्मक लगाव रहा है क्योंकि यहीं पर उसका बचपन बीता. आज ये हवेली एक खंडहर में तब्दील हो गई है. करीब 40 साल पहले तक दाऊद इब्राहिम का परिवार इसमें रहा करता था.

अंडरवर्लड डॉन दाऊद इब्राहिम की रत्नागिरी जिले की हवेली आज नीलाम होने जा रही है. दिल्ली के दो वकीलों ने हवेली पर बोली लगाने के लिये बयाने की रकम जमा करा दी है. ये नीलामी केंद्र सरकार का वित्त मंत्रालय उन 17 संपत्तियों की करा रहा है जो कि सफेमा और एनडीपीएस कानून के तहत जब्त की गईं थीं. बीते 2 नवंबर को सरकार की तरफ से नीलाम की जाने वाली संपत्तियों का मुआयना रखा गया था. मुआयने के लिये दिल्ली से दो वकील दिल्ली से रत्नागिरी के मुमका गांव पहुंचे थे जहां दाऊद की ये हवेली है. एक वकील हैं भूपेंद्र भारद्वाज और दूसरे हैं अजय श्रीवास्तव. भारद्वाज ने कुल 6 संपत्तियों पर बोली लगाने का फैसला का है.
40 साल पहले इसी हवेली में रहता था दाऊद इब्राहीम का परिवार
एबीपी न्यूज को भारद्वाज ने बताया कि अगर वे नीलामी जीत जाते हैं तो दाऊद की हवेली को तुड़वाकर वहां आतंकवाद के खिलाफ लडने वाली संस्था का दफ्तर बनवाएंगे. मुमका पहुंचे दूसरे वकील अजय श्रीवास्तव का कहना है कि अगर उन्हें उन्हें हवेली मिल जाती है तो वे इसे तुड़वाकर यहां सनातन शिक्षा का केंद्र बनाएंगे. अजय श्रीवास्तव वही वकील हैं जो पाकिस्तान के खिलाफ प्रदर्शन करने के लिए कई साल पहले दिल्ली के फिरोजशाह कोटला मैदान की पिच खोद चुके हैं.
साल 2001 में जब दाऊद की संपत्तियों की नीलामी हुई थी तो इन्होंने मुंबई के नागपाड़ा इलाके में दाऊद की दो दुकानों को खरीद लिया था. अजय श्रीवास्तव का कहना है कि उन्होंने दाऊद की संपत्ति पर बोली इसलिए लगाई ताकि लोगों के बीच यह संदेश जा सके कि वह एक भगोड़ा है और उससे डरने की जरूरत नहीं है. ये हवेली जमीन के उपर दो मंजिलों की है. इस जगह से दाऊद का भावनात्मक लगाव रहा है क्योंकि यहीं पर उसका बचपन बीता. आज ये हवेली एक खंडहर में तब्दील हो गई है लेकिन अब से करीब 40 साल पहले तक दाऊद इब्राहिम का परिवार इसमें रहा करता था.
डरावने खंडहर में तब्दील हुई हवेली
दाऊद के पिता इब्राहिम कासकर की जब मुंबई पुलिस में नौकरी लग गई तो वे मुंबई कि पाकमोडिया स्ट्रीट में अपने परिवार के साथ बस गए. दाऊद भी इस वजह से मुंबई चला गया और वहां उसने अपराध जगत में अपना करियर बनाया. परिवार के बाकी सदस्यों के मुंबई चले जाने के बाद भी कई सालों तक यहां दाऊद की चार बहनों में से एक रहा करती थी. उसकी मृत्यु के बाद से ये हवेली सुनसान पड़ी है और अब एक डरावने खंडहर में तब्दील हो गई है.
केन्द्र सरकार के वित्त मंत्रालय ने दाऊद के स्मगलिंग के आरोपों में भगोड़ा घोषित किए जाने के बाद उसकी कई संपत्तियों को जब्त कर लिया था जिनमें से एक ये हवेली भी है. 27 गुनठा ज़मीन में फैली इस हवेली का रिजर्व प्राइस 5,35, 800 रुपए रखा गया है. बोली लगाने वालों को 135000 रुपये बयाना देना होगा.
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